Garud Ghanti : मंदिर या घर के पूजाघर में गरुड़ घंटी क्यों रखते हैं?
हिंदू धर्म में, आमतौर पर गर्भगृह के सामने मंदिर के गुंबद पर घंटियाँ लटकाई जाती हैं। आमतौर पर भक्त गर्भगृह में प्रवेश करते समय घंटी बजाते हैं। कहा जाता है कि घंटी बजाकर भक्त अपने आगमन की सूचना देवता को देता है ।ध्वनि से प्रकाश की उत्पत्ति और बिंदु रूप प्रकाश से ध्वनि की उत्पत्ति मानी जाती है। जब सृष्टि का प्रारंभ हुआ तब जो नाद था, घंटी की ध्वनि को उसी नाद का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में घंटी क्यों बजाते हैं जानिये वैज्ञानिक कारण : घंटे या घंटियां 4 प्रकार की होती हैं:-
1. गरूड़ घंटी Garud Ghanti
2. द्वार घंटी
3. हाथ घंटी
4. घंटा।
मंदिर या घर के पूजाघर में आपने देखा होगा गरुड़ घंटी को, जिसे पूजा या आरती करते वक्त बजाया जाता है। आओ जानते हैं इस घंटी के 10 राज।
🪔घंटी रखने और बचाने के 10 रहस्य
🚩1. सृष्टि का नाद :- सृष्टि की रचना में ध्वनि का महत्वपूर्ण योगदान है। ध्वनि से प्रकाश की उत्पत्ति और बिंदु रूप प्रकाश से ध्वनि की उत्पत्ति मानी जाती है। जब सृष्टि का प्रारंभ हुआ तब जो नाद था, घंटी की ध्वनि को उसी नाद का प्रतीक माना जाता है। घंटी के रूप में सृष्टि में निरंतर विद्यमान नाद ●ओंकार या ॐ की तरह है जो हमें यह मूल तत्व की याद दिलाता है।
🚩2. गरूड़ घंटी :- गरूढ़ घंटी छोटी-सी होती है जिसे एक हाथ से बजाया जा सकता है। इसे गरूड़ इसलिए कहते हैं क्योंकि इसके शीर्ष पर भगवान गरुड़ की आकृति बनी होती है। भगवान गरुड़ के नाम पर है गरुड़ घंटी जिस का मुख गरुड़ के समान ही होता है। भगवान गरुड़ को विष्णु का वाहन और द्वारपाल माना जाता है। अधिकतर मंदिरों में मंदिर के बाहर आपको द्वार पर गरुड़ भगवान की मूर्ति मिलेगी। दक्षिण भारत के मंदिरों में अक्सर इसे देखा जा सकता है।
🚩3. कालचक्र का प्रतीक घंटी :- घंटी या घंटे को काल का प्रतीक भी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जब प्रलय काल आएगा तब भी इसी प्रकार का नाद यानि आवाज प्रकट होगी। चारों ओर घंटियों की आवाज सुनाई देगी।
🚩4. वातावरण करती है शुद्ध :- जिन स्थानों पर घंटी बजने की आवाज नियमित आती है वहां का वातावरण हमेशा शुद्ध और पवित्र बना रहता है।
🚩5. पापों का करती है नाश :- स्कंद पुराण के अनुसार मंदिर में घंटी बजाने से मानव के सौ जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और यह भी कहा जाता है कि घंटी बजाने से देवताओं के समक्ष आपकी हाजिरी लग जाती है।
🚩6. देवताओं के समक्ष लगती हाजरी :- जब भी हम मंदिर में जाते हैं तो घंटी बजाते हैं। यह भी कहा जाता है कि घंटी बजाने से देवताओं के समक्ष आपकी हाजिरी लग जाती है।
🚩7. जीवाणु विषाणुओं का होता नाश :- ऐसा कहते हैं कि घंटी बजाने से वातावरण में एक कंपन पैदा होता है। इस कंपन के वायुमंडल में फैलने से जीवाणु, विषाणु इस तरह के सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध हो जाता है।
🚩8. मन रहता है शांत :- घर के पूजाघर या मंदिर में प्रात: और संध्या को ही आरती करते वक्त घंटी बजाने का नियम है। वह भी लयपूर्ण। इससे हमारा मन शांत होकर तनाव हट जाता है।
🚩9. वास्तु दोष होता दूर :- जिन स्थानों पर घंटी बजने की आवाज नियमित आती है वहां से नकारात्मक शक्तियां हटती है। नकारात्मकता हटने से समृद्धि के द्वारा खुलते हैं। इससे सभी तरह के वास्तुदोष भी दूर हो जाते हैं।
🚩10. नकारात्मक शक्तियां होती है दूर :- लगातार घंटी बजाए जाने से नकारात्मक शक्तियां हटती है। नकारात्मकता हटने से समृद्धि के द्वारा खुलते हैं। प्रात: और संध्या को ही घंटी बजाने का नियम है। वह भी लयपूर्ण।

