पावटी Muzaffarnagar में शराब ठेके के विरोध में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: महिलाओं संग डीएम कार्यालय पहुंचे, 8 दिन का अल्टीमेटम; बोले- ‘शराब नहीं, स्कूल चाहिए’
News-Desk
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उत्तर प्रदेश समाचार, ग्रामीण प्रदर्शन, चरथावल, डीएम कार्यालय, पावटी गांव, महिला प्रदर्शन, मांगेराम त्यागी, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, शराब ठेका विरोध, स्थानीय समाचारचरथावल।Muzaffarnagar थाना क्षेत्र के गांव पावटी में प्रस्तावित शराब के ठेके को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाओं के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर गांव में प्रस्तावित शराब के ठेके को निरस्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गांव के भविष्य और युवाओं के हितों की रक्षा की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने किया। प्रदर्शन में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने इस मुद्दे को लेकर गांव में व्याप्त नाराजगी को स्पष्ट रूप से सामने रखा।
‘शराब का ठेका नहीं, स्कूल चाहिए’ के नारों से गूंजा डीएम कार्यालय
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “शराब का ठेका नहीं, स्कूल चाहिए”, “गांव बचाओ, युवा बचाओ” और अन्य नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांव में शराब का ठेका खुलने से सामाजिक माहौल प्रभावित होगा और युवाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से गांव के विकास और शिक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।
महिलाओं ने जताई चिंता, कहा- युवाओं का भविष्य होगा प्रभावित
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि गांव में शराब का ठेका खुलने से परिवारों और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना था कि शराब की आसान उपलब्धता से युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो सकता है।
महिलाओं ने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रस्तावित शराब ठेका निरस्त करने की मांग की।
मांगेराम त्यागी ने दिया 8 दिन का अल्टीमेटम
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मांगेराम त्यागी ने प्रशासन को आठ दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर गांव से प्रस्तावित शराब का ठेका नहीं हटाया गया, तो ग्रामीण व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण प्रतीकात्मक रूप से शराब के ठेके को बुग्गी पर रखकर जिलाधिकारी कार्यालय तक ले जाएंगे और आगे की रणनीति के तहत बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकारी नीतियों पर भी उठाए सवाल
मांगेराम त्यागी ने अपने संबोधन में सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बच्चे बड़े शहरों या विदेशों में शिक्षा प्राप्त करते हैं, जबकि गांवों में ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं जिन पर ग्रामीण आपत्ति जता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने गांव के सामाजिक वातावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह आंदोलन कर रहे हैं और जब तक समाधान नहीं होगा, उनका विरोध जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की जनभावनाओं का सम्मान करने की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय लोगों की राय और जनभावनाओं का सम्मान किया जाए। उनका कहना था कि गांव में विकास, शिक्षा और जनसुविधाओं को बढ़ावा देने वाले कार्य होने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील भी की।
मामला बना चर्चा का विषय
गांव पावटी में प्रस्तावित शराब के ठेके को लेकर शुरू हुआ विरोध क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को अल्टीमेटम दिए जाने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
फिलहाल ग्रामीणों ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाते रहेंगे।

