Muzaffarnagar में रोटरी का भव्य ‘कर्म विस्तार’ इंटरसिटी कार्यक्रम, 500 रोटेरियंस की मौजूदगी में सेवा और स्थायी बदलाव का संदेश
Muzaffarnagar में रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3100 के तत्वावधान में वर्ष के पहले इंटरसिटी कार्यक्रम ‘कर्म विस्तार’ का भव्य आयोजन किया गया। सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय कार्यों को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रोटेरियंस ने भाग लिया। कार्यक्रम को विशेष रूप से ‘द रोटरी फाउंडेशन’ को समर्पित किया गया, ताकि रोटरी से जुड़े सदस्यों को फाउंडेशन के माध्यम से समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा सके।
डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो-पायल गौर के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से रोटेरियंस पहुंचे। कार्यक्रम में करीब 500 रोटेरियंस की मौजूदगी रही, जिससे आयोजन को व्यापक स्तर मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान रोटरी की सेवा भावना, सामूहिक प्रयास और समाज में स्थायी परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर विशेष चर्चा हुई।
आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में रो-इंटरनेशनल डायरेक्टर फ्लाइट लेफ्टिनेंट के.पी. नागेश, बेंगलुरु से शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में ईएमजी जोन 6 पीडीजी पवन अग्रवाल, काशीपुर तथा विशेष अतिथि पीडीजी प्रफुल्ल शर्मा, मुंबई मौजूद रहे। आयोजकों ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
‘कर्म विस्तार’ के जरिए सेवा को व्यापक बनाने की पहल
रोटरी इंटरसिटी मुजफ्फरनगर का यह आयोजन केवल संगठनात्मक बैठक तक सीमित नहीं रहा। ‘कर्म विस्तार’ नाम के अनुरूप कार्यक्रम में रोटरी की सेवा गतिविधियों को और व्यापक बनाने तथा अधिक से अधिक रोटेरियंस को सामाजिक कार्यों से जोड़ने की दिशा पर जोर दिया गया।
आयोजकों के अनुसार रोटरी फाउंडेशन के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किए जाते हैं। इसलिए इस इंटरसिटी कार्यक्रम को फाउंडेशन के प्रति समर्पित करते हुए रोटेरियंस को यह समझाने का प्रयास किया गया कि व्यक्तिगत योगदान के साथ सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सामाजिक परियोजनाओं का प्रभाव और बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सेवा को केवल आर्थिक सहयोग या दान तक सीमित नहीं रखने की बात सामने आई। इसके बजाय ऐसे कार्यों पर जोर दिया गया, जिनका लाभ लंबे समय तक समुदाय को मिल सके।
मुख्य अतिथि के.पी. नागेश ने रोटरी फाउंडेशन की भूमिका पर डाला प्रकाश
मुख्य अतिथि रो-इंटरनेशनल डायरेक्टर फ्लाइट लेफ्टिनेंट के.पी. नागेश ने अपने संबोधन में रोटरी फाउंडेशन की अंतरराष्ट्रीय भूमिका और उसके माध्यम से चलने वाली मानवीय सेवा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि रोटरी फाउंडेशन दुनिया के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, शांति स्थापना और पोलियो उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं को सहयोग प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में किए जाने वाले प्रयास केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं होते, बल्कि समुदायों में दीर्घकालिक सुधार लाने का प्रयास भी करते हैं।
‘कर्म विस्तार’ के माध्यम से उन्होंने रोटेरियंस को फाउंडेशन के कार्यों, उसके प्रभाव और समाज में स्थायी परिवर्तन लाने में इसकी भूमिका के महत्व से अवगत कराया।
स्वास्थ्य और शिक्षा से लेकर स्वच्छ पानी तक सेवा का व्यापक दायरा
रोटरी फाउंडेशन से जुड़े सेवा क्षेत्रों का दायरा काफी व्यापक है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा, स्वच्छ पेयजल और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सामुदायिक जरूरतों के अनुसार परियोजनाएं संचालित की जाती हैं।
कार्यक्रम में इन विषयों का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया कि समाज सेवा के क्षेत्र में किसी एक समस्या पर ध्यान देने के बजाय समुदाय की अलग-अलग जरूरतों को समझना जरूरी है।
