उत्तर प्रदेश

धान क्रय केंद्रों पर बिचौलियों की बल्ले बल्ले, मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी का आदेश बेकार

रामनगर (बाराबंकी)। धान क्रय केंद्र प्रभारियों के घर तक है बिचौलियों की मजबूत पकड़ मानी जा रही । क्रय केंद्र प्रभारी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के भी फोन उठाना वाजिब नहीं समझते हैं।

धान क्रय केंद्रों पर बिचौलियों की मनमानी चरम पर है जिसका खामियाजा अन्नदाता कहे जाने वाले किसान भुगत रहे हैं।धान क्रय केंद्र पर महीनों से खड़ी ट्रैक्टर ट्राली जो आज भी जैसे कि तैसे खड़ी हैं लेकिन प्रश्न यह है कि किन किसानों का धान क्रय केंद्रों पर तौला जा रहा है जब किसानों में धान तौल के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है

तो धान क्रय केंद्रों पर व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर निगाह पड़ना स्वभाविक है।किसान इस कड़ाके की ठंड में दिन रात एक किए हुए हैं जिनकी किसी भी तरह की सुनवाई नहीं हो रही जबकि किसानों के द्वारा धान तौल के लिए आंदोलन लगातार चल रहा है।इस कड़ाके की ठंड में किसान ट्राली के नीचे रात भर लेटा रहता है

और इंतजार करता है कि हो सकता है सुबह मेरा नंबर आ जाए लेकिन होता क्या है कि सुबह उसका नहीं किसी जोर जुगाड़ वाले दलाल या व्यापारी का नंबर आ गया।

उसने अपनी तौल करा ली किसान ज्यों का त्यों फिर बेचारा बैठा का बैठा ही रह गया।इस तरह से जितने भी धान क्रय केंद्र हैं सभी जगह यही हाल देखने को मिलेगा इस बाबत जब किसानों से धान क्रय के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि एक महीना हो गया हम यहां ट्रैक्टर ट्राली लिए पड़े हैं लेकिन मेरी कोई सुनने वाला नहीं।

रामनगर विकासखंड के धान क्रय केंद्र चंदनापुर गनेशपुर सुल्तानापुर ददौरा शेखपुर अलीपुर सिरकौली सहित सभी धान क्रय केंद्रों पर बिचौलियों कि पौ बारह हैं।

लोगों में जन चर्चा है कि केंद्र प्रभारियों की सांठगांठ से क्रय केंद्रों पर सब गोलमाल चल रहा है।किसानों के धान तौल के समय या फिर तौल बंद हो जाती है या बोरी खत्म होने का बहाना बनाया जाता है।कभी मिलर्स धान नहीं उठान कर रहे हैं तो कभी किसी अधिकारी के दबाव की बात कह कर आज फला व्यक्ति का धान तौला जाएगा यह आदेश आया है।केंद्र प्रभारी ऐसे बहाने बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

क्षेत्र के किसानों की मांग है कि रामनगर ब्लाक के सभी क्रय केंद्रों से क्रय किए गए धान पर जांच बैठाई जाए और सभी दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही हो।

एक और जहां सरकार के तीनों किसान बिलों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं वही धान क्रय केंद्रों पर व्याप्त भ्रष्टाचार सरकार के गले की फांस बनी नजर आ रहा है जबकि शासन स्तर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री व जनपद के जनप्रतिनिधि भी निष्पक्ष किसानों के धान क्रय के पक्ष में है।

Editorial Desk

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