India और UAE की दोस्ती: भव्य मंदिर के लिए जमीन बीएपीएस संस्था को दान में सौंपी थी Abu Dhabi के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद ने
अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के साथ ही, सात समुद्रों पार एक और शानदार मंदिर का निर्माण हुआ है, जो इस्लाम की उत्पति वाले क्षेत्र में स्थित है। यह बात खास है कि इस मंदिर का निर्माण एक मुसलमान ने दान में किया है। इस मंदिर की भव्यता और यूएई के शहरों के साथ मित्रता की भावना ने हिन्दू धर्म और सनातन जीवन की महत्ता को और भी सबसे समझदारी तक पहुँचाया है।
हिन्दू धर्म और सनातन जीवन:
हिन्दू धर्म, जिसे सनातन धर्म भी कहा जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे प्राचीन और व्यापक धारा है। यह धर्म अनेक धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों पर आधारित है जिनमें वेद, उपनिषद, पुराण, महाभारत, रामायण और भगवद गीता शामिल हैं। हिन्दू धर्म में चार मुख्य पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) हैं, जो जीवन के उद्देश्य को समझाते हैं।
सनातन धर्म ने भारतीय समाज को सहिष्णुता, समरसता, और शांति की महत्ता सिखाई है। इसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं को संतुलित रूप से जीने का उपदेश है, जिसमें नैतिकता, ध्यान, और सेवा का महत्त्व है। हिन्दू धर्म में जीवन को एक अनंत सिरोंमा माना जाता है, जो संसारी जीवन के परिपेक्ष्य में एक साधन है।
भव्य मंदिर और इसका महत्त्व:
उत्तर भारत के अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के बाद, अब यूएई में एक और भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। इस मंदिर का निर्माण बीएपीएस स्वामी नारायण संस्था ने किया है, जिसे अबू धाबी (Abu Dhabi ) के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद ने दान में सौंपी थी। यह बताता है कि धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने और समर्थन करने के लिए यूएई में भी उदारता है। BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi
मंदिर का निर्माण 27 एकड़ जमीन पर हुआ है, जिसमें से अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने 13.5 एकड़ जमीन का दान किया है। इससे स्पष्ट होता है कि यूएई के राजा और भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी श्रद्धांजलि का एक और प्रमाण है।
दो देशों की दोस्ती का परिचय:
यह घटना भारत और यूएई की दोस्ती को और भी मजबूत बनाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में यूएई की तीन बार यात्रा की है, जो दोनों देशों के बीच सहयोग और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा देने का प्रमाण है। यूएई में बना यह तीसरा हिंदू मंदिर, जिसे भाव्यता में दुनिया के चुनिंदा मंदिरों में शामिल किया गया है, दोनों देशों के बीच एक सजीव और गहरे सांस्कृतिक संबंध को दर्शाता है।
इस नए मंदिर के निर्माण से स्पष्ट होता है कि हिन्दू धर्म और सनातन जीवन का प्रभाव विश्व भर में फैला हुआ है और व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। भारत और यूएई की दोस्ती इसमें एक नए धार्मिक संबंध की शुरुआत को दर्शाती है और इससे विश्व में धर्म, सांस्कृतिक और विचारशीलता के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की संभावना होती है।

