श्रद्धालुओं ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक
मुजफ्फरनगर। फाल्गुन की महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आज सुंबह से ही जनपद सहित नगर क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों मे भोले बाबा का जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना के लिए श्रृ़द्धालूओ की भीड लगी रही। स्कूल की छुटटी के कारण नन्हे मुन्ने बच्चे अपने माता पिता व परिवारजनो के साथ मंदिर मे जल चढाने के लिए पहंुचे।
शिवरात्रि के अवसर पर आज नगर के विभिन्न शिव मंदिरो मे श्रृद्धालूओ का जमावडा लगा रहा। पुलिस व पालिका प्रशासन की और से त्यौहार के मददेनजर उचित साफ सफाई व्यवस्था एवं सुरक्षा को दृष्टिगत नगर के विभिन्न मंदिरो के आसपास पुलिस व महिला पुलिसकर्मी तैनात रही। पालिका प्रशासन की और से मंदिरो के आसपास सफाई व्यवस्था एवं कली का छिडकाव आदि कराया गया।
ताकि मंदिरो मे पूजा अर्चना करने के लिए पहंुचने वाले श्रृद्धालूओे को किसी प्रकार की असुविधा ना हो। नगर की हृदय स्थिली शिव चैक पर जलाभिषेक के लिए सुबह से ही शिव भक्तों की लम्बी कतार लगी ंरही। पुलिस द्वारा उचित व्यवस्था के चलते बैरिकेटिंग करायी गई ताकि सभी श्रृद्धालु लाईन मे लगकर आराम से जलाभिषेक कर सकें।
इस दौरान शिव चैक महिला पुलिसकर्मी भी तैनात रही। वहीं दूसरी और डीएम सेल्वा कुमारी जे. व एसएसपी अभिषेक यादव ने शिव चैक पहंुच कर भगवान शंकर के दर्शन किए तथा व्यवस्थाओं को जायता लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियो को निर्देशित किया। नगर की गांधी कालोनी स्थित अनंतेश्वर महादेव मंदिर, बोहरो का मंदिर, नदी घाट स्थित प्राचीन देवी मंदिर, नई मन्डी बिन्दल बाजार स्थित माता वाला मंदिर ,संकीर्तन भवन, श्री गणपति धाम, श्री बालाजी धाम,गांधी कालोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर व श्री गौलोकधाम मंदिर आदि विभिन्न मंदिरो मे स्थित शिवालयो मे श्रृद्धालु महिला पुरूषो ने भगवान आशूतोष की पूजा अर्चना की
गंगा व बिल्व पत्र आदि चढाकर पंचामृत अभिषेक किया। नई मंडी बिन्दल बाजार स्थित माता वाला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुधाकर भारद्वाज आचार्य ने बताया कि फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि पर भगवान श्ंाकर के जलाभिषेक का विशेष महत्व है। उन्होने बताया कि महाशिवरात्रि की संध्या मे शास्त्रानुसार एवं विधि विद्यान पूर्वक शिवजी की पिण्डी पर कलश स्थापना की जाती है। इस दौरान रूद्राभिषेक एवं पंचामृत से अभिषेक कराना श्रेष्ठ है।
पंडित सुधाकर भारद्वाज आचार्य ने बताया कि शास्तोयुक्त प्रावधान के अनुसार फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवजी की पिण्डी पर कलश स्थापना की जिन्हे सावन माह की शिवरात्रि पर जलाभिषेक के पश्चात देर शाम उतार दिया जाता है।
महाशिवरात्रि के कारण शाहपुर क्षेत्र के प्राचीन गौरी शंकर मंदिर तथा मीरापुर के सम्भलहेडा स्थित सिद्धपीठ शिवमंदिर मे श्रृद्धालूओ की जबरदस्त भीडदेखने को मिली। वहीं पौराणिक तीर्थ स्थली शुकतीर्थ के मंदिरो मे भी श्रृद्धालूओं को तंाता लगा रहा। बारिश व बूंदाबंादी के बावजूद शिवालयो मे ओम नमः शिवाये के जयघोष लगते रहे। जिससे पूरा वातावरण धर्ममय बना रहा।
