उत्तर प्रदेश

Ayodhya News: नई भव्य मूर्ति के साथ रामलला होंगे मंदिर में विराजमान, तीन सदस्यीय कमेटी का गठन

Ayodhya News: रामलला के भव्य मंदिर में राम लला की बड़ी मूर्ति की स्थापना अचल मूर्ति के तौर पर की जाएगी. अचल मूर्ति वह मूर्ति होती है जिसकी प्राण प्रतिष्ठा किए जाने के बाद उसको एक ही स्थान पर रखा जाएगा, जबकि जो वर्तमान विराजमान रामलला हैं उनको चल मूर्ति के रूप में स्थापित किया जाएगा. चल मूर्ति यानी कि उत्सव मूर्ति. यह विशेष अवसरों पर रामलला के परिसर से बाहर भी निकल सकेगी और शोभायात्रा में भी शामिल हो सकेगी.

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक भव्य मूर्ति स्थापना रामलला के नवनिर्मित मंदिर में करना चाहता है. रामलला के जन्म स्थान पर विराजमान रामलला और उनके चारों भाई की मूर्ति 1 फुट ऊंची है. ऐसे में साज सज्जा और फूल माला के लगने के बाद मूर्तियां पूर्ण रूप से छुप जाती हैं. वर्तमान में रामलला के अस्थाई मंदिर में मात्र 32 फुट की दूरी से रामलला के श्रद्धालुओं को दर्शन दिया जा रहा है. उस पर भी बहुत गौर से ही रामलला की मूर्ति और तीनों भाई नजर आते हैं. ऐसे में ट्रस्ट भव्य मंदिर में नव्य मूर्ति की स्थापना करेगा.

राम मंदिर ट्रस्ट ने इसके लिए 3 सदस्य कमेटी का भी गठन किया है, जिसमें ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, सदस्य जगतगुरु माधवाचार्य, विश्व प्रपन्नाचार्य होंगे. नई कमेटी के सदस्यों की जिम्मेदारी होगी कि वह रामानंद संप्रदाय के संतो धर्माचार्यों से मुलाकात कर भगवान राम लला के भव्य मंदिर की नई मूर्ति के स्वरूप और धातु को लेकर के चर्चा करेंगे. रामलला के जन्म स्थान पर अचल मूर्ति के तौर पर विराजमान होने वाली रामलला की मूर्ति धातु और स्वरूप को लेकर के मंथन किया जाएगा और रामानंद संप्रदाय के विशेषज्ञों की राय पर नई मूर्ति का निर्माण कराया जाएगा.

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि राम मंदिर के आकार प्रकार लंबाई चौड़ाई के अनुसार अब रामलला के भव्य मंदिर में नई मूर्तियों की स्थापना की जाएगी. वर्तमान में जो मूर्तियां हैं वह बहुत छोटी हैं. यह मूर्तियां लगभग 1 फुट से भी कम ऊंची हैं. भगवान रामलला के अस्थाई मंदिर में मात्र एक मूर्ति का ही दर्शन हो पाता है. बाकी रामलला के तीनों भाई साज, सजावट, सृंगार में छुप जाते हैं.

कामेश्वर चौपाल ने बताया कि अस्थाई मंदिर में मात्र 32 फीट की दूरी पर ही रामलला अपने चारों भाइयों के साथ विराजमान हैं और यहीं से लोग दर्शन करते हैं, लेकिन रामलला के निर्माणाधीन भव्य मंदिर में अचल मूर्ति के तौर पर भव्य और बड़ी मूर्ति की स्थापना की जानी है. जिसको लेकर ट्रस्ट ने एक कमेटी भी बनाई है. ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय के निर्देश पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी सदस्य जगतगुरु माधवाचार्य और विष्णु प्रपन्नाचार्य के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है.

Courtesy: This article is extracted with thanks & zero benefits from:

Source link

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: [email protected]

News-Desk has 21026 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fifteen − three =