Bulandshahr News: पूर्व ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह गिरफ्तार- ‘गौआश्रय स्थल’ से 18 गोवंश गायब
Bulandshahr News: जनपद बुलंदशहर में गौआश्रय स्थल से गौवंशों को गायब करने के मामले में गुलावठी कोतवाली पुलिस ने कोटा गांव के पूर्व प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गौ-आश्रय स्थल में 18 गौवंशों के गायब होने पर एक ग्रामीण ने आरोप लगाते हुए उस समय के ग्राम प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी।
उत्तर प्रदेश में 2017 में भाजपा की सरकार आने के बाद जैसे ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कमान संभाली तो उन्होंने अपने गौ प्रेम के चलते प्रदेश भर में आवारा गोवंश के पालन पोषण हेतु गौ-आश्रय स्थलों का निर्माण कराने के आदेश जारी किया था।
गौआश्रय स्थलों में गौवंशो के रख-रखाव उनके खानपान व देख-रेख के लिए बाकायदा केयर-टेकर व ग्राम प्रधान को जिम्मेदारी दी गई थी। सरकार ने गौआश्रय स्थलों के लिए अच्छा खासा बजट भी जारी किया था, ताकि गौवंश भूखे न रहे। लेकिन जनपद बुलंदशहर के गुलावठी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कोटा में बने को आश्रय स्थल में 18 गोवंशों के गायब होने का मामला जैसे ही प्रकाश में आया
प्रशासनिक महकमें हलचल मच गया था। गांव कोटा के ही रहने वाले हरेंद्र सिंह ने उस समय के ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह के खिलाफ गौवंशो को गायब करने का आरोप लगाते हुए गुलावठी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की कई बार प्रशासनिक स्तर से जांच भी हुई थी।
गुलावठी कोतवाली के एसआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि उस समय कोटा के गौ आश्रय स्थल में 72 गोवंश थे, जांच में 54 गोवंश पाये गये थे, 18 गोवंश मौके पर नहीं मिले। बाद में पता चला कि एक गोवंश की मौत हो गई, जांच के दौरान 17 गौवंश गायब पाए गए, जिनका पता नहीं चल सका कि आखिर वो गए, तो गए कहां।
मामले की जांच कर रहे एसएसआई जितेंद्र कुमार सिंह ने गौवंशो को गायब करने के आरोपी पूर्व ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह को आज दबिश दे गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया है।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गौआश्रय स्थल से गौवंशो के गायब होने अपराधिक मामला है। गुलावठी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की और आरोपी को आज गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