स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी दीर्घकालिक सामाजिक जरूरतों तक, विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध हस्तक्षेप लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में योगदान दे सकते हैं।
पोलियो उन्मूलन को लेकर रोटरी के योगदान का उल्लेख
कार्यक्रम में रोटरी द्वारा पोलियो उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का भी संदर्भ सामने आया। पोलियो उन्मूलन के लिए लंबे समय से चल रहे वैश्विक प्रयासों में रोटरी की भूमिका का उल्लेख रोटेरियंस के लिए प्रेरणा का विषय रहा।
पोलियो जैसी बीमारी के खिलाफ जागरूकता, टीकाकरण और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना स्वास्थ्य क्षेत्र में सामूहिक प्रयास का उदाहरण माना जाता है।
कार्यक्रम में इस तरह की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए रोटरी फाउंडेशन के माध्यम से सामाजिक सेवा को आगे बढ़ाने के लिए सदस्यों को प्रेरित किया गया।
डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो-पायल गौर ने सेवा को स्थायी बदलाव से जोड़ा
डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो-पायल गौर ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था द्वारा किया गया कार्य केवल योगदान तक सीमित नहीं है। वास्तविक उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाना है।
उन्होंने ‘कर्म विस्तार’ की अवधारणा को इसी सोच से जोड़ते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोगों को समाज सेवा के कार्यों से जोड़ना जरूरी है।
उनके अनुसार किसी भी सेवा परियोजना का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ समाज में लंबे समय तक बना रहे। इसीलिए रोटेरियंस को फाउंडेशन की परियोजनाओं और सेवा गतिविधियों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया गया।
सम्मान समारोह में वरिष्ठ रोटेरियंस को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान रोटरी से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रमुख सदस्यों का भी सम्मान किया गया। आयोजकों द्वारा माल्यार्पण के साथ स्मृति चिह्न प्रदान कर विभिन्न पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में पास्ट डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जी.एस. धामा, अशोक गुप्ता, राजीव रस्तोगी, नीरज अग्रवाल, हरि गुप्ता, दीपक जैन, संगीता, संजीव रस्तोगी और वी.के. शर्मा शामिल रहे।
इसके अलावा डीजीई काव्या रस्तोगी और डीजीएन प्रतीश सिंह को भी माल्यार्पण एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह ने कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ सदस्यों के योगदान को रेखांकित किया और संगठन के भीतर लंबे समय से सेवा गतिविधियों से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कई जिलों और क्षेत्रों से पहुंचे रोटेरियंस
इंटरसिटी कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषताओं में विभिन्न क्षेत्रों से रोटेरियंस की सहभागिता रही। मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, चंदौसी, बुलंदशहर, मुरादाबाद, श्रीनगर और पौड़ी गढ़वाल सहित कई क्षेत्रों से रोटेरियंस कार्यक्रम में पहुंचे।
विभिन्न क्षेत्रों से सदस्यों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को अंतर-क्षेत्रीय स्वरूप दिया। ऐसे आयोजनों के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे सेवा कार्यों, अनुभवों और भविष्य की संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान भी संभव होता है।
करीब 500 रोटेरियंस की उपस्थिति ने आयोजन के व्यापक स्तर को दर्शाया। कार्यक्रम में सेवा से जुड़े विचारों और अनुभवों को साझा करने के साथ संगठनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करने का प्रयास किया गया।
मुजफ्फरनगर टीम की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुजफ्फरनगर टीम की ओर से ले-गवर्नर अनिल प्रकाश बंसल, चीफ कोऑर्डिनेटर डॉ. एम.एल. गर्ग, रीजन कोऑर्डिनेटर अरविंद गर्ग और असिस्ट-गवर्नर विशाल कालरा का विशेष योगदान रहा।
