आस्था पर राजनीति का कुठाराघात: रोक नहीं पाए रामभक्तों की भावनाओं का सैलाब तो अब फर्जी आरोप लगाकर संतो को खरीदने निकले हैं टिड्डी ठेकेदार…
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री प्रमोद त्यागी ने बताया कि, विपक्षी राजनेताओं और कठमुल्लाओं का खेल शुरू हो चुका हैं। गंगा-जमुना तहजीब की दुहाई देने वाले ये कुकुरमुत्ते नेता अब राम मंदिर निर्माण और हिन्दू आस्था से जुड़े लोगों पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए नीचता पर उतर आए हैं। ताज़े घटनाक्रम मे एक हिन्दू सन्त को भी खरीदने और मुख्यमंत्री बनने का लालच दिया गया हैं।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें ट्रस्ट और बीजेपी का विरोध करने के लिए 100 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है।
उन्होंने कहा कि वे लोग राम मंदिर ट्रस्ट पर जमीन प्रकरण पर बीजेपी का विरोध करने के लिए ऑफर दे रहे थे।उन्होने शंकराचार्य जगद्गुरु स्वरूपानंद सरस्वती पर भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 50 करोड़ रुपए देकर आम आदमी पार्टी, एसपी और कांग्रेस ने खरीद लिया है।
स्वरूपानंद सरस्वती के अनुयायी इस कार्य में लग गए हैं। वही परमहंस दास ने एक पत्र जारी कर आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद में घोटाला नहीं हुआ बल्कि आरोप राजनीतिक षड्यंत्र का एक हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि गुरुवार की सुबह 7 बजे दो व्यक्ति मेरे आश्रम में पहुंचे और मुझे ट्रस्ट और बीजेपी का विरोध करने के लिए 100 करोड़ का ऑफर देने लगे। महंत परमहंस दास ने बताया कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने खरीद लिया है। अब उनके अनुयायी ट्रस्ट और बीजेपी के विरोध में भी जुट गए हैं।
परमहंस दास ने कहा कि जब मैं नहीं माना तो मुझसे कहा गया कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की जीत पर प्रदेश का मुख्यमंत्री आपको ही बनाया जाएगा। जब मैंने कहा कि मैं एक संत हूं और राष्ट्रहित सर्वोपरि है तो वे चले गए। दोनों आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की ओर से भेजे गए थे।
(इस लेख में समाचार सामग्री श्री प्रमोद त्यागी द्वारा एकत्र की गई है जो इंटरनेट संसाधनों पर उपलब्ध अन्य जानकारी से प्राप्त हो सकती है।)

