Agra में देह व्यापार रैकेट का बड़ा खुलासा, छह महीने बाद होटल संचालक गिरफ्तार, नाबालिग समेत युवतियों को कराया गया था मुक्त
Agra में अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत थाना एकता पुलिस ने छह महीने से फरार चल रहे होटल संचालक अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी किराए पर गेस्ट हाउस चलाता था और उसकी आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार का रैकेट संचालित किया जा रहा था।
इस मामले में पहले भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग किशोरी और एक युवती को मुक्त कराया था। साथ ही गेस्ट हाउस से जुड़े अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
एनजीओ की सूचना के बाद हुआ था बड़ा खुलासा
यह मामला दिसंबर 2025 का बताया जा रहा है। प्रयागराज स्थित एनजीओ “फ्रीडम फर्म” को धांधुपुरा इलाके में स्थित “द ताज पेइंग गेस्ट हाउस” में अनैतिक गतिविधियां चलने की सूचना मिली थी।
सूचना के बाद एनजीओ और पुलिस ने मिलकर मामले की गोपनीय जांच शुरू की। रेकी के बाद पुलिस ने दो सिपाहियों को ग्राहक बनाकर गेस्ट हाउस भेजा था ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
बताया गया कि तीन हजार रुपये लेने के बाद वहां मौजूद महिला ने एक नाबालिग किशोरी और एक युवती को दिखाया था। पुलिस ने पहले से ही नोटों को चिन्हित कर रखा था।
छापेमारी में सामने आईं चौंकाने वाली बातें
सूचना पुख्ता होने के बाद एसीपी सैंया Sukanya Sharma के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गेस्ट हाउस पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान गेस्ट हाउस के काउंटर पर संचालक अनिल कुमार मौजूद मिला। पुलिस ने मौके से एक किशोरी और एक युवती को मुक्त कराया।
इसके अलावा मौके से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गेस्ट हाउस संचालक और कथित रैकेट संचालिका को गिरफ्तार कर लिया था।
किराए पर लिया था गेस्ट हाउस, बिना आईडी दिए जाते थे कमरे
मामले की जांच कर रहे एसीपी सदर रामप्रवेश गुप्ता के अनुसार आरोपी अनिल कुमार ने लगभग 30 हजार रुपये महीने के किराए पर छह कमरों वाला गेस्ट हाउस लिया हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया कि वहां प्रेमी जोड़ों को बिना आईडी के घंटों के हिसाब से कमरे उपलब्ध कराए जाते थे। आरोप है कि इसी की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि गेस्ट हाउस में आने-जाने वालों का रिकॉर्ड भी सही तरीके से नहीं रखा जाता था।
गरीब और बेरोजगार लड़कियों को लालच देकर फंसाने का आरोप
पुलिस के अनुसार रैकेट चला रही महिला का पहले से आरोपी संचालक से परिचय था। आरोप है कि महिला गरीब और बेरोजगार लड़कियों को पैसों का लालच देकर देह व्यापार के लिए तैयार करती थी।
छापेमारी के दौरान मिली 16 वर्षीय किशोरी और युवती के बयान भी पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में आर्थिक मजबूरी और बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवतियों को अवैध नेटवर्क में धकेला जाता है, जो बेहद चिंताजनक है।
जांच में सामने आया अजय सिंह का नाम
पुलिस पूछताछ के दौरान एक अन्य आरोपी अजय सिंह का नाम सामने आया था, जो महुआ खेड़ा, एकता क्षेत्र का रहने वाला बताया गया।
पुलिस का कहना है कि अजय सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था। आखिरकार बुधवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि गेस्ट हाउस का किरायानामा उसी के नाम पर बना हुआ था। हालांकि वह नियमित रूप से होटल नहीं आता था, लेकिन उसे वहां चल रही गतिविधियों की पूरी जानकारी थी।
देह व्यापार से कमीशन लेने का आरोप
पुलिस के मुताबिक अजय सिंह कथित रूप से इस पूरे अवैध कारोबार से कमीशन लेता था। जांच में यह भी सामने आया है कि गेस्ट हाउस में होने वाली गतिविधियों की जानकारी उसे पहले से रहती थी।
इसी आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
मानव तस्करी और देह व्यापार को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि होटल और गेस्ट हाउस की आड़ में चल रहे अवैध रैकेट समाज के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
ऐसे मामलों में नाबालिगों और आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को निशाना बनाया जाना सबसे ज्यादा चिंता का विषय माना जा रहा है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कई शहरों में इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं।
होटल और गेस्ट हाउस की निगरानी पर जोर
इस घटना के बाद होटल और गेस्ट हाउस संचालन को लेकर निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि—
- होटल रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन
- ग्राहकों की आईडी जांच
- संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी
- और समय-समय पर पुलिस निरीक्षण बेहद जरूरी है।
इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिल सकती है।
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका थी।
संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान कुछ और नाम भी सामने आ सकते हैं।

