कोरोना पर चीन बेनकाब: चीन की सरकारी लैब में बनाया गया वायरस-डॉ0 ली-मेंग
कोरोना वायरस महामारी को लेकर चीन पर आरोप लगते रहे हैं कि उसने इसकी जानकारी को दुनिया से छिपाया है। वहीं, एक बार फिर कोरोना को लेकर चीन का असली चेहरा दुनिया के सामने आया है।
चीनी वायरोलॉजिस्ट डॉ ली-मेंग ने दावा किया है कि कोरोना वायरस को एक सरकार के नियंत्रण वाले प्रयोगशाला में तैयार किया गया था और उनके पास अपने दावे को साबित करने के लिए वैज्ञानिक प्रमाण हैं।
Whistleblower virologist Dr. Li-Meng Yan interviewed by @TheNatPulse:
"The #Covid_19 was lab-modified based on a virus discovered and owned by the Chinese military, the Zhoushan bat coronavirus, ZC45 and ZXC21
My scientific report is gonna be out soon"#CCPVirus #LiMengYan pic.twitter.com/8dDqfBr2Zk
— Himalaya Global (@HimalayaGlobal) September 11, 2020
कोरोना से निपटने के लिए चीनी सरकार के खिलाफ व्हिसलब्लोअर बनने वाली वायरोलॉजिस्ट को पिछले साल दिसंबर में चीन से निकलने वाले सार्स (कोरोना जैसा वायरस) जैसे मामलों के एक समूह को देखने का काम सौंपा गया था।
हांगकांग में काम करने वाली शीर्ष वैज्ञानिक ने दावा किया कि उन्होंने अपनी जांच के दौरान एक कवर-अप ऑपरेशन का पता लगाया और कहा कि चीन की सरकार को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से पहले ही वायरस के प्रसार की जानकारी थी।
https://twitter.com/TheNatPulse/status/1303801521495310343?s=20
‘हांगकांग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ से वायरोलॉजी और इम्यूनोलॉजी में विशेषज्ञता प्राप्त डॉ ली-मेंग को कथित रूप से सुरक्षा चिंताओं के कारण अमेरिका भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
11 सितंबर को, उन्होंने एक गुप्त जगह से ब्रिटिश टॉक शो ‘लूज वीमेन’ को एक साक्षात्कार दिया और कोरोना वायरस बीमारी पर अपने शोध और चुनौतियों के बारे में बात की।
डॉ ली-मेंग ने कहा कि उन्होंने दिसंबर के अंत और जनवरी के शुरू में चीन में ‘न्यू निमोनिया’ पर दो शोध किए और अपने सुपरवाइजर के साथ परिणाम साझा किए जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार थे।
ITV LOOSE WOMEN: Whisteblower Virologist Dr. Li-Meng Yan explosive revelations on origins of #COVID19
"The seafood market in Wuhan all the intermediate host is a smokescreen"
"This virus is not from nature"
"It come from the Lab. The Lab in Wuhan" pic.twitter.com/1AfBejjhQ2— Minitrue⁺ (@banthebbc) September 11, 2020
वह अपने सुपरवाइजर से चीनी सरकार और डब्ल्यूएचओ की ओर से सही काम करने की उम्मीद कर रही थीं। लेकिन उन्हें तब बेहद आश्चर्य हुआ, जब उनसे चुप्पी बनाए रखने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर उन्हें गायब कर दिए जाने की धमकी दी गई।
वायरोलॉजिस्ट ने कहा कि चीन में वैज्ञानिकों को गायब कर देना आम बात है।
डॉ ली-मेंग ने कहा कि इस पर किसी ने प्रतिक्रिया नहीं दी। लोग सरकार से डर रहे थे। वे इस झंझट से बचने और अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार और डब्ल्यूएचओ के साथ सहयोग करने की प्रतीक्षा कर रहे थे लेकिन इसकी जानकारी बेहद जरूरी थी।
