गर्मी की मार के बीच रेल यात्रियों पर दोहरी मुसीबत: मथुरा जंक्शन से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट, प्लेटफॉर्म पर बढ़ी परेशानी-Train Delay
गर्मियों की छुट्टियों के दौरान देशभर में रेल यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में जहां एक ओर लोग भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रेनों की लगातार बढ़ती देरी/Train Delay यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। उत्तर भारत के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में शामिल मथुरा जंक्शन पर इन दिनों ऐसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां कई प्रमुख ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंच रही हैं।
ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण हजारों यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। गर्म मौसम, भीड़भाड़ और अनिश्चित प्रतीक्षा के चलते यात्रियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, छोटे बच्चों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई महत्वपूर्ण ट्रेनें घंटों की देरी से चल रहीं
रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार मथुरा जंक्शन से होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से संचालित हो रही हैं। इनमें उत्तर भारत और दक्षिण भारत को जोड़ने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार 11077 झेलम एक्सप्रेस लगभग 4 घंटे 30 मिनट की देरी से चल रही है। वहीं 12627 कर्नाटका एक्सप्रेस करीब 17 घंटे विलंबित बताई गई, जिससे यात्रियों की यात्रा योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं। इसके अलावा 22653 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग 4 घंटे 50 मिनट की देरी से संचालित हुई।
18477 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस करीब 3 घंटे 55 मिनट की देरी से चली, जबकि 06597 यशवंतपुर-ऋषिकेश समर स्पेशल लगभग 11 घंटे 25 मिनट की देरी से संचालित होने की जानकारी सामने आई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अन्य कई ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर देखा गया है।
प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करने को मजबूर यात्री
ट्रेनों के निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचने के कारण यात्रियों को स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह इंतजार और अधिक कठिन हो जाता है। कई यात्री अपने बच्चों और परिवार के साथ प्लेटफॉर्म पर बैठे नजर आए, जबकि कुछ लोग लगातार रेलवे पूछताछ केंद्रों और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेते दिखाई दिए।
छुट्टियों का मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में परिवार पर्यटन स्थलों, रिश्तेदारों के घरों और धार्मिक यात्राओं पर निकले हुए हैं। ऐसे में ट्रेनों की देरी का सीधा असर उनकी पूरी यात्रा योजना पर पड़ रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के विलंबित होने से आगे की बस, टैक्सी और अन्य कनेक्टिंग यात्राओं में भी समस्या उत्पन्न हो रही है।
गर्मी और भीड़ ने बढ़ाई चुनौतियां
इस समय उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। दोपहर के समय प्लेटफॉर्म पर खड़े रहना यात्रियों के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। रेलवे स्टेशनों पर पानी, बैठने की व्यवस्था और छायादार स्थानों की मांग भी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के दौरान रेल यात्रा का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहता है। स्कूलों की छुट्टियां, पर्यटन सीजन और धार्मिक यात्राओं के कारण लाखों अतिरिक्त यात्री रेलवे सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में किसी भी रेलखंड पर तकनीकी या अनुरक्षण कार्य का प्रभाव कई ट्रेनों के समय संचालन पर दिखाई देता है।
रेलवे ने बताई देरी की वजह
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम के अनुसार दक्षिण भारत के कई महत्वपूर्ण रेलखंडों पर अनुरक्षण और तकनीकी कार्य चल रहे हैं। रेल पटरियों, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य संरचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि इन कार्यों के कारण कुछ मार्गों पर ट्रेनों की गति और संचालन प्रभावित हुआ है, जिसका असर कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर देखने को मिल रहा है। रेलवे लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और ट्रेनों के संचालन को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अनुरक्षण कार्य भविष्य में सुरक्षित एवं सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।
समर स्पेशल ट्रेनों का भी किया जा रहा संचालन
गर्मियों की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे द्वारा कई समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को अतिरिक्त सीट उपलब्ध कराना और नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करना है।
हालांकि, विभिन्न रेलखंडों पर चल रहे तकनीकी कार्यों और बढ़ते परिचालन दबाव के कारण कुछ समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है। इसके बावजूद रेलवे अतिरिक्त संसाधनों और बेहतर समन्वय के माध्यम से यात्रियों को राहत देने का प्रयास कर रहा है।
यात्रियों को समय से पहले स्टेशन पहुंचने की सलाह
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। साथ ही संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त समय लेकर स्टेशन पहुंचें।
विशेषज्ञों का मानना है कि छुट्टियों के मौसम में यात्रा करने वाले यात्रियों को पेयजल, आवश्यक दवाइयां, बच्चों के लिए जरूरी सामग्री और मोबाइल चार्जिंग जैसी तैयारियां पहले से कर लेनी चाहिए, ताकि लंबे इंतजार की स्थिति में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गर्मी की छुट्टियों में रेलवे नेटवर्क पर बढ़ा दबाव
देशभर में गर्मियों की छुट्टियों के चलते रेलवे नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। लाखों लोग अपने घरों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थलों की ओर यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में प्रमुख जंक्शनों पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है।
मथुरा जंक्शन उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रेनों के विलंब का प्रभाव न केवल स्थानीय यात्रियों बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के यात्रियों पर भी पड़ रहा है।










