Mau-भाई को बचाने उतरीं दो बहनों की दर्दनाक मौत: तीन दिन बाद नदी से मिले शव, घड़ियालों की आशंका से दहला पूरा इलाका
News-Desk
4 min read
Mau News, उत्तर प्रदेश समाचार, उभांव बलिया, एसडीआरएफ, गजियापुर, घड़ियाल, डूबने की घटना, दो बहनों की मौत, नदी हादसा, पीएसी, मऊ न्यूज, मधुबन थानाउत्तर प्रदेश के Mau जिले से एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। मधुबन थाना क्षेत्र के गजियापुर गांव में स्नान के दौरान अपने भाई को बचाने के प्रयास में नदी में डूबीं दो सगी बहनों के शव घटना के तीन दिन बाद बरामद किए गए। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को दोनों बहनें अपने भाई के साथ नदी में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान भाई गहरे पानी में फंस गया। भाई को डूबता देख दोनों बहनों ने बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। भाई को बचाने की कोशिश में दोनों स्वयं तेज बहाव की चपेट में आ गईं और लापता हो गईं।
तीन दिन तक चला सर्च ऑपरेशन, छह किलोमीटर दूर मिले शव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए थे। दोनों बहनों की तलाश के लिए लगातार तीन दिनों तक व्यापक सर्च अभियान चलाया गया। गोरखपुर से आई 15 सदस्यीय एसडीआरएफ टीम तथा पीएसी की 20वीं बटालियन फ्लड यूनिट (आजमगढ़) ने नदी में लगातार खोज अभियान चलाया।
रविवार को दोनों बहनों के शव मऊ से लगभग छह किलोमीटर दूर बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र के मठिया गुलौरा गांव स्थित शिव स्थान के पास नदी में मिले। शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
छोटी बहन की टी-शर्ट से हुई पहचान, बड़ी बहन का शव क्षत-विक्षत मिला
पुलिस के अनुसार छोटी बहन प्रतिज्ञा के शव की पहचान उसकी टी-शर्ट के आधार पर की गई। वहीं बड़ी बहन प्रियांशु का शव अत्यंत क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। पुलिस ने बताया कि उसके शरीर का अधिकांश हिस्सा नहीं मिला और केवल दोनों पैरों के अवशेष ही बरामद हो सके।
इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद परिजन और ग्रामीण भावुक हो उठे। शवों की स्थिति ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
घड़ियालों की मौजूदगी की आशंका, जांच जारी
पुलिस ने प्रारंभिक आशंका जताई है कि जिस क्षेत्र में शव मिले, वहां नदी में घड़ियालों की मौजूदगी हो सकती है। अधिकारियों का अनुमान है कि इसी कारण बड़ी बहन के शव का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया होगा या जलीय जीवों द्वारा नष्ट कर दिया गया होगा।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
पूरे गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दोनों बेटियों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस साहस के साथ दोनों बहनों ने अपने भाई की जान बचाने की कोशिश की, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के लोगों का कहना है कि दोनों बहनों ने अपने भाई को बचाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
**नदी में बढ़ते हादसे चिंता का विषय
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर नदी और जलाशयों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है। बरसात और तेज बहाव के दौरान नदियों में स्नान या गहरे पानी में उतरना कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर स्थानीय प्रशासन द्वारा चेतावनी संकेत, सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता अभियान चलाए जाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

