विदेश नीति पर Akhilesh Yadav का बड़ा हमला: एलपीजी संकट, कानून-व्यवस्था और युद्ध पर केंद्र सरकार को घेरा
News-Desk
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Akhilesh Yadav, BJP government, Indian Politics News, LPG Crisis India, Mumbai Political Visit, samajwadi party, Uttar Pradesh PoliticsAkhilesh Yadav ने केंद्र की भाजपा सरकार की विदेश नीति और देश में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध और तनाव के बीच भारत की विदेश नीति प्रभावी साबित नहीं हो रही है। उनका कहना है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और रसोई गैस की आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे विदेश नीति से सीधे जुड़े होते हैं, लेकिन सरकार इन चुनौतियों का सामना करने में विफल रही है।
मुंबई पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं, जिससे व्यापक तबाही का दृश्य सामने आ रहा है। इस स्थिति का असर केवल युद्धग्रस्त देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।
मुंबई दौरे पर पहुंचे अखिलेश यादव
Akhilesh Yadav शनिवार को मुंबई पहुंचे, जहां वे 15 मार्च को आयोजित होने वाले विजन इंडिया कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं। उनके मुंबई पहुंचने पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी तथा विधायक रईस शेख ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर उनका स्वागत किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और नेताओं ने राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की।
मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत को शांति का संदेश देने की जरूरत थी। उनका मानना है कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश को युद्ध के खिलाफ स्पष्ट और मजबूत आवाज उठानी चाहिए थी।
युद्ध के खिलाफ भारत की भूमिका पर सवाल
Akhilesh Yadav ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय हालात में भारत को एक संतुलित और मजबूत कूटनीतिक भूमिका निभानी चाहिए थी। उनका कहना था कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता और इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में जो तबाही देखने को मिल रही है, वह पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। ऐसे समय में भारत को शांति और संवाद का संदेश देना चाहिए था ताकि तनाव को कम करने में मदद मिल सके।
उनका कहना था कि यदि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है तो उसका सीधा प्रभाव ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, जिसका असर आम नागरिकों के जीवन पर दिखाई देता है।
एलपीजी गैस संकट को लेकर सरकार पर निशाना
Akhilesh Yadav ने देश में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कमी आम लोगों के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है।
उनका कहना था कि एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से केवल घरेलू रसोई ही नहीं बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। कई छोटे व्यवसाय ऐसे हैं जो गैस की उपलब्धता पर निर्भर करते हैं और कमी होने पर उनका संचालन मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए पहले से कोई ठोस योजना नहीं थी, जिसके कारण आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रसोई गैस की किल्लत को बताया जानलेवा
Akhilesh Yadav ने कहा कि रसोई गैस की कमी केवल आर्थिक समस्या नहीं है बल्कि यह कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फर्रुखाबाद में गैस सिलेंडर के लिए लगी लंबी लाइन में खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। इसी तरह गाजीपुर में भी एक बुजुर्ग व्यक्ति धूप में घंटों खड़े रहने के कारण बेहोश हो गए।
उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। यदि लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
Akhilesh Yadav ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों और गांवों में यह चर्चा आम है कि प्रशासनिक तैनातियों में पक्षपात किया जा रहा है।
उनका आरोप था कि कुछ स्थानों पर एक ही जाति के अधिकारियों की तैनाती कर स्वजातीय माफिया और अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। इससे समाज में भेदभाव और अन्याय की भावना बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि जब प्रशासन निष्पक्ष नहीं दिखता तो आम लोगों का भरोसा कमजोर पड़ जाता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होती है।
जौनपुर और बदायूं की घटनाओं का किया जिक्र
Akhilesh Yadav ने कहा कि हाल के दिनों में कई घटनाएं सामने आई हैं जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने जौनपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक ड्राइवर की गर्दन पर पैर रखकर दबाने से उसकी मौत हो गई। इसके अलावा बदायूं में भी दो लोगों को गोली मारने की घटना सामने आई है।
उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि एक पीड़ित मां लगातार गुहार लगाती रही कि उसके बेटे ने अपनी जान बचाने के लिए डीएम, एसपी और विधायक से मदद मांगी थी, लेकिन कहीं भी उसकी बात नहीं सुनी गई।
रोजा इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए अखिलेश यादव
मुंबई दौरे के दौरान Akhilesh Yadav एक सामाजिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए। वे मोतीमहल लॉन में आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी में पहुंचे।
यह इफ्तार पार्टी पूर्व मंत्री सलाहुद्दीन सिद्दीकी की ओर से आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।
रोजा इफ्तार के बाद हजरत मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने नमाज अदा कराई। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
राजनीतिक माहौल में तेज होती बयानबाजी
देश और राज्य की राजनीति में इन दिनों कई मुद्दों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक परिस्थितियां, कानून-व्यवस्था और आर्थिक चुनौतियों जैसे विषय लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
राजनीतिक दल इन मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस को और तेज कर रहे हैं। ऐसे में नेताओं के बयान भी राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर रहे हैं।

