मुख्यमंत्री कृषक कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं हजारो कृषक
यह योजना भी प्रदेश में पहली बार अप्रैल 2019 से लागू की गई है। योजना लागू होने से अब तक 03 लाभार्थियों को रुपये 4.10 लाख देते हुए आर्थिक सहायता दी गई है।
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यह योजना भी प्रदेश में पहली बार अप्रैल 2019 से लागू की गई है। योजना लागू होने से अब तक 03 लाभार्थियों को रुपये 4.10 लाख देते हुए आर्थिक सहायता दी गई है।
Read more...योजना के प्रारम्भ से अब तक इस कार्यक्रम में पेयजल की १६३ एवं सीवरेज ९६ परियोजना कुल २५९ परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृत प्राप्त हो चुकी है, जिसमें से २४३ परियोजनाएं निर्माणाधीन है।
Read more...अरनब गोस्वामी के समय के टाईम्सनाऊ और आज वाले टाइम्स नाऊ का फर्क़ इस एक तथ्य से समझ लीजिए कि सुशांत सिंह राजपूत की संदेहास्पद मृत्यु पर टाइम्स नाऊ भी लगातार सवाल उठा रहा था।
Read more...हम स्कूल-कालेजों में किशोरध्किशोरियों को प्रजनन स्वास्थ्य से सम्बंधित जोखिमों, गर्भनिरोधकों की जानकारी व उपयोगिया के बारे में बताएंगे तो इससे उन बच्चों की जिंदगी भी बेहतर बनेगी और साथ ही देश का भविष्य भी बेहतर होगा।
Read more...फिट इण्डिया मूवमेंट देश के प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाया गया महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम को प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में लागू करते हुए सम्बंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं।
Read more...इसलिए अगर घर का हर सदस्य अपनी पसंद का कोई एक-एक डिश भी तैयार करता है तो उसके स्वाद से त्योहार का आनद दोगुना हो जाएगा
Read more...आने वाले चुनाव में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य मुद्दा बनें ऐसी संभावनाएं दिखती हैं। अगर बिहार के चुनाव पर नजर डालें तो दस नवम्बर को और स्पष्टता आ जानी चाहिए।
Read more...प्रदेश सरकार ने कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए इस वर्ष पाॅलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2020-21 की 23 जनपदों में आॅनलाइन प्रवेश परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया है।
Read more...आज के कठिन समय में राम के आदर्शों पर चलता साधारण नहीं है। उनसी सहजता लेकर जीवन जीना कठिन है। वे सही मायनों में इसीलिए मर्यादा पुरुषोत्तम कहे गए।
Read more...उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली आबादी के घरों का कोई नक्शा या नम्बर नहीं होता है।
Read more...सड़कों के निर्माण में नवीन तकनीक का प्रयोग किया गया, जिसमें लागत और सामग्री की खपत में 20 से 25 प्रतिशत सामग्री की कमी आयी। नवीन तकनीक के प्रयोग से लगभग 1200 करोड़ रुपये की बचत एवं 15.4 लाख टन कार्बन उत्सर्जन की बचत हुई तथा पर्यावरण संरक्षण को भी भरपूर सहयोग मिला।
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