Raebareli News: पूरे शिव प्रसाद मजरे मखदूमपुर में तंत्र-मंत्र के चक्कर में हुआ था कत्ल,36 घंटे के अंदर ही खुलासा
Raebareli News: नसीराबाद थाना क्षेत्र के पूरे शिव प्रसाद मजरे मखदूमपुर में शुक्रवार को पांच वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में पुलिस ने 36 घंटे के अंदर ही खुलासा कर दिया है। दो महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा गया है।
बीते तीन दिसंबर को नसीराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मखदूमपुर के गांव पूरे शिव प्रसाद में पांच वर्षीय मासूम की हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया था। जहां मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव को तालाब में फेंकने का आरोप लगाया।
मुकदमें से संबंधित साक्ष्य संकलन के आधार पर प्रकाश में आये दो महिला समेत तीन अभियुक्तों में कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्त बालगोविंद ने बताया कि मेरी के दो बार बच्चे हुये थे जिनकी किसी कारणवश मृत्यु हो गयी थी। जिस कारण मेरी पत्नी ससुराल ना आकर मायके में ही रह रही थी।
यह बात जब अभियुक्त ने अपने पिता रामकेतार को बतायी जो कि पेशे से तांत्रिक हैं। जिनके द्वारा सलाह दी गयी कि अपने खानदान में एक बच्चा कम हो जाये तो तुम्हारे बच्चे बचने लगेंगे। इसी दौरान अभियुक्तों ने विचार किया कि हरिश्चंद्र के साथ जमीनी विवाद चल रहा है। क्यों ना हरिश्चंद्र के बच्चे को मार दिया जाये। जिससे हमारा काम बन जायेगा।
मेरी पत्नी भी ससुराल वापस आ जायेगी और बच्चे भी होने लगेंगे। इसी योजना के तहत हम लोगों ने मिलकर 29 नवंबर को हरिश्चंद्र के पांच वर्षीय बेटे रूद्र को उठा लिया और घर में लाकर मार दिया। जिसकी डेड बॉडी बोरे में भरकर भूसे में छिपा दिया और एकांत में बाहर फेंकने की फिराक में थे।
पुलिस को शक ना हो इसलिए पुलिस के साथ मिलकर उसकी तलाश भी करवा रहे थे। डेड बॉडी को फेंकने का समय ना मिलने व फंसने के डर से हम लोग बच्चे के शव को पास के ही तालाब में छिपा दिया। बच्चे के पास जो फोन था। उसे वहीं झाड़ियों में फेंक दिया दिया था।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि 29 नवम्बर को थाना नसीराबाद में हरीशचंद्र नामक युवक ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें उसने बताया कि उसका 5 वर्षीय बालक गायब हो गया है और मिल नहीं रहा है। पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज करके सर गर्मी से उसकी तलाश शुरू कर दी 3 तारीख को उस बच्चे का शव गांव के ही एक तालाब में जो जलकुंभी से भरा था उसमें मिला
उसके सर पर चोट के निशान थे पुलिस ने पंचायत नामा भर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पुलिस अधीक्षक ने खुलासे के लिए एक टीम गठित कर दी और उस टीम ने जांच पड़ताल की और जो पूछताछ की उससे सामने आया कि इसमें मृतक के चचेरे मामा का कुछ हाथ हो सकता है।
मृतक का चाचा बाल गोविंद पर मृतक के परिवार वालों ने बहुत ज्यादा शक जताया था तो बाल गोविंद से भी पूछताछ की गई। इसके बाद जो खुलासा हुआ उस पर यह बात सामने आई कि मृतक का जो चाचा बाल गोविंद है उसको कई सालों से संतान नहीं हो रही थी। मृतक के चचेरे मामा जो तांत्रिक का भी काम करता है
उसका और मृतक के परिवार का कुछ भूमि विवाद भी चल रहा है तो मृतक के चचेरे मामा ने बाल गोविंद को बताया कि अगर उस परिवार से एक लड़का कम हो जाएगा तो तुम्हें बच्चा हो सकता है.

