Moradabad में भव्य सामूहिक विवाह महोत्सव: 567 जोड़ों का शुभ बंधन, सरकारी सहायता और परंपराओं के संग होगा ऐतिहासिक आयोजन












Moradabad जिले में इस सप्ताह माहौल पूरी तरह शहनाइयों और खुशियों से सराबोर होने वाला है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत तीन विधानसभाओं के 335 जोड़े बृहस्पतिवार को दांपत्य सूत्र में बंधने वाले हैं।
यह भव्य आयोजन जिला समाज कल्याण विभाग की देखरेख में होगा, जिसे जिला प्रशासन की ओर से पूरी जिम्मेदारी औपचारिक रूप से सौंप दी गई है।
शादी समारोह में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी इसे और अधिक औपचारिक, पारदर्शी और सम्मानजनक बनाएगी।
mass wedding scheme के ज़रिये सरकार न केवल गरीब परिवारों को आर्थिक सहारा दे रही है बल्कि सामाजिक समरसता और संस्कारों को भी बढ़ावा दे रही है।
बुद्धि विहार में तैयारियां पूरी—नगर, देहात और ठाकुरद्वारा विधानसभा के जोड़े आज लेंगे सात फेरे
शहर के बुद्धि विहार मैदान में सामूहिक विवाह समारोह के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार—
नगर विधानसभा
देहात विधानसभा
ठाकुरद्वारा विधानसभा
इन तीनों क्षेत्रों के जोड़े आज आयोजित होने वाले इस विशाल कार्यक्रम में विवाह बंधन में बंधेंगे।
मैदान में पंडाल, मंच, भोजन, सुरक्षा, स्टेज सेटअप, एंट्री गेट और परंपरागत मंडपों की सजावट पूरी तरह तैयार दिखाई दी।
स्थानीय प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी जोड़े या परिवार को असुविधा न हो और सभी रस्में विधि-विधान के साथ मान्य परंपराओं के अनुसार सम्पन्न कराई जाएं।
इस कार्यक्रम को mass wedding scheme के सफलतम उदाहरणों में से एक माना जा रहा है।
अगली तिथि—5 दिसंबर: कुंदरकी, बिलारी और कांठ के 232 जोड़े होंगे शामिल
समाज कल्याण विभाग ने बड़ी स्पष्टता से बताया कि सामूहिक विवाह महोत्सव सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है।
पांच दिसंबर को—
कुंदरकी
बिलारी
कांठ
इन तीन विधानसभाओं के 232 जोड़ों की शादी कराई जाएगी।
इस प्रकार कुल मिलाकर 567 जोड़े इस बार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम से लाभान्वित होंगे, जो कि मुरादाबाद में अब तक की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
विभिन्न समुदायों और वर्गों के परिवार इसमें भाग ले रहे हैं, जिसमें सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलेगा।
सरकारी सहायता: गरीब परिवारों के लिए वरदान—एक लाख रुपये प्रति जोड़ा
जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुरी जैन ने बताया कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गरीब और कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों को शादी का आर्थिक भार उठाने में मदद देना है।
mass wedding scheme के तहत—
1,00,000 रुपये प्रति जोड़ा सहायता का प्रावधान
60,000 रुपये सीधे युवती के बैंक खाते में DBT के माध्यम से
25,000 रुपये मूल्य के वैवाहिक उपहार व घरेलू सामग्री
15,000 रुपये आयोजन व्यय के लिए
इस प्रकार योजना का लाभ अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग—सभी को मिलता है।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार की आर्थिक तंगी बेटी के विवाह में बाधा न बने।
इस बार की विशेष व्यवस्था—ड्राईफ्रूट, बूंदी के लड्डू और गरिमापूर्ण स्वागत
कार्यक्रम में शामिल होने वाले जोड़ों के लिए इस बार कई खास तैयारियां की गई हैं।
समाज कल्याण विभाग ने बताया कि—
विवाह के अवसर पर ड्राईफ्रूट पैकेट
बूंदी के लड्डू
विशेष रिति-रिवाजों के अनुसार सामग्री
स्वागत व बैठने की शानदार व्यवस्था
फोटोग्राफी, संगीत और मंडप सजावट
महिलाओं के बैठने के लिए अलग व्यवस्था
यह सुनिश्चित किया गया है कि हर जोड़ा स्वयं को सम्मानित और विशेष महसूस करे।
कई स्वयंसेवी संगठन भी इस सामूहिक विवाह पर्व को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
सामाजिक दृष्टि से बड़ा प्रभाव—एकता, सहयोग और संस्कारों का संगम
मुरादाबाद में आयोजित हो रहा यह विशाल सामूहिक विवाह समारोह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करता है, बल्कि समाज में समरसता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।
विभिन्न वर्गों और समुदायों के 567 जोड़े एक ही मंच पर विवाह के बंधन में बंधेंगे—जो अपने आप में एक अद्भुत दृश्य और सामाजिक संदेश है।
लोगों का मानना है कि ऐसी योजनाएं न सिर्फ परिवारों को सहारा देती हैं, बल्कि अनावश्यक खर्चों, दहेज और विवाह में दिखावे जैसी समस्याओं को भी कम करती हैं।
mass wedding scheme की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और कई परिवार इसे बेहतर और सम्मानजनक विकल्प मानने लगे हैं।







