Ayodhya News: मठ व मंदिरों को सजाया जायेगा, 7.50 लाख दीप प्रज्जवलित करने के लिए व्यवस्था
Ayodhya News: दीपोत्सव पर इस बार भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं माता सीता के स्वरूप पुष्पक विमान से सरयू घाट पर आयेंगे, जिनकी अगवानी साधु संत एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा की जायेगी। इसी दौरान आकाश से पुष्प वर्षा करायी जायेगी तथा रामकथा पार्क में राजतिलक (raaj tilak) किया जायेगा। इसी दौरान लोक कलाकारों द्वारा रामलीलाओं का मंचन किया जायेगा। घाटों, मठ एवं मंदिरों पर 7.50 लाख दीप प्रज्जवलित करने के लिए माटी कला केन्द्र व स्थानीय कुम्हारों से दीप की व्यवस्था करायी जा रही है।
इस बार दीपोत्सव कार्यक्रम 6 दिवसीय होगा। मुख्य कार्यक्रम के दिन साकेत डिग्री कालेज से रामकथा पार्क (Ramkatha Park, Ramayana, raaj tilak, Ram Leela) तक रामायण कालीन आधारित 11 भव्य झांकियां निकाली जायेंगी तथा पूरे अयोध्या परिक्षेत्र को भव्य रूप से सजाया संवारा जायेगा। जगह-जगह तोरणद्वार बनाये जायेंगे। विद्युत झालरों व दीपकों से अयोध्या के मठ व मंदिरों को सजाया जायेगा।
पांचवें दीपोत्सव में राम की नगरी में 7.50 लाख दीपक जलाने तथा प्रमुख स्थलों को सजाने की तैयारी के सिलसिले में जनपद के प्रभारी मंत्री डा. नीलकण्ठ तिवारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें जनपद में आगामी 1 नवम्बर से 6 नवम्बर तक आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव की तैयारियों के संबंध में विचार विमर्श हुआ। बैठक सर्किट हाउस में हुई। बैठक में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने पिछले दीपोत्सवों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस बार 7.50 लाख दीपक जलाये जायेंगे। जिसमें अयोध्या के आसपास के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दीपक जलाये जायेंगे एवं सजावट होगी। इस दीपोत्सव में अन्य दीपोत्सवों से ज्यादा भीड़ होगी। इसलिए इस कार्य में लगाये गये सभी विभाग बेहतर समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फलक पर अयोध्या के महत्व को देखते हुए सभी अपनी तैयारी अभी से कर लें।
बैठक में पीडब्लूडी, नगर निगम, विद्युत विभाग एवं अन्य विभाग के अधिकारियों को कहा गया कि पूरे शहर के गड्ढों को ठीक किया जाय। विद्युत तार आदि लटकते हैं तो उसको भी ठीक किया जाय। नालियों को साफ सफाई के साथ साथ उनको ढकने की भी कार्यवाही की जाय। इस दीपोत्सव में प्रदेश के अन्य जनपदों से भी दीपक मंगाए जायेंगे तथा उनको जलाया जायेगा।
दीपोत्सव को लेकर मुख्य रूप से पर्यटन, संस्कृति, सूचना, राम मनोहर लोहिया विवि, विकास, राजस्व, उद्यान, नगर निगम, विकास प्राधिकरण आदि विभागों को लगभग 27 प्रकार के दायित्व दिये गये हैं। सभी विभागों से बेहतर समन्वय करने एवं एक सप्ताह के अंदर तैयारी करने को कहा गया है।

