विश्व एड्स दिवस पर जन जागरूकता स्टॉल लगाकार जन सामान्य को लाभान्वित किया
मुजफ्फरनगर। विश्व एड्स दिवस १ दिसम्बर, २०२० के अवसर पर पूरे भारतवर्ष में प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विषय वस्तु वैश्विक एकजुटता, साझा जिम्मेदारी पर आधारित पर कार्यक्रम किया गया। जिसके अन्तर्गत जनपद में चार स्थानों जिला चिकित्सालय, मुजफ्फरनगर, जानसठ केन्द्र, खतौली केन्द्र एवं बुढाना में जन जागरूकता स्टॉल लगाकार जन सामान्य को लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु रिक्शा माइकिंग द्वारा सभी क्षेत्रों में प्रचार प्रसार कराया गया एवं प्रत्येक स्टॉल पर सोशल डिस्टेसिंग एवं कोविड-१९ का प्रचार प्रसार भी किया गया। प्रत्येक स्टॉल पर सैनेटाइजर एवं मास्क का उपयोग भी किया गया।
डा० प्रवीण चोपडा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एड्स रोग मुख्यतः असुरक्षित संभोग, सक्रमित खून के चढ़ाने से तथा एक ही सुई द्वारा नशे के इन्जेक्शन लेने से फैलता है।
एड्स रोग छूने से, गले लगाने से, रोगी के कपडे पहने से, रोगी की समस्त वस्तुए इस्तेमाल करने से, संयुक्त शौचालय इस्तेमाल करने से, टेलीफोन प्रयोग करने से तथा मच्छर के काटने से नही फैलता है। उन्होंने बताया कि एड्स का वायरस तो केवल मनुष्य को मारता है लेकिन एड्स के प्रति भेदभाव करने से मनुष्य की सामाजिक तौर से भी मृत्यु होती है।
डा० लोकेश चन्द्र गुप्ता, जिला क्षय रोग अधिकारी ने सभी को एड्स रोग के लक्षण तथा उनसे बचाव की जानकारी के साथ -साथ यह भी बताया कि इस हेतु एन्टी- रेट्रोवायरल थैरेपी (एआरटी) कहलाने वाली दवाइयां उपलबध है व जिनका चिकित्सक द्वारा बताये अनुसार उपयोग प्रतिदिन अवश्य करें। ये दवाइयां व्यक्ति की प्रतिरोधक प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत रखने में सहायता करती है, इस तरह रोगी बीमारी से लड़ना जारी रख सकते है
और एड्स की शुरूआत को टाल सकते है। जिसकी दवा एआरटी जिला अस्तपाल में मुफ्त उपलब्ध है तथा अनेको रोगियो को इससे सम्बन्धित औषधिया भी प्रदान करायी जा रही है।
डा० वी०के० जौहरी चिकित्साधिकारी एआरटी द्वारा बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार एचआईवी पोजिटिव माता-पिता से होने वाले बच्चे को एचआईवी निगेटिव लाने का लक्ष्य के सापेक्ष इस वर्ष १२० डिलीवरी के सापेक्ष ११७ निगेटिव बच्चों का जन्म हुआ, जिसका मुख्य कारण नियमित रूप से एआरटी दवाओं का समय से उपयोग तथा बचाव एवं सावधानी के कारण सम्भव हो पाया।
