Bareilly में फर्जी दस्तावेजों से बैंक को 50.50 लाख का चूना लगाने का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार
Bareilly । कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 50.50 लाख रुपये का ऋण लेने के मामले में किला थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अफसर बेग और मुस्तकीम खान के रूप में हुई है। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों को बाकरगंज श्मशान भूमि के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति की अचल संपत्ति को अपना बताकर अपने करीबियों के साथ मिलकर बैंक से ऋण लेने की बात स्वीकार की है।
बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने दर्ज कराई थीं दो रिपोर्ट
मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार इप्पीली ने 29 अगस्त 2024 को कोतवाली में दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई थीं। शिकायत में बारादरी थाना क्षेत्र के फाइक एन्क्लेव निवासी अफसर बेग, अब्दुल फहीम उर्फ रिजवान और घेर जाफर खां, बजरिया इनायतगंज निवासी मुस्तकीम खान पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बैंक से ऋण लेने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति की अचल संपत्ति को अपनी संपत्ति दर्शाकर बैंक से ऋण प्राप्त किया। बैंक की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्टों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
अफसर बेग के नाम पर 22.50 लाख और मुस्तकीम के नाम पर 28 लाख का ऋण
दर्ज शिकायत के मुताबिक, अफसर बेग के नाम पर 22.50 लाख रुपये का ऋण लिया गया था। वहीं, मुस्तकीम खान और उसकी पत्नी फराह नाज के नाम पर 28 लाख रुपये का ऋण लेने का आरोप है। इस तरह दोनों ऋणों की कुल राशि 50.50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद आरोपियों में से अफसर बेग और मुस्तकीम खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ में ऋण हासिल करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों और अन्य लोगों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में अब्दुल फहीम उर्फ रिजवान का नाम भी दर्ज रिपोर्टों में शामिल है।
बाकरगंज श्मशान भूमि के पास से हुई गिरफ्तारी
किला थाना पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को बाकरगंज श्मशान भूमि के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और ऋण प्रक्रिया की जांच कर रही है। यह भी जांच का विषय है कि कथित रूप से इस्तेमाल की गई संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज कैसे तैयार किए गए और बैंक से ऋण स्वीकृत कराने में किन लोगों की भूमिका रही।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर दर्ज मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैंक से 50.50 लाख रुपये का ऋण कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर लेने के आरोपों की जांच जारी है।

