Kanpur में IIT की पीएचडी छात्रा से यौन शोषण का मामला: ACP मोहसिन खान का हाईकोर्ट में राहत के लिए आवेदन, जानिए पूरी कहानी
Kanpur में आईआईटी की पीएचडी छात्रा से यौन शोषण के मामले में एक नया मोड़ आया है। एसीपी मोहम्मद मोहसिन खान, जो इस घिनौने आरोप में फंसे हुए हैं, ने अब राहत पाने के लिए कानपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एसीपी मोहसिन ने अपनी याचिका में यह दलील दी है कि पीएचडी छात्रा शादीशुदा होने के बावजूद उसे फर्जी तरीके से फंसाने के लिए उसने झूठी एफआईआर दर्ज करवाई है। इस केस को लेकर पुलिस और कोर्ट में हलचल मच गई है। मामले की सुनवाई गुरुवार को होगी, और इस बीच एसीपी