11 से 14 साल की किशोरियों एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य की हुई जांच, दी ये जानकारी
मुजफ्फरनगर। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से मिशन शक्ति के अतर्गत तहसील सभागार में जिलाधिकारी सेल्वाकुमारी जे की अध्यक्षता में स्कूल ना जाने वाली 11 से 14 साल की किशोरियों एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच (हीमोग्कीलोबिन) गई।
और बालिकाओं एवं किशोरियों को पोषण पोटली, सेनेटरी पैड, आयरन की गोलियां वितरित की गई। इस दौरान कुल 40 किशोरियों की जांच की गई।
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने बालिकाओं एवं किशोरियों को खान-पान एवं स्वास्थ्य के प्रति जानकारी दी और बताया कि किस तरह से कुपोषण और एनीमिया से बचा जा सकता है। जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन ने बालिकाओं एवं किशोरियों को आपातकाली नंबर और कानून संबधी जानकारी दी
और बताया कि किसी भी बालिका एवं किशोरी किसी भी संकट की परिस्थिति में इन नंबरों पर कॉल कर सकती है उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। और सरकार की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी। किसी भी महिला को डरने और कोई उत्पीड़न सहने की आवश्यकता नहीं है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा ने स्वास्थ्य शिक्षा, खान-पान और पोषण संबधी जानकारी दी और बताया कि जो किशोरी और बालिका आयरन की गोली का सेवन दूध के साथ करती है
वह गलत है इससे शरीर में आयरन का अवशोषण कम हो जाता है इसके अलावा आयरन फोलिक एसिड गोलियों का सेवन, विटामिन सी युक्त आहार जैसे नींबू, संतरा आदि के साथ किया जाना चाहिए।
जिससे आयरन को अवशोषण सुचारु रुप से हो सके। भोजन में पालक, मेथी, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढ़ाएं क्योकि इसमें आयरन की मात्रा अधिक होती है। अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाना चाहिए। उन्होने बताया कि शरीर में कमजोरी आना, बार-बार चक्कर आना
शरीर में ऊर्जा की कमी होना, लगातार सिर दर्द होना, भोजन निगलने में कठिनाई होना, भूख की कमी होना, शरीर का रंग पीला होना आदि सब एनिमिया के लक्षण है
यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरत डॉक्टर की सलाह लें। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, सीडीओ आलोक यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन एवं आगंनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका मौजूद रही।