इसके साथ ही पंकज त्यागी, अंकित मित्तल, नितिन मित्तल, रीजनल सचिव नितिन बंसल और डायरेक्टर सर्विसेज अरविंद गुप्ता ने भी कार्यक्रम के आयोजन में अपनी भूमिका निभाई।
स्थानीय टीम की सक्रिय भागीदारी के कारण कार्यक्रम को बेहतर समन्वय के साथ आयोजित करने में मदद मिली।
रोटरी की सेवा भावना को नई ऊर्जा देने की कोशिश
‘कर्म विस्तार’ का एक प्रमुख संदेश यह रहा कि समाज सेवा के कार्यों में निरंतरता और सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। रोटरी जैसे स्वयंसेवी संगठन में अलग-अलग पेशे और क्षेत्रों से जुड़े लोग अपने अनुभव और संसाधनों के माध्यम से सामाजिक कार्यों में योगदान देते हैं।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि सेवा परियोजनाओं को समुदाय की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पेयजल और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों की पहचान करके काम करने से परियोजनाओं का प्रभाव अधिक व्यापक हो सकता है।
इसी सोच के साथ रोटरी फाउंडेशन की भूमिका को रोटेरियंस के सामने रखा गया।
समाज सेवा में केवल संसाधन नहीं, सही दिशा भी जरूरी
कार्यक्रम के दौरान सामने आया विचार यह भी रहा कि सामाजिक सेवा के लिए केवल संसाधन उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है। संसाधनों का सही उपयोग, जरूरतमंद समुदाय तक पहुंच और परियोजना के प्रभाव का आकलन भी उतना ही जरूरी है।
किसी क्षेत्र में स्कूलों की आवश्यकता अलग हो सकती है और किसी दूसरे क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल या स्वास्थ्य सेवाओं की। इसलिए सामाजिक परियोजनाओं की योजना स्थानीय परिस्थितियों और वास्तविक जरूरतों के आधार पर बनाए जाने की आवश्यकता होती है।
रोटरी फाउंडेशन को समर्पित ‘कर्म विस्तार’ कार्यक्रम में इसी तरह की योजनाबद्ध सेवा भावना को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मानवीय सेवा का बड़ा महत्व
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सामाजिक संगठनों की भूमिका कई स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकती है। स्वास्थ्य जांच, जागरूकता, चिकित्सा सहायता और जरूरतमंद लोगों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने जैसे कार्यों में स्वयंसेवी संस्थाएं सहयोग कर सकती हैं।
रोटरी फाउंडेशन के स्वास्थ्य संबंधी कार्यों का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम में बताया गया कि मानवीय सेवा का उद्देश्य लोगों की बुनियादी जरूरतों को संबोधित करना और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान में सहयोग देना है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में रखा गया।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ पानी भी सेवा के महत्वपूर्ण क्षेत्र
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ पेयजल का भी उल्लेख किया गया। बदलते पर्यावरणीय हालात के बीच स्वच्छ पानी की उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण दुनिया के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण चुनौती बने हुए हैं।
सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकते हैं।
रोटरी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों में किए जाने वाले प्रयासों का उल्लेख करते हुए रोटेरियंस को भविष्य में भी सेवा गतिविधियों को विस्तार देने के लिए प्रेरित किया गया।
‘कर्म विस्तार’ नाम में ही छिपा है कार्यक्रम का संदेश
कार्यक्रम का नाम ‘कर्म विस्तार’ रखा जाना भी अपने आप में सेवा गतिविधियों के विस्तार का संकेत देता है। इसका उद्देश्य केवल रोटरी की मौजूदा गतिविधियों की जानकारी देना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक सदस्यों को सक्रिय सेवा से जोड़ना बताया गया।
सामाजिक सेवा का दायरा तभी बढ़ सकता है जब संगठन से जुड़े लोग अपनी क्षमता के अनुसार योगदान करें और अलग-अलग क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं के साथ जुड़ें।
इसी सोच के साथ कार्यक्रम में फाउंडेशन के माध्यम से सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की अपील की गई।
इंटरसिटी कार्यक्रम ने जोड़े अलग-अलग क्षेत्रों के रोटेरियंस
