Seychelles में पीएम मोदी का भव्य स्वागत: गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित, राष्ट्रपति हर्मिनी संग अहम वार्ता; नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने
News-Desk
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यह यात्रा इसलिए भी विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया के 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का एक और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ स्वागत, राष्ट्रपति हर्मिनी ने किया औपचारिक अभिनंदन
रविवार सुबह आयोजित औपचारिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स की सेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। यह सम्मान किसी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के प्रति सम्मान और मित्रता का प्रतीक माना जाता है।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया और इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसेमंद संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर रही विशेष चर्चा
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच कोस्ट गार्ड सहयोग, समुद्री निगरानी, समुद्री डकैती की रोकथाम, खोज एवं बचाव अभियान तथा समुद्री संसाधनों की सुरक्षा जैसे विषय प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे।
भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में अपने मित्र देशों की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में सहयोग करता रहा है। सेशेल्स भी इस रणनीतिक क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोग प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और विस्तार देना है।
नेशनल असेंबली को संबोधित कर रचा नया इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा का सबसे ऐतिहासिक क्षण वह रहा जब उन्होंने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित किया। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली में संबोधन दिया है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सहयोग, वैश्विक शांति, समुद्री सुरक्षा और साझा विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने संबंधों को भविष्य में और अधिक व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि विश्वास, लोकतंत्र, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगा और दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास के साझा लक्ष्य की दिशा में मिलकर आगे बढ़ेंगे।
सेशेल्स को भारत का बना आधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल सौंपा
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत में निर्मित आधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल ‘पीएस लेस्पवार’ सौंपा। यह पोत सेशेल्स कोस्ट गार्ड की समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पोत के शामिल होने से सेशेल्स अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में बेहतर निगरानी, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और समुद्री सुरक्षा अभियानों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेगा।
भारत पिछले कई वर्षों से सेशेल्स की रक्षा और समुद्री सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने में सक्रिय सहयोग देता रहा है।
नेशनल बोटैनिकल गार्डन पहुंचे मोदी, एल्डाब्रा जायंट कछुओं को खिलाईं पत्तियां
राजधानी विक्टोरिया स्थित नेशनल बोटैनिकल गार्डन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने संयुक्त रूप से भ्रमण किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने स्मृति के रूप में एक पौधा भी लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां विश्व प्रसिद्ध एल्डाब्रा जायंट कछुओं को पत्तियां भी खिलाईं। इन विशालकाय कछुओं को दुनिया की सबसे लंबी उम्र वाली प्रजातियों में गिना जाता है।
सेशेल्स का भारत से रिश्ता 250 वर्षों से भी अधिक पुराना
भारत और सेशेल्स के संबंध केवल आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका इतिहास लगभग ढाई शताब्दी पुराना है।
वर्ष 1770 में जब सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई गई थी, तब वहां पहुंचने वाले लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे। इसके बाद 19वीं और 20वीं शताब्दी में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात सहित भारत के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग सेशेल्स जाकर बस गए।
आज लगभग 1.20 लाख की आबादी वाले इस द्वीपीय देश में भारतीय मूल के लोगों की हिस्सेदारी करीब आठ प्रतिशत मानी जाती है। भारतीय समुदाय वहां व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
पूर्व राष्ट्रपति की जड़ें भी बिहार से जुड़ी रहीं
सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन का पारिवारिक इतिहास भी भारत से जुड़ा रहा है। उनके पूर्वज बिहार के गोपालगंज जिले से जुड़े बताए जाते हैं। वर्षों पहले उनका परिवार भारत से मॉरीशस और बाद में सेशेल्स जाकर बस गया था।
यह ऐतिहासिक जुड़ाव दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और भी गहरा बनाता है।
एल्डाब्रा जायंट कछुए दुनिया भर में हैं प्रसिद्ध
सेशेल्स का एल्डाब्रा जायंट कछुआ दुनिया की सबसे प्रसिद्ध और सबसे अधिक आयु वाली कछुआ प्रजातियों में शामिल है। इनकी औसत आयु लगभग 150 वर्ष तक मानी जाती है।
इसी प्रजाति का जोनाथन नामक कछुआ दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर माना जाता है। वैज्ञानिक उसकी लंबी आयु के पीछे मौजूद जैविक कारणों पर लगातार अध्ययन कर रहे हैं ताकि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक नीति को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों के अनुसार सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, समुद्री डकैती की रोकथाम, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ नीति के तहत सेशेल्स की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भविष्य में दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश, पर्यटन और समुद्री सहयोग को नई गति देने वाली मानी जा रही है।

