Etawah मनीष यादव हत्याकांड: सिपाही बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज CRPF जवान ने दोस्त का अपहरण कर गोली मारी, रेलवे ट्रैक पर फेंका शव
News-Desk
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CRPF Jawan Case, etawah, Etawah News, Love Affair Crime, Manish Yadav Murder, Railway Track Murder, UP crime news, Uttar Pradesh PoliceEtawah सिपाही बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज एक सीआरपीएफ जवान ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर छात्र मनीष यादव का अपहरण किया, उसे गोली मारकर हत्या कर दी और शव को रेलवे ट्रैक किनारे फेंक दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी और उसके एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
🔴 प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
इटावा जिले के भरथना कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला बंधा निवासी मनीष यादव का संबंध रामपुर में तैनात महिला ट्रेनी पुलिसकर्मी आकांक्षा यादव से था। इस रिश्ते की जानकारी आकांक्षा के भाई अभिषेक यादव को हो गई, जो जालंधर में सीआरपीएफ में तैनात है।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, 17 फरवरी को अभिषेक अवकाश पर इटावा आया। उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर मनीष का अपहरण किया और 18 फरवरी को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
🔴 रेल हादसा दिखाने की साजिश
हत्या के बाद आरोपियों ने अपराध को छिपाने के लिए शव को प्लास्टिक की बोरी में पैक किया और इकदिल क्षेत्र के चितभवन रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। गुजरती ट्रेन से शव क्षत-विक्षत हो गया, जिससे शुरुआती तौर पर इसे रेल हादसा माना गया।
हालांकि परिजनों ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी। बोरी में शव मिलने से शक और गहरा गया।
🔴 दोबारा पोस्टमार्टम से खुला राज
प्रारंभिक पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं हुए। उनकी मांग पर पांच डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।
जब गोली नहीं मिली तो शव को एक्सरे के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया। एक्सरे में शरीर से गोली बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मनीष की मौत आत्महत्या या रेल हादसे से नहीं, बल्कि गोली लगने से हुई थी।
🔴 तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मनीष के लापता होने के बाद 18 फरवरी को भरथना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल्स और लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों ने अभिषेक यादव और उसके साथियों की भूमिका को उजागर कर दिया।
हत्या में शामिल दीपक नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अभिषेक यादव और उसका एक अन्य साथी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें रवाना की गई हैं।
🔴 परिजनों की अडिग मांग और पुलिस की कार्रवाई
शव मिलने के बाद मनीष के परिजनों ने गांव की पुरानी रंजिश का भी जिक्र किया था, लेकिन जांच में उन लोगों की भूमिका सामने नहीं आई। परिवार लगातार हत्या की बात पर अड़ा रहा और अंततः उनकी आशंका सही साबित हुई।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से योजनाबद्ध थी और प्रेम प्रसंग के कारण की गई। पुलिस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
🔴 सम्मान और रिश्तों के नाम पर बढ़ते अपराध
Etawah Manish Yadav murder case ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिश्तों और तथाकथित ‘इज्जत’ के नाम पर अपराध की मानसिकता क्यों बढ़ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में संवाद और कानून का रास्ता अपनाने के बजाय हिंसा का सहारा लेना समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
यह घटना युवाओं के बीच बढ़ते आक्रोश और परिवारों में संवाद की कमी को भी दर्शाती है।
🔴 पुलिस की आगे की रणनीति
पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर फोकस कर रही है। तकनीकी निगरानी, संभावित ठिकानों पर दबिश और सहयोगी राज्यों से समन्वय के जरिए मुख्य आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई तथा क्या इसमें किसी और की भूमिका थी।

