कांवड़ यात्रा से पहले बड़ा संकट: Muzaffarnagar NH-58 की सर्विस रोड बनी तालाब, बरला के ग्रामीणों का प्रदर्शन; लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर चिंता
News-Desk
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग से गुजरने वाले लाखों शिवभक्तों को भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
बारिश के बाद सर्विस रोड बनी तालाब
हाल की बारिश के बाद बरला गांव के पास एनएच-58 की सर्विस रोड पर पानी भर गया। जलभराव इतना अधिक हो गया कि सड़क कई स्थानों पर तालाब जैसी दिखाई देने लगी। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जमा पानी के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
नाले की सफाई न होने से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों के अनुसार बरला पुलिस चौकी के समीप स्थित चौराहे पर बना नाला लंबे समय से मिट्टी और गाद से पूरी तरह भर चुका है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी नाले से निकल नहीं पाता और पूरी सर्विस रोड पर जमा हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी बाधित होने से हर बारिश के बाद यही स्थिति बन जाती है और समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
घरों तक पहुंचने लगा पानी
जलभराव का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार आसपास के कई मकानों के रास्तों में भी पानी भर गया है और कुछ स्थानों पर पानी घरों के नजदीक तक पहुंच गया है।
इस कारण स्थानीय निवासियों को दैनिक जीवन में भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आने-जाने में विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को दी, लेकिन अब तक नाले की सफाई या स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते उन्हें हर वर्ष बरसात के मौसम में इसी समस्या का सामना करना पड़ता है।
खुद फावड़ा लेकर पानी निकालने को मजबूर ग्रामीण
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई ग्रामीण स्वयं फावड़े लेकर जल निकासी का प्रयास करते नजर आए। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन खुद ही पानी निकालने का प्रयास करना पड़ा।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सफाई कार्य कर दिया जाता तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती।
कांवड़ यात्रा को लेकर बढ़ी चिंता
बरला से होकर गुजरने वाला मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल माना जाता है। श्रावण मास में बड़ी संख्या में शिवभक्त इसी रास्ते से अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलभराव की समस्या जल्द दूर नहीं की गई तो कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और वाहनों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने प्रशासन से यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल अस्थायी सफाई के बजाय नाले की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और सर्विस रोड पर जलभराव रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल बरसात के मौसम में राहत मिलेगी बल्कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों के दौरान भी आवागमन सुचारु बना रहेगा।

