उत्तर प्रदेश

Babri demolition की बरसी: अयोध्या, मथुरा, वाराणसी में सुरक्षा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, परंपरा से हटकर किसी भी कार्यक्रम पर रोक

Babri demolition की बरसी  के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस हाई अलर्ट पर है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने प्रदेश के सभी जिले में पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का आदेश दिया है। डीजीपी ने किसी भी कार्यक्रम के आयोजन तक को मंजूरी नहीं देने के भी निर्देश दिए हैं।

हर साल 06 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी मनाई जाती है। जिसे लेकर इस वर्ष सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पीएसी की 150 कंपनियों को लगाया गया है। जबकि, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की 6 कंपनियों को भी सुरक्षा को देखते हुए उतारा गया है। खुफिया विभाग की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं।इसके अलावा अयोध्या, मथुरा और वाराणसी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है, कि ‘विवादित ढांचा गिराए जाने की बरसी पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। 6 दिसंबर को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने की बरसी के मद्देनजर अयोध्या में अलर्ट है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।’

अयोध्या में रविवार शाम से ही सेक्टर मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है। परंपरा से हटकर किसी भी कार्यक्रम के आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। दरअसल, 6 दिसंबर को एक समुदाय जहां इसे ‘काला दिवस’ के तौर पर मनाता है, तो वहीं हिंदू समुदाय के लोग इसे ‘शौर्य दिवस’ के तौर पर मनाते हैं। कोई अप्रिय घटना आदि न हो इसके लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में  हर तरह कुछ दिखाई दे रहा है तो कोने-कोने में तैनात पुलिस फोर्स और सुरक्षाबल। प्रदेश सरकार के आदेश पर कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के आसपास के पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा कर दी गई है। मथुरा का ये वही विवादित इलाका है जहां पर ये शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर तनाव लगातार जारी है।

अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद सुलझने के बाद अब मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Idgah Masjid) को लेकर आशंका पैदा हो रही है। हालाकिं अभी तक कभी भी यहां माहौल खराब नहीं हुआ। ऐसे में अब एक दम से चारों तरफ फोर्स को देखते हुए लोगों में डर का साया बना हुआ है।

दरअसल कुछ दक्षिणपंथी संगठनों की तरफ से धमकी दी गई है कि वो मस्जिद के भीतर हिंदू रीति-रिवाज से पूजा करने जा रहे हैं। ऐसे में दंगों के भड़कने की स्थिति को देखते हुए कड़ी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं हर नेशनल और स्टेट हाइवे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते मथुरा वृंदावन आने वाली केवल दो ट्रेनें ही यार्ड में ही रुक सकेंगी। यहां पर धारा-144 लगा दी गई है। इसके साथ ही लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर भी मनाही है।

यहां पर मंदिर में आने वाले और मस्जिद में आने वाले लोगों से उनका पहचान पत्र मांग कर पूछताछ की जा रही है। हर तरफ सीसीटीवी और ड्रोन की मदद से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जबकि रेलवे ट्रैक को भी अस्थायी तौर पर बंद करने का आदेश दे दिया गया है। इतनी सख्त चौकसी का मतलब है कुछ बड़ा होने की धमकी मिली हो सकती है।

Mathura के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ओवरटाइम कर रही है। पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स किसी भी कोशिश को रोकने के लिए मौजूद हैं। हमने दोनों पक्षों के बुजुर्गों और धर्मगुरुओं से भी बात की है। जो भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के आदेश हैं।

P.K. Tyagi

प्रमोद त्यागी (अधिवक्ता) विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय स्तर के समिति सदस्य हैं। वे टीम समन्वय, प्रकाशित समाचार सामग्री, और भविष्य की संबद्धता/पंजीकरण के लिए जिम्मेदार हैं। सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक जागरूकता और धार्मिक समन्वय के प्रति प्रतिबद्ध, पूर्व संपादक के रूप में, उन्होंने समाचार सामग्री की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित की है।

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