Muzaffarnagar में गोकशी केस का खुलासा, मुठभेड़ में दो आरोपी घायल! निर्माणाधीन मकान से निकले बदमाश, 5.5 किलो गोमांस और तमंचे बरामद
Muzaffarnagar में थाना नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक गोकशी के मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान दो कथित आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 315 बोर के दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने 5.5 किलोग्राम कथित गोमांस बरामद करने की भी जानकारी दी है।
मुठभेड़ के दौरान आरोपियों का एक तीसरा साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में आसपास के खेतों और संभावित ठिकानों पर कॉम्बिंग कर रही हैं।
पूरी कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने थाना सिविल लाइन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
11 अगस्त की घटना से जुड़ा था पूरा मामला
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 11 अगस्त को सामने आई एक घटना की जांच से जुड़ी है। थाना नई मंडी क्षेत्र में पचैंडा रोड पर एडीआई फर्नीचर के सामने नाले के पास एक गोवंश का सिर क्षत-विक्षत हालत में मिला था।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया। थाना नई मंडी में मुकदमा अपराध संख्या 390/2026 दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार इस मामले में गौवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत कार्रवाई की गई थी।
घटना के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती थी। इसके लिए विशेष टीमों को लगाया गया।
पुलिस और एसओजी ने शुरू की आरोपियों की तलाश
मामले के खुलासे के लिए थाना नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम सक्रिय हुई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से जानकारी जुटाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को कथित आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया।
इसी सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि मामले से जुड़े तीन आरोपी पचैंडा रोड से ग्राम नसीरपुर जाने वाले रास्ते पर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में छिपे हुए हैं।
पुलिस को यह भी सूचना मिली कि उनके पास अवैध हथियार मौजूद हैं।
निर्माणाधीन मकान में छिपे थे तीन आरोपी
मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बताए गए निर्माणाधीन मकान की ओर रवाना हुई।
पुलिस के अनुसार टीम ने मकान को घेरने की कोशिश की। इसी दौरान अंदर मौजूद लोगों को पुलिस की मौजूदगी का पता चल गया।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिसकर्मियों ने अपनी सुरक्षा के लिए मोर्चा संभाला।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने शुरू की फायरिंग
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार निर्माणाधीन मकान में मौजूद आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से सीधी गोलीबारी की।
पुलिस का कहना है कि फायरिंग करते हुए आरोपी मकान से निकलकर आसपास के खेतों की तरफ भागने लगे।
पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और चारों ओर से घेराबंदी करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस की ओर से आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार जवाबी फायरिंग में दो आरोपियों को पैर में गोली लगी।
दो आरोपी गोली लगने से घायल, मौके पर पकड़े गए
मुठभेड़ के दौरान घायल हुए दोनों आरोपियों को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार दोनों के पैर में गोली लगी थी।
गिरफ्तारी के बाद दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीशान उर्फ कल्लू पुत्र मकसूद और फरमान पुत्र पप्पू के रूप में बताई है।
जीशान उर्फ कल्लू इमरान कॉलोनी, थाना सिविल लाइन का निवासी बताया गया है। वहीं फरमान भी इमरान कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर का रहने वाला बताया गया है।
तीसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद एक तीसरा व्यक्ति पुलिस की पकड़ से निकल गया।
पुलिस के अनुसार तीसरे आरोपी ने अंधेरे और आसपास के खेतों का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफलता हासिल की।
उसकी तलाश के लिए पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में कॉम्बिंग शुरू कर दी है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर भी दबिश दे रही है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपी की पहचान और उसके संभावित ठिकाने का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
दो तमंचे, कारतूस और कथित गोमांस बरामद
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 315 बोर के दो अवैध तमंचे मिले।
इसके साथ दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस भी बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस ने 5.5 किलोग्राम कथित गोमांस भी बरामद किया है।
हथियारों की बरामदगी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बरामद मांस को जांच के लिए भेजे जाने और अन्य फोरेंसिक प्रक्रिया के आधार पर मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
