कृषि कानून के खिलाफ किसानों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ दिया धरना, सौपा ज्ञापन
बाराबंकी। केन्द्र सरकार व दिल्ली राज्य सरकार ने कृषि कानूनो को लगाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है सरकार के खिलाफ देश भर के किसानों का दिल्ली कूच के दौरान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे थे।
किसानों पर हो रही बर्बरता के खिलाफ तथा आंदोलनरत किसानों के समर्थन मे भाकियू “टिकैत” के राष्ट्रीय आह्वान पर जनपद के किसानों ने सड़को पर निकलकर प्रदर्शन किया और अपना मांगपत्र सौंपा।
मांगपत्र में मांग की गई है कि किसान देश का अन्नदाता है,सरकार इनसे सम्मानजनक तरीके से पेश आये और उनकी मांगो पर कार्यवाई करे। शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन “टिकैत” के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ो किसान और कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर दिल्ली बॉर्डर पर आन्दोलनरत किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
गोकुलनगर स्थित जिला कार्यालय पर इकट्ठा हुए सैकड़ो किसान, कार्यकर्ता दोपहर एक बजे लखनऊ फैजाबाद हाइवे पर निकल आये और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ने लगे।
इस अवसर पर भाकियू जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के साथ हो रही बर्बरता सरकार की कायरता की पहचान है।आंदोलन कर रहे सभी किसानों का भाकियू पूर्ण समर्थन करती है।किसान हितों की वे लिए यदि जरूरत पड़ी तो जनपद का किसान दिल्ली भी कूच करेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष राम किशोर पटेल ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है इससे सम्मानजनक तरीके से सरकार पेश आये।कृषि कानूनो पर किसानों से बात करने की बजाय सरकार भाग रही है और किसानों पर दमानात्मक कार्यवाई करने पर उतारू है,इसे देश का किसान कत्तई बर्दाश्त नही करेगा।
उन्होंने ये भी कहा कि यदि सरकार वाकई में किसानों की हितैषी है तो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून लेकर आये। किसानों के प्रदर्शन की सूचना पाकर आनन फानन में जिला प्रशाशन हरकत में आया।
तत्काल तहसीलदार नवाबगंज व शहर कोतवाल मय पुलिस फोर्स किसानों के बीच आये और सड़कों पर उतरे किसानों को समझाने का प्रयास करने लगे।अंत मे मयूर मोटल के पास पहुंच चुके किसानों के काफिले को समझाकर तहसीलदार ने ज्ञापन लिया तब जाकर किसानों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
ज्ञापन में सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने सहित 60 वर्ष पूर्ण कर चुके किसानों को पेंशन व्यवस्था और 1967 को आधार मानकर सांसद, विधायको के बेतन व फैक्ट्रियों,कम्पनियों में उत्पादित वस्तुओं आदि के मूल्यों में बढोत्तरी के अनुपात में समर्थन मूल्य बढाये जाने की मांग की गई।
इस मौके पर हौसिला प्रसाद, अनुपम वर्मा, शांति भूषण सिंह, मीडिया प्रभारी सतीश वर्मा ‘रिन्कू, राधेलाल, डॉ राम सजीवन, रामानंद, भगौती प्रसाद, बाबादीन, राम केवल, रईश अहमद, ओम प्रकाश, शिव नरायन, कृष्णपाल बबलू, अरविंद कुमार,आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।
