Contracting में कैसा रहेगा भविष्य और किस काम मैं सफलता मिलेगी जाने जन्मकुंडली से ….
Contracting व्यापार करने के लिए या ठेकेदारी व्यापार में अच्छी सफलता के लिए ठेकेदारी के कारक मंगल शनि गुरु और व्यापार के कारक बुध और दसवे भाव, दसवे भाव स्वामी का अच्छा होना जरूरी है।
जब दसवाँ भाव, भावेश बलवान होकर अच्छी स्थिति में है और कही न कही ठेकेदारी के कारक शनि या मंगल गुरु का संबंन्ध दसवे भाव या दसवे भाव स्वामी से अच्छी स्थिति में है बलवान बुध सहित तब ठेकेदारी की जा सकती है।
अब दूसरा और ग्यारहवाँ भाव और इनके स्वामी जितने ज्यादा अच्छी स्थिति में होंगे उतनी ही अच्छी कमाई/आर्थिक लाभ ठेकेदारी से होगा,
यदि दूसरे और ग्यारहवे भाव कमजोर हुए तब ठेकेदारी से आर्थिक लाभ कम हो जाएगी जो कि उपाय करके बढ़ाई जा सकती है। अब कुछ उदाहरणों से समझते है कैसे ठेकेदारी की जा सकती है?
मेष लग्न कुंडली मे दसवे भाव स्वामी स्वयम शनि है अब शनि यही दसवे भाव मे बैठा हो और गुरु भी शनि से संबमध करले या दसवे भाव को देखे ,व्यापार स्वामी बुध बलवान है तब ठेकेदारी अच्छी चलेगी, सफलता मिल जाएगी।
सिंह में दसवे भाव स्वामी शुक्र है अब शुक्र यहाँ बलवान होकर शनि या मंगल से संबंन्ध बनाकर बैठा हो या मंगल या शनि बलवान होकर दसवे भाव मे हो और दशमेश शुक्र भी बलवान है साथ बुध भी बलवान है तब यहाँ ठेकेदारी की जा सकती है, ठेकेदारी में अच्छी सफलता मिलेगी।।
अब शनि या मंगल गुरु का सम्बन्ध दसवे भाव या भावेश के साथ अच्छी स्थिति में होने परसाथ ही बुध व धन भावो की बलवान स्थिति होने पर ठेकेदारी सफलता जरूर मिलेगी।पर किस काम की ठेकेदारी है
जैसे जमीन सड़क बनाने की, बिल्डिंग, मकान बनाने की, बिजली ट्रांसफार्मर ठेकेदारी, पाइप लाइन बिझाने की ठेकेदारी की तो अलग अलग ठेकेदारी काम के अलग अलग ग्रह है
लेकिन शनि गुरु या मंगल गुरु इनका सम्बन्ध फिर भी दसवे भाव या भावेश से होगा तब ही आप ठेकेदारी करके अच्छा मुकाम हासिल कर सकते है क्योंकि यही ग्रह ठेकेदारी में सफलता दिला सकते है।
साथ ही शनि मंगल या गुरु के अतिरिक्त जिन भी ग्रहो का प्रभाव दसवे भाव या भावेश पर उस ग्रह के अधिकार में जिस भी ठेकेदारी क्षेत्र का काम आता है उस क्षेत्र से सम्बंधित ठेकेदारी काम मे ही किस्मत अच्छा साथ देगी।।इस तरह उपरोक्त बलवान योग और ग्रह होने पर ठेकेदारी की जा सकती है।

