उत्तर प्रदेश

Gonda में अंतिम संस्कार के दौरान दर्दनाक हादसा, सरयू किनारे युवक को मगरमच्छ खींच ले गया; दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग

Gonda जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सरयू नदी किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान एक युवक को मगरमच्छ ने अचानक हमला कर गहरे पानी में खींच लिया। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। गुरुवार को दूसरे दिन भी युवक की तलाश जारी रही, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका।

यह घटना गोंडा के सोनौली मोहम्मदपुर स्थित उदयभान पाही घाट की बताई जा रही है, जहां परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे। अचानक हुए मगरमच्छ के हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया।


अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था युवक

जानकारी के अनुसार डीहा गांव निवासी बाबूलाल वर्मा की बहू उर्मिला का निधन हो गया था। परिवार के सदस्य बुधवार को उनका अंतिम संस्कार करने सरयू नदी किनारे पहुंचे थे।

मृतका के दामाद दीपक, जो ग्रेटर नोएडा के रहने वाले बताए जा रहे हैं, अपनी पत्नी रेखा और चार वर्षीय बेटी के साथ गोंडा आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर करीब 12 बजे दीपक चिता तैयार करने में जुटा हुआ था।

बताया जा रहा है कि वह नदी किनारे खूंटा गाड़ने के बाद बैठा ही था कि तभी अचानक नदी से निकले मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।


देखते ही देखते पानी में खींच ले गया मगरमच्छ

घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मगरमच्छ ने दीपक को अपने जबड़ों में दबोच लिया और तेजी से गहरे पानी की ओर खींच ले गया।

घाट पर मौजूद लोग शोर मचाते हुए उसकी तरफ दौड़े, लेकिन तब तक मगरमच्छ युवक को नदी के भीतर ले जा चुका था। कुछ लोगों ने उसे बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तेज बहाव और मगरमच्छ के हमले के कारण कोई सफलता नहीं मिल सकी।

घटना के बाद घाट पर मौजूद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहां मौजूद महिलाएं और बच्चे दहशत में आ गए।


दूसरे दिन भी जारी रहा सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। गुरुवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने युवक की तलाश के लिए विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

टीम ने स्थानीय गोताखोरों और पुलिसकर्मियों की मदद से नदी में कई किलोमीटर तक तलाश अभियान चलाया। नावों और जाल की मदद से नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की गई, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

प्रशासन का कहना है कि सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा और नदी के आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।


सरयू नदी में मगरमच्छ की मौजूदगी से बढ़ी दहशत

इस घटना के बाद आसपास के गांवों और नदी किनारे रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरयू नदी में मगरमच्छों की मौजूदगी पहले भी देखी गई है, लेकिन इस तरह की घटना ने लोगों को पूरी तरह सहमा दिया है।

कई ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को संभावित खतरे के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।


प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

घटना के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि नदी के अधिक गहरे हिस्सों में जाने से बचें और बच्चों को अकेले नदी किनारे न जाने दें।

एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार नदी के आसपास निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी अन्य दुर्घटना को रोका जा सके।


वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताई मगरमच्छों की बढ़ती गतिविधि की वजह

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम और जलस्तर में बदलाव के कारण कई बार मगरमच्छ नदी किनारों के पास आ जाते हैं। ऐसे समय में नदी किनारे गतिविधियां बढ़ने से मानव और वन्यजीवों का सामना होने की आशंका भी बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मगरमच्छ बेहद शक्तिशाली शिकारी होते हैं और अचानक हमला करते हैं। नदी किनारे काम करते समय या स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

जिस परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए घाट का रुख किया था, उसी परिवार पर कुछ ही मिनटों में दूसरा बड़ा दुख टूट पड़ा। उर्मिला की मौत के गम में डूबा परिवार अचानक दीपक के मगरमच्छ का शिकार बनने से पूरी तरह टूट गया।

परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा भयावह हादसा हो जाएगा। पत्नी और चार साल की बेटी का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।


नदी घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद नदी घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में मगरमच्छों की गतिविधियां देखी जाती हैं, वहां सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेत पर्याप्त नहीं हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील घाटों पर नियमित निगरानी, वन विभाग की सक्रियता और स्थानीय लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी हो गया है।


गोंडा के सरयू नदी घाट पर हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला है। अंतिम संस्कार जैसे दुखद मौके पर मगरमच्छ के हमले में युवक के लापता हो जाने से पूरा परिवार सदमे में है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश में जुटी हुई है, जबकि इस घटना ने नदी किनारे सुरक्षा और वन्यजीव खतरे को लेकर गंभीर चिंता भी बढ़ा दी है।

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