लॉक डाउन में बन्द हुई सरकारी और गैर सरकारी व्यवस्थाएं अब पटरी पर: जिलाधिकारी ने सुनी समस्याएं
मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस संक्रमण के बाद लॉक डाउन में बन्द हुई सरकारी और गैर सरकारी व्यवस्थाएं अब पटरी पर लौट रही है। छह महीने के बाद तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ तो अब शनिवार के दिन थानों में समाधान दिवस भी शुरू कर दिया गया है।
कोरोना काल के बाद आज जनपद में पहला समाधान दिवस आयोजित हुआ, जिसमें स्वयं जिलाधिकारी ने थानों में पहुंचकर लोगों की फरियाद सुनीं और समस्या निस्तारण के लिए पुलिस अफसरों को निर्देशित किया।
बता दें कि मार्च में कोरोना संकट को देखते हुए लागू किये गये लॉक डाउन के बाद से ही जनता दरबार लगाने की सरकारी योजनाओं को भी ब्रेक लग गया था।
मंगलवार को जहां तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन कर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों द्वारा लोगों की समस्याओं को सुना जाता है, तो वहीं शनिवार के दिन पुलिस संबंधी शिकायतों और समस्याओं के निपटारे के लिए थानों में समाधान दिवस का आयोजन होता रहा है। कोरोना संकट के कारण ये व्यवस्था ठप्प हो चुकी थी
लेकिन शासन के निर्देश पर अब इनको पुनः शुरू किया गया है। कोरोना काल के बाद आज जनपद में थानों में पहला समाधान दिवस आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. पहले सिविल लाइन थाने पर पहुंची और वहां पर मौजूद लोगों की फरियाद सुनते हुए उनके समाधान के लिए निर्देश दिये।
उन्होंने थाने का निरीक्षण भी किया और लोगों की शिकायतों को लेकर संबंधित चौकी इंचार्ज एवं पुलिस कर्मियों से जानकारी भी ली। यहां उन्होंने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर डीके त्यागी को लोगों की शिकायतों और पीड़ितों के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति के साथ संवेदनशील होकर कार्य करने के निर्देश दिये।
इसके बाद जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने नई मण्डी थाने में पहुंचकर समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सीओ सिटी राजेश द्विवेदी उनके साथ रहे।
