Gorakhpur में गौ-तस्करी विरोधी ‘स्पेशल ड्राइव’ की बड़ी कामयाबी: कुख्यात पप्पू शाह मुठभेड़ में घायल, 25 हज़ार का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जिले में पुलिस ने गौ-तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। खोराबार थाना क्षेत्र के वनस्पति इलाके में हुई इस मुठभेड़ ने न सिर्फ पुलिस की सक्रियता दिखाई, बल्कि बिहार से सक्रिय एक संगठित तस्करी नेटवर्क का भी खुलासा किया।
रात करीब 11 बजे हुई इस कार्रवाई में बिहार के गोपालगंज जिले के कुख्यात तस्कर पप्पू शाह के पैर में गोली लगी और उसे घायलावस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर ₹25,000 का इनाम घोषित था और वह कई जिलों में वांछित था।
घटना की शुरुआत: गुप्त सूचना पर पुलिस की दबिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खोराबार थाना प्रभारी को एक गुप्त सूचना मिली कि बिहार सीमा से सटे इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर घूम रहा है।
जैसे ही पुलिस टीम ने इलाके को घेरा, संदिग्ध ने खुद को बचाने के लिए तमंचा निकाल कर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जो आरोपी के दाहिने पैर में जा लगी।
घायल तस्कर को पकड़कर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
बिहार से यूपी तक फैला था तस्करी का जाल
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पप्पू शाह उर्फ़ पप्पू पुत्र मन्नू शाह, निवासी अहिरौली दुबौली तकिया, थाना गोपालपुर, जिला गोपालगंज (बिहार) के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, पप्पू शाह लंबे समय से गौ-तस्करी, अवैध हथियार रखने और पशु क्रूरता के मामलों में वांछित था।
गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, और बस्ती जैसे जिलों में उसके खिलाफ कम से कम 7 मुकदमे दर्ज हैं।
वह बिहार की सीमा से गौ-वंश की अवैध तस्करी कर यूपी में बेचने का धंधा चला रहा था। कई बार उसने पुलिस पर हमले की कोशिश भी की, लेकिन इस बार वह भाग नहीं सका।
मुठभेड़ स्थल से बरामद हथियार और बाइक
घटनास्थल से पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, चार जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की।
बाइक की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई, जिसे तस्करी के दौरान पहचान छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
एसपी गोरखपुर ने बताया कि आरोपी पर लंबे समय से इनाम घोषित था और वह बिहार-यूपी सीमा पर सक्रिय था।
पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
गौ-तस्करी पर गोरखपुर पुलिस की सख्त कार्रवाई
पिछले कुछ महीनों में गोरखपुर पुलिस ने गौ-तस्करी के खिलाफ कई ऑपरेशन चलाए हैं।
इससे पहले भी चिलुआताल और झंगहा क्षेत्रों में कई तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने हाल में एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित की है, जो सीमावर्ती इलाकों पर निगरानी रखती है ताकि कोई तस्कर राज्य सीमा पार न कर सके।
गोरखपुर एसएसपी ने कहा है कि “गौ-तस्करी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: राहत की सांस
गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।
स्थानीय निवासी राजेश यादव ने बताया, “इस इलाके में रात के समय कई बार संदिग्ध वाहन आते-जाते थे। अब पुलिस की सख्ती से हम सबको राहत मिली है।”
कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पुलिस की तारीफ करते हुए लिखा कि यह कार्रवाई कानून के प्रति जनता का भरोसा बढ़ाने वाली है।
बिहार से यूपी तक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश
जांच में यह भी सामने आया है कि पप्पू शाह बिहार के गोपालगंज, सीवान, और पूर्वी चंपारण जिलों में सक्रिय गिरोहों से जुड़ा हुआ था।
ये लोग ग्रामीण इलाकों से मवेशियों को पकड़कर रात के अंधेरे में यूपी के रास्ते तस्करी करते थे।
अक्सर ये तस्कर फर्जी दस्तावेज, नकली नंबर प्लेट, और असली पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस अब पप्पू शाह के मोबाइल डेटा और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि उसके संपर्कों का खुलासा हो सके।
गोरखपुर-बिहार बॉर्डर पर बढ़ाई गई चौकसी
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने सीमावर्ती चौकियों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी है।
एसएसपी कार्यालय से आदेश जारी किया गया है कि रात में चलने वाले वाहनों की गहन चेकिंग की जाए।
पुलिस अब ऐसे गिरोहों की निगरानी में ड्रोन सर्विलांस और हाईवे पेट्रोलिंग जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रही है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति
गोरखपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 3/5A/8 गौ-हत्या निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
साथ ही, पुलिस अब उसके आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों की भी जांच करेगी, ताकि तस्करी के पैसे से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त किया जा सके।
बिहार पुलिस को भी इस मामले में सहयोग के लिए पत्र लिखा गया है।
पुलिस की अपील और प्रशासन का संदेश
गोरखपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को गौ-तस्करी से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।
प्रशासन ने कहा है कि ऐसे अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कानून और व्यवस्था बनी रहे।

