“देश में डर का माहौल” नौटंकी पार्टी के तंबू पर गिर गयी मुख्यमंत्री योगी की सजगता सतर्कता सख्ती की बिजली
कुछ दिन पहले बुलंद शहर में लोनी बॉर्डर स्थित बंथला लोनी गांव में अब्दुल समद को पटक पटक के बुरी तरह मारा गया। बुरी तरह कूटे गए अब्दुल समद ने रोते कराहते हुए वीडियो बनाया कि मुझे हिन्दूओं ने कूटा है।
वो मुझसे जबरदस्ती जयश्रीराम कहलवाना चाह रहे थे। बुड्ढे का वीडियो वायरल होते ही दिल्ली के लुटियन अड्डों की मीडियाई बैंड पार्टियां “देश में डर का माहौल” गीत की हाहाकारी धुन बजाने लगीं। उस धुन पर प्रेस्टिट्यूट्स लकड़बग्घे जमीन पर लोट लोटकर “मोदी-योगी विरोधी” नागिन डांस करने लगे।
थाना लोनी बार्डर क्षेत्रान्तर्गत हुई घटना में #GhaziabadPolice द्वारा की गई कठोर कार्यवाही- 03 अभियुक्त गिरफ्तार ।
उक्त सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण की वीडियो बाईट।@Uppolice https://t.co/IIcMJIvn46 pic.twitter.com/ZGHGQIpXsh— GHAZIABAD POLICE (@ghaziabadpolice) June 15, 2021
लेकिन बुड्ढे का वीडियो वायरल होते ही मुख्यमंत्री योगी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए थे। अतः अब्दुल समद को रूई की तरह धुन कर कूटने वाले लफंगे कल जब पुलिस की गिरफ्त में आये तो कहानी बिल्कुल बदल गयी। यह पता चला कि अब्दुल समदवा जादू टोना, झाड़ फूंक, चमत्कारी ताबीज बनाने का गोरखधंधा करता है।
उसने लोनी बॉर्डर स्थित बंथला लोनी गांव के परवेज गूजर से मोटी रकम ऐंठ कर उसके घर वालों को “आसमानी ताबीज” बना कर दिया था। लेकिन अब्दुल समद की किस्मत खराब थी। ताबीज पहनने के बाद परवेज गूजर के घरवालों का फायदा होने के बजाए और ज्यादा नुकसान हो गया।
In any case, these sick criminals should have been shunned by their society. Instead, they are probably on the path to becoming future Ministers, MLAs, MPs. Which Minister are you sending to garland them @PMOIndia? Will there be Mahapanchayat in their support too? 3/3
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) June 14, 2021
अतः गुस्से से बौखलाए परवेज गूजर ने अब्दुल समद को बहाने से गांव बुलाकर अपने साथियों आदिल, आरिफ, मुशाहिद, कल्लू, पोली आदि के साथ मिल कर अब्दुल समद को जमकर कूटा। उसे मार मार कर नीला पीला कर दिया। अपनी प्रचण्ड कुटाई करा के वापस लौटे अब्दुल समद ने अपनी जालसाजी ठगी छुपाने के लिए, उससे जबरिया जयश्रीराम कहलाने वाली कहानी गढ़ के वीडियो वायरल कर दिया।
अब्दुल समद क्योंकि सपा नेता उम्मेद इदरीसी पहलवान का खास गुर्गा भी है इसलिए सपाइयों की कृपा से वीडियो जंगल की आग की तरह वायरल होने लगा।
दिल्ली के लुटियन अड्डों की मीडियाई बैंड पार्टियां “देश में डर का माहौल” की धुन बजाने लगीं। प्रेस्टिट्यूट्स लकड़बग्घे नागिन डांस करने लगे। लेकिन फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में आये परवेज गूजर और उसके साथी आदिल, आरिफ, मुशाहिद, कल्लू, पोली तथा बुड्ढे अब्दुल समद की हल्की फुल्की “लाठी पूजा” के बाद ही सच सामने आ चुका है। लुटियन अड्डों की मीडियाई बैंड पार्टियां तथा प्रेस्टिट्यूट्स लकड़बग्घे मरघटी सन्नाटे में डूबे हुए हैं। (As it is from Online source)
बहरहाल, बुजुर्ग अब्दुल शमद के साथ जो हुआ है, वह काफी निंदनीय है भले ही इसे सांप्रदायिक नफरत के कारण अंजाम दिया गया हो या फिर किसी दूसरी वजह से। अगर बुजुर्ग ने कुछ गलत भी किया था तो उन्हें कानून के तहत सजा दिलानी चाहिए थी न कि इस तरह खुलेआम प्रताड़ित करके वीडियो बनना चाहिए था। अच्छी बात है कि यूपी पुलिस ने वक्त रहते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

