Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

गंगनहर की खूनी पटरी पर दरके सुरक्षा के दावे

मुजफ्फरनगर/खतौली। गंगनहर पटरी पर हादसे रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के बड़े-बड़े दावे हवाई साबित हो रहे हैं। गंगनहर पटरी को सुरक्षित करने का मसला कई बार उठा। लेकिन हर बार दावों में दब जाता है। शनिवार को फिर नहर में कार गिरने के बाद पांच लोगों की मौत हो गई। सरकारी विभाग हमेशा की तरह एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ने लगते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि इस लापरवाही और उदासीनता का जिम्मेदार कौन है।हरिद्वार और गाजियाबाद के बीच मेरठ जिले की सीमा में गंगनहर पटरी मार्ग की लंबाई 42 किमी है। काफी जर्जर हो चुकी सड़क का जबसे निर्माण हुआ है, यहां वाहनों की स्पीड काफी बढ़ गई। लेकिन अधिकांश स्थानों पर गंग नहर वाली साइड में पटरी की रेलिंग टूटी हुई है। दूर दूर तक भी रेलिंग नहीं है। जहां है, वहां सड़क की मरम्मत कार्य होने पर रेलिंग सड़क के समतल आ गई।

 छह माह में समाए बीस से भी ज्यादा वाहन
वहीं, पथ प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। जबकि गंगनहर की गहराई जहां बहुत अधिक है तो पानी का बहाव भी तेज रहता है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में कांवड़िए जल लेकर अपने गंतव्य पर पहुंचते हैं।
कई बार शासन स्तर से नहर पटरी की दशा सुधारने के निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।
गंगनहर पटरी पर बचाव के इंतजाम नहीं
गंगनहर पटरी मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन नहर में समा जाते हैं। जिले में न तो गोताखोरों की टीम है और न बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम। एनडीआरएफ की टीम को भी गाजियाबाद से बुलाया जाता है। जानी, रोहटा, सरूरपुर, सरधना थाना क्षेत्र में वर्ष 2108 में 60 लोगों की तो इस साल भी 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। एसपी देहात और एसडीएम सदर ने कहा कि पटरी पर हाइट गेज लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्पीड ब्रेकर बनाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
न रेलिंग लगी न बने ब्रेकर
दिसंबर 2018 में सभी सरकारी विभागों की बैठक हुई थी। जिसमें उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए थे कि गंगनहर पटरी मार्ग पर रेलिंग, स्पीड ब्रेकर, हाइट गेज लगाए जाएंगे। लेकिन सभी विभाग सो गए और कुछ नहीं हुआ। उसके तीन माह बाद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में फिर से यही आदेश उच्च अधिकारियों ने दिए। लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी।
ये बडे हादसे भी हो चुके
14 सिंतबर 2013रू कार जानी क्षेत्र में गंगनहर में गिरी, गौतमबुद्घ नगर निवासी एक परिवार के सात लोग डूबे।
08 दिसंबर 2018रू गंगनहर में ट्रक गिरा, एनडीआरएफ टीम को पांच दिन में ट्रक का सुराग लगा। चालक का शव नहीं मिला।
19 दिसंबर 2018रू एचसीएल कंपनी के तीन इंजीनियरों की कार नहर में गिरी। दो की जान बची। एक इंजीनियर का शव एक सप्ताह बाद मिला।
20 जनवरी 2019रू रोहटा क्षेत्र में कार गिरने से परिवार के तीन लोगों की मौत।

News Desk

निष्पक्ष NEWS,जो मुख्यतः मेन स्ट्रीम MEDIA का हिस्सा नहीं बन पाती हैं।

News Desk has 5915 posts and counting. See all posts by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

three × 2 =