इंटरसिटी कार्यक्रमों की एक खासियत यह होती है कि इनमें अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों से जुड़े सदस्य एक मंच पर आते हैं। इससे अनुभव साझा करने और नए सहयोग की संभावनाएं बनती हैं।
मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम में मेरठ से लेकर श्रीनगर और पौड़ी गढ़वाल तक के रोटेरियंस की मौजूदगी रही। इससे कार्यक्रम का दायरा स्थानीय आयोजन से आगे बढ़कर क्षेत्रीय स्तर तक पहुंचा।
करीब 500 सदस्यों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया और रोटरी की विभिन्न इकाइयों के बीच संपर्क को मजबूत किया।
कार्यक्रम में संगठनात्मक समन्वय भी रहा प्रमुख
इतने बड़े आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय की आवश्यकता होती है। मुजफ्फरनगर टीम से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों ने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं।
ले-गवर्नर अनिल प्रकाश बंसल से लेकर चीफ कोऑर्डिनेटर डॉ. एम.एल. गर्ग और रीजन कोऑर्डिनेटर अरविंद गर्ग तक कई पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में योगदान दिया।
असिस्ट-गवर्नर विशाल कालरा, पंकज त्यागी, अंकित मित्तल, नितिन मित्तल, रीजनल सचिव नितिन बंसल और डायरेक्टर सर्विसेज अरविंद गुप्ता की सहभागिता भी आयोजन के दौरान विशेष रूप से रही।
सेवा परियोजनाओं में सामूहिक भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम का एक व्यापक संदेश यह रहा कि सामाजिक बदलाव के लिए सामूहिक भागीदारी जरूरी है। अकेले किसी एक व्यक्ति की पहल सीमित प्रभाव डाल सकती है, जबकि संगठित प्रयास बड़े समुदाय तक पहुंच बना सकते हैं।
रोटरी फाउंडेशन के माध्यम से चलने वाली परियोजनाओं को इसी सामूहिक सोच से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। रोटेरियंस को समाज की जरूरतों की पहचान कर दीर्घकालिक प्रभाव वाली परियोजनाओं में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
समाज के लिए स्थायी प्रभाव पैदा करने का संकल्प
कार्यक्रम में बार-बार स्थायी परिवर्तन की बात सामने आई। आयोजकों का कहना रहा कि समाज सेवा का उद्देश्य केवल तत्काल सहायता देना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी पहल भी होनी चाहिए जिससे समुदाय लंबे समय तक लाभान्वित हो।
शिक्षा के क्षेत्र में इसका अर्थ बेहतर अवसरों से हो सकता है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता और सेवाओं तक पहुंच से, जबकि स्वच्छ पेयजल और पर्यावरण के क्षेत्र में टिकाऊ व्यवस्थाओं से।
‘कर्म विस्तार’ के माध्यम से इसी दीर्घकालिक सेवा सोच को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
रोटरी इंटरसिटी मुजफ्फरनगर में सेवा, सम्मान और सहभागिता का संगम
मुजफ्फरनगर में आयोजित रोटरी इंटरसिटी कार्यक्रम में एक ओर वरिष्ठ पदाधिकारियों का सम्मान हुआ, तो दूसरी ओर समाज सेवा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। विभिन्न जिलों से आए रोटेरियंस ने आयोजन में सहभागिता की और रोटरी फाउंडेशन की भूमिका को समझने का अवसर मिला।
मुख्य अतिथि के.पी. नागेश ने फाउंडेशन की अंतरराष्ट्रीय सेवा परियोजनाओं पर जानकारी दी, जबकि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो-पायल गौर ने सेवा को स्थायी सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद करीब 500 रोटेरियंस ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।
राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
पूरे कार्यक्रम के दौरान रोटरी की सेवा भावना, फाउंडेशन के प्रति प्रतिबद्धता और सामाजिक कार्यों में सामूहिक योगदान पर जोर दिया गया। विभिन्न क्षेत्रों से आए रोटेरियंस की सहभागिता ने कार्यक्रम को क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्वरूप दिया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ आयोजन का समापन हुआ। आयोजकों के अनुसार ‘कर्म विस्तार’ रोटरी की सेवा भावना को आगे बढ़ाने, फाउंडेशन से अधिक लोगों को जोड़ने और समाज के लिए स्थायी प्रभाव वाली परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

