इस्राइल ने परमाणु वैज्ञानिक को मारा तो हाइफा पर होना चाहिए हमला : सादोल्लाह जरेई
ईरान के परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह को हमले में मार गिराने के बाद ईरान के समाचार पत्र केहान ने अपने संपादकीय में तल्ख टिप्पणी की है।
अखबार लिखता है कि अगर इस्राइल ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिक को हमले में मारा है तो ईरान को इस्राइल के बंदरगाह वाले शहर हाइफा पर हमला कर करारा जवाब देना होगा।
ईरान के विश्लेषक सादोल्लाह जरेई का कहना है कि हाईफा पर हमला करने और बड़ी संख्या में मौतों की निंदा होगी क्योंकि अमेरिका, इस्राइल और उसके सहयोगी किसी भी तरह के युद्ध या सैन्य गतिविधियों में रुचि नहीं दिखाएंगे।
जरेई ने लिखा है कि हाईफा पर हमला इरान द्वारा अमेरिकी सैनिकों पर किए गए बैलेस्टिक मिसाइल से भी बड़ा होना चाहिए।
हेजबोल्लाह नेता हसान नसराल्लाह ने भी हाल ही में सलाह दी थी कि हाईफा ऐसी जगह है जहां बड़ी मात्रा में एमोनियम नाइट्रेट का भंडारण है।
बेरूम बंदरगाह पर इसी से हुए धमाके में 193 लोगों की जान गई थी जबकि 6500 लोग घायल हो गए थे। केहान समाचार पत्र के संपादक होसेन शरियतमादारी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खमेनी ने इस पद पर बैठाया है।
इससे पहले होसेन खमेनी के सलाहकार हुआ करते थे। संसद में बंद दरवाजों के बीच बैठक परमाणु वैज्ञानिक की मौत के बाद रविवार को ईरान की संसद में बंद दरवाजों के बीच बैठक हुई।
बैठक के बाद संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर घालीबाफ ने कहा कि ईरान के दुश्मनों को उसे अपने किए पर पछतावा होगा। दुश्मन को माकुल जवाब मिलेगा। ईरान सरकार के इस रवैये को देखते हुए कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ दिन अशांति वाले रह सकते हैं।

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