5.5 किलो कथित गोमांस मिलने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार दोनों गिरफ्तार आरोपियों के पास से 5.5 किलोग्राम गोमांस बरामद हुआ। इस बरामदगी को पुलिस ने मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।
हालांकि किसी भी बरामद सामग्री की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और संबंधित परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होती है। पुलिस द्वारा बरामद सामग्री को केस की विवेचना में शामिल किया गया है।
इस आधार पर आरोपियों के खिलाफ नया मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
11 अगस्त की घटना के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार पचैंडा रोड पर गोवंश का सिर मिलने के बाद मुकदमा अपराध संख्या 390/2026 दर्ज किया गया था।
यह मामला गौवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत दर्ज हुआ था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी इसी मुकदमे से संबंधित हैं। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान और ठिकाने का पता लगाया।
इसके बाद निर्माणाधीन मकान में कार्रवाई की गई।
नई मंडी क्षेत्र में पुलिस ने बढ़ाई थी निगरानी
घटना के बाद नई मंडी थाना पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई थी। पचैंडा रोड और आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।
जांच टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और संभावित आरोपियों की तलाश की।
पुलिस के मुताबिक इसी प्रक्रिया के दौरान आरोपियों के छिपे होने की जानकारी मिली।
पुलिस के सामने अब फरार आरोपी को पकड़ने की चुनौती
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। पुलिस के सामने तीसरे आरोपी को पकड़ने की चुनौती है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार खेतों और आसपास के संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करके फरार व्यक्ति की पहचान, उसके ठिकाने और मामले में कथित भूमिका की जानकारी जुटा रही है।
आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
किसी आरोपी के खिलाफ पहले से कोई मुकदमा दर्ज है या नहीं, उसकी प्रकृति क्या है और वर्तमान मामले से उसका कोई संबंध है या नहीं—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर उनका आपराधिक इतिहास स्पष्ट किया जाएगा।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पत्रकारों को दी जानकारी
थाना सिविल लाइन परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मामले की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को सामने आए मामले के खुलासे के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया था। जांच के दौरान प्राप्त सूचना के आधार पर नई मंडी पुलिस और एसओजी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
एसएसपी के अनुसार पुलिस टीम ने निर्माणाधीन मकान में मौजूद आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हुए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ के घटनाक्रम की भी होगी जांच
किसी भी पुलिस मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी पुलिस के अनुसार फायरिंग दोनों तरफ से हुई।
बरामद तमंचे, जिंदा कारतूस और खोखे जांच का हिस्सा होंगे। घटनास्थल से मिलने वाले अन्य साक्ष्यों के साथ इन्हें भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।
मेडिकल रिपोर्ट में घायल आरोपियों की चोटों का विवरण भी केस रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगा।
नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
पूरी कार्रवाई थाना नई मंडी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने की।
थाना नई मंडी की टीम में प्रभारी निरीक्षक आनन्द देव मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक अमित कुमार, उपनिरीक्षक संदीप चौधरी और उपनिरीक्षक शुभम चौहान शामिल रहे।
एसओजी की ओर से एसओजी प्रभारी मोहित सिंह और उपनिरीक्षक अजय गौड़ ने कार्रवाई में हिस्सा लिया।
इसके अलावा हेड कांस्टेबल जितेंद्र त्यागी, हेड कांस्टेबल नितिन मलिक, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल शीतल देव और हेड कांस्टेबल इमरान भी टीम का हिस्सा रहे।
कांस्टेबल कुलदीप, हिमांशु, मोहित पाठक, दिनेश बाना, मुनेश कुमार, रोहित कुमार और राजीव अत्री ने भी कार्रवाई में योगदान दिया।
पुलिस टीम ने सुराग से गिरफ्तारी तक पहुंचाया अभियान
किसी घटना के बाद आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए कई चरणों वाली प्रक्रिया होती है। इस मामले में पुलिस ने पहले 11 अगस्त की घटना की जांच शुरू की और फिर संदिग्धों की तलाश की।
जांच में मिले सुराग के आधार पर निर्माणाधीन मकान की सूचना मिली। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी हुई।
निर्माणाधीन मकान बना आरोपियों का कथित ठिकाना
पुलिस के अनुसार आरोपी पचैंडा रोड से नसीरपुर जाने वाले रास्ते पर स्थित निर्माणाधीन मकान में छिपे थे।
निर्माणाधीन भवनों में अक्सर कम आवाजाही होने के कारण वहां किसी व्यक्ति का लंबे समय तक मौजूद रहना स्थानीय लोगों की नजर से बच सकता है।
