Kanpur में CM योगी का बड़ा संदेश: ‘आधुनिक तकनीक से जुड़ेगा अन्नदाता’, प्राकृतिक खेती को बताया नए भारत की ताकत
News-Desk
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उत्तर प्रदेश सरकार, कानपुर समाचार, किसान कल्याण, किसान सम्मान, कृषि तकनीक, कृषि समाचार, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, प्राकृतिक खेती कार्यशाला, यूपी राजनीति, सीएम योगी आदित्यनाथ, सीएसए कानपुरKanpur चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026 चर्चा का केंद्र रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया और कहा कि आने वाले समय में अन्नदाता को आधुनिक तकनीक से जोड़ना ही कृषि क्षेत्र में नई क्रांति का आधार बनेगा।
सीएसए परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भी भाग लिया।
प्राकृतिक खेती को बताया नई अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक पारंपरिक पद्धति नहीं है, बल्कि यह भारत की उभरती हुई नई कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश कृषि क्षेत्र में बड़े बदलावों की ओर बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की उत्पादन लागत कम की जा सकती है, मिट्टी की उर्वरता को संरक्षित किया जा सकता है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भारतीय कृषि रासायनिक निर्भरता से बाहर निकलकर प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ती है तो देश के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में एक विशेष पहचान और बेहतर मूल्य मिल सकता है।
‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदल रहा भारत’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश केवल आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो रहा, बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, आधारभूत संरचना और तकनीकी विकास जैसे क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है। इसी का परिणाम है कि आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना, कृषि को लाभकारी बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राकृतिक खेती को केवल सरकारी योजना तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक हर स्तर पर सहयोग मिले।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर अपनाया गया तो प्रदेश के लाखों किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का किया सम्मान
कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले किसानों ने प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार इस पद्धति ने उनकी लागत घटाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे किसान समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनके अनुभवों से अन्य किसान भी नई तकनीकों और वैकल्पिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और प्रयोगशीलता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
तकनीक और नवाचार को बताया किसानों की समृद्धि का मूल मंत्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में तकनीकी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक शोध का लाभ किसानों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, मिट्टी परीक्षण, मौसम आधारित कृषि सलाह और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक खेती को आधुनिक तकनीकी साधनों के साथ जोड़ा जाए तो कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन संभव है।
सीएसए परिसर में सुबह से जुटे सैकड़ों किसान
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कानपुर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही सीएसए परिसर पहुंचने लगे थे। कार्यशाला के लिए विशेष पंजीकरण व्यवस्था की गई थी, जहां किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
कई किसानों ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक पहलुओं को समझने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने भी किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
सीएम के दौरे को लेकर रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहे और उनकी सुरक्षा के लिए लगभग 450 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई। कार्यक्रम स्थल पर एंटी सबोटॉज टीम, स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू), डॉग स्क्वाड और पीएसी की दो कंपनियां भी तैनात रहीं।
विश्वविद्यालय परिसर में एक अस्थायी सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी बनाया गया, जहां से पूरे कार्यक्रम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल के आसपास ड्रोन संचालन पर भी विशेष निगरानी रखी गई।
उन्नाव में भी विकास और रोजगार पर बोले मुख्यमंत्री
कानपुर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव जिले के भवानखेड़ा गांव में आयोजित एक जनसभा को भी संबोधित किया। वहां उन्होंने प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के प्रयासों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्लस्टर और निवेश परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ और कानपुर क्षेत्र को विकास के नए कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कृषि और विकास का नया मॉडल बनने की ओर बढ़ रहा कानपुर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर केवल औद्योगिक नगरी के रूप में ही नहीं बल्कि कृषि नवाचार और तकनीकी विकास के केंद्र के रूप में भी अपनी नई पहचान बना सकता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, तकनीकी नवाचार और किसानों के सशक्तिकरण के माध्यम से प्रदेश में कृषि विकास का एक नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

