Muzaffarnagar में डीसीडीसी बैठक: CDO कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने सहकारिता योजनाओं की समीक्षा की, B-PACS, कृषि अवसंरचना और डेयरी समितियों पर दिए अहम निर्देश
News-Desk
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Muzaffarnagar News, कृषि अवसंरचना, जिला सहकारी बैंक, डीसीडीसी बैठक, डेयरी समिति, नाबार्ड, बी-पैक्स, मुख्य विकास अधिकारी, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, विकास भवन, सहकारिता विभागMuzaffarnagar। जनपद में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (DCDC) की महत्वपूर्ण बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने की। बैठक में सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण, कृषि अवसंरचना के विकास, राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस के अद्यतन, कम्प्यूटरीकरण, डेयरी समितियों को मजबूत बनाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस और बी-पैक्स समितियों को मजबूत बनाने पर जोर
डीसीडीसी बैठक में राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस को अद्यतन करने की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न सहकारी समितियों से संबंधित आंकड़ों को समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके साथ ही बी-पैक्स (B-PACS) सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि मजबूत प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कृषि अवसंरचना विकास और कम्प्यूटरीकरण पर हुई समीक्षा
बैठक में कृषि अवसंरचना विकास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा कृषि ऋण सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सहकारी समितियों में डिजिटल व्यवस्था को तेजी से लागू किया जाए, ताकि किसानों को पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कम्प्यूटरीकरण से रिकॉर्ड प्रबंधन और वित्तीय लेनदेन में भी पारदर्शिता बढ़ेगी।
उर्वरक लाइसेंस प्रशिक्षण और डेयरी समितियों के बैंक खातों पर चर्चा
बैठक में उर्वरक लाइसेंस प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से समितियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा डेयरी सहकारी समितियों के बैंक खाते जिला सहकारी बैंक, मुजफ्फरनगर में खुलवाने के विषय पर भी चर्चा हुई, जिससे समितियों के वित्तीय संचालन को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
बी-पैक्स समितियों के राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने जनपद की बी-पैक्स सहकारी समितियों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन समितियों का नाम अभी तक राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं है, उनके संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। विशेष रूप से संबंधित राजस्व ग्राम और गाटा संख्या का विवरण तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों का मानना है कि इससे समितियों की प्रशासनिक और कानूनी स्थिति और अधिक स्पष्ट एवं मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री जन पशु औषधि केंद्र योजना पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेन्द्र गुप्ता ने जानकारी दी कि सहकारी समितियां पशु चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन पशु औषधि केंद्र योजना के अंतर्गत औषधि केंद्र संचालित कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा औषधि केंद्र की स्थापना के लिए 1.50 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पशुपालकों को सस्ती और सुलभ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
समयबद्ध कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग से जुड़े सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक समय पर पहुंचना चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य, डेयरी और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अरिमर्दन सिंह गौर, डीडीएम नाबार्ड निलय वत्स, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेन्द्र गुप्ता, सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. अनीता, अपर जिला सहकारी अधिकारी सुनील सैनी, दुग्धशाला विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास और किसानों के हित में सहकारिता को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी समितियों को डिजिटल रूप से मजबूत करने, कृषि अवसंरचना को विकसित करने, डेयरी और पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा बैंकिंग सुविधाओं को विस्तार देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी उन्नयन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।