पुलिस को मिली सूचना के बाद उस स्थान पर कार्रवाई की गई और आरोपियों को घेरने का प्रयास किया गया।
पुलिस के अनुसार खेतों की तरफ भागे आरोपी
मुठभेड़ के दौरान पुलिस का कहना है कि आरोपी निर्माणाधीन मकान से निकलकर खेतों की ओर भागे। पुलिस ने उनका पीछा किया और घेराबंदी की।
खेतों का खुला क्षेत्र होने के बावजूद रात के समय आरोपी के भागने की संभावना रहती है। इसी दौरान दो आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए।
तीसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।
फरार आरोपी की तलाश में कॉम्बिंग जारी
पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश में आसपास के खेतों और संभावित ठिकानों पर कॉम्बिंग शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करके फरार आरोपी के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
संभावित ठिकानों की पहचान होने के बाद पुलिस वहां दबिश भी दे रही है।
गोकशी के मामलों पर अभियान जारी रखने का दावा
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि जिले में गोकशी और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा।
पुलिस के अनुसार ऐसे मामलों में सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें सक्रिय रखी जा रही हैं।
जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने निगरानी जारी रखने की बात कही है।
पचैंडा रोड की घटना से मुठभेड़ तक पहुंची जांच
11 अगस्त को एडीआई फर्नीचर के सामने नाले के पास गोवंश का सिर मिलने से शुरू हुई जांच कुछ ही समय बाद आरोपियों की तलाश तक पहुंची।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, विशेष टीम बनाई और संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसके बाद कथित रूप से आरोपियों के छिपे होने की सूचना मिली।
निर्माणाधीन मकान में कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ हुई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच के कई चरणों को सामने रखता है।
मामले में बरामदगी की भी होगी कानूनी जांच
पुलिस ने दो तमंचे, कारतूस और 5.5 किलोग्राम कथित गोमांस बरामद करने की जानकारी दी है।
अब इन बरामद वस्तुओं को जांच में शामिल किया जाएगा। हथियारों की तकनीकी जांच और कथित मांस के परीक्षण जैसी प्रक्रियाएं मामले के साक्ष्य को मजबूत या स्पष्ट करने में भूमिका निभा सकती हैं।
कानूनी तौर पर आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जांच का अगला चरण
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कई सवालों के जवाब तलाशने हैं। घटना में तीसरे व्यक्ति की भूमिका क्या थी? 11 अगस्त की घटना और वर्तमान कार्रवाई के बीच पूरी कड़ी क्या है? बरामद सामग्री का स्रोत क्या है? और क्या आरोपी पहले भी ऐसी किसी घटना में शामिल रहे हैं?
पुलिस पूछताछ और विवेचना के जरिए इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं और उन्हें गिरफ्तार किया है। लेकिन कानून के अनुसार गिरफ्तार किया गया व्यक्ति अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी ही होता है।
पुलिस द्वारा बताए गए घटनाक्रम, पूछताछ में सामने आए कथित बयान और बरामदगी को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों की कसौटी पर परखा जाएगा।
अंतिम रूप से अपराध सिद्ध होने या न होने का निर्णय अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगा।
मुजफ्फरनगर में पुलिस कार्रवाई के बाद अब फरार साथी पर नजर
फिलहाल इस मामले में पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता फरार तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करना है। उसके संभावित ठिकानों की तलाश की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गतिविधियां बढ़ाई गई हैं।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को फरार व्यक्ति तक पहुंचने की उम्मीद है।
इसके साथ ही पुलिस 11 अगस्त के मूल मुकदमे की जांच भी आगे बढ़ा रही है।
जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस का सख्त रुख
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जिले में गोकशी और अन्य अपराधों पर नियंत्रण के लिए अभियान जारी रहेगा।
नई मंडी क्षेत्र की यह कार्रवाई पुलिस की ओर से प्राप्त सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया और संयुक्त टीम के इस्तेमाल का उदाहरण बताई गई है।
अब इस कार्रवाई के बाद जांच के अगले चरण और फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर नजर रहेगी।
Muzaffarnagar Cow Slaughter Case में दो गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार इस मामले में दो आरोपी जीशान उर्फ कल्लू और फरमान गिरफ्तार किए जा चुके हैं। दोनों मुठभेड़ के दौरान घायल हुए और उपचार के लिए अस्पताल भेजे गए।
एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने दो तमंचे, चार कारतूस और 5.5 किलोग्राम कथित गोमांस बरामद किए जाने की जानकारी दी है। मूल घटना में गोवंश का सिर मिलने के बाद दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई।
अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका, फरार आरोपी की पहचान और पुराने मुकदमे से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

