Venezuela में फिर कांपी धरती: 5.6 तीव्रता के नए भूकंप से बढ़ी दहशत, 1,430 मौतें; हजारों लापता, राहत अभियान जारी
News-Desk
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Venezuela Earthquake, अंतरराष्ट्रीय समाचार, ऑपरेशन अमिस्ताद, कराकस, प्राकृतिक आपदा, भारत सहायता, भूकंप अपडेट, भूकंप समाचार, राहत अभियान, वेनेज़ुएला भूकंपदक्षिण अमेरिकी देश Venezuela एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा। रविवार को देश में 5.6 तीव्रता का नया भूकंप दर्ज किया गया, जिससे पहले से प्रभावित इलाकों में लोगों की चिंता और बढ़ गई। लगातार आ रहे झटकों के कारण बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार अब तक इस भीषण आपदा में 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और राहत एजेंसियां लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
समुद्र में था भूकंप का केंद्र, लगातार आ रहे आफ्टरशॉक
यूरो-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार रविवार को आए भूकंप का केंद्र अरागुआ तट के पास समुद्र में लगभग 30 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
यह नया झटका 24 जून को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो विनाशकारी भूकंपों के बाद महसूस किया गया। इसके अलावा शनिवार को भी 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। लगातार आ रहे इन झटकों से क्षतिग्रस्त इमारतों के और कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है।
1,430 मौतें, हजारों घायल और 68 हजार से अधिक लोग अब भी लापता
सरकारी अधिकारियों के अनुसार भूकंप के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी करीब 68,900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े भूकंप के बाद शुरुआती 48 से 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसी अवधि में जीवित लोगों को सुरक्षित निकालने की संभावना सबसे अधिक रहती है। समय बीतने के साथ बचाव अभियान और कठिन होता जाता है।
राहत टीमों की कमी, परिजन खुद हटा रहे मलबा
कई प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण स्थानीय लोग स्वयं अपने परिजनों की तलाश में जुटे हुए हैं।
कई परिवार हथौड़े, फावड़े और अन्य औजारों की मदद से ढही हुई इमारतों का मलबा हटाकर अपने प्रियजनों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। कई स्थानों पर भारी मशीनें समय पर नहीं पहुंच पाने से बचाव कार्य की गति प्रभावित हुई है।
भूकंप से तबाह हुए शहर, हजारों लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
भूकंप ने कई शहरों में भारी तबाही मचाई है। अनेक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं या पूरी तरह ढह चुकी हैं। बिजली, संचार और अन्य आवश्यक सेवाएं भी कई इलाकों में प्रभावित हुई हैं।
बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सड़कों, पार्कों और अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का पानी और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’
वेनेजुएला की सहायता के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। स्पेनिश भाषा में ‘अमिस्ताद’ का अर्थ ‘दोस्ती’ होता है।
इस अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के माध्यम से लगभग 35 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इनमें दवाइयां, मेडिकल उपकरण और आपातकालीन राहत सामग्री शामिल हैं।
इसके अलावा भारत ने 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट की 41 सदस्यीय मेडिकल टीम भी वेनेजुएला भेजी है। इस टीम में डॉक्टर, नर्स और अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में इलाज और अस्थायी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं।
24 देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड सहित 24 देशों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग की पेशकश की है।
अब तक प्रभावित क्षेत्रों में 521 टन राहत सामग्री, 86 प्रशिक्षित खोजी डॉग स्क्वॉड तथा 2,741 से अधिक खोज एवं बचाव कर्मी पहुंच चुके हैं। ये सभी स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर राहत अभियान चला रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने भी अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को तैनात करने की घोषणा की है, ताकि बचाव कार्यों को और गति मिल सके।
एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त होने से राहत पहुंचाने में चुनौती
राहत एजेंसियों के अनुसार देश का प्रमुख एयरपोर्ट भी भूकंप से प्रभावित हुआ है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर राहत सामग्री पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।
मानवीय सहायता संगठनों का कहना है कि पड़ोसी देशों में पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध है, लेकिन उसे प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
लाखों लोग प्रभावित, आवश्यक सेवाएं ठप
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार इस भीषण आपदा से करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं।
भूकंप के बाद अनेक इलाकों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है। हजारों परिवार अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, जबकि राहत एजेंसियां भोजन, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं।
राहत अभियान के बीच आफ्टरशॉक से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े भूकंप के बाद आने वाले झटके पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा करते हैं। ऐसे में राहत एवं बचाव कार्य कर रही टीमों को अत्यधिक सतर्कता के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त भवनों में प्रवेश न करने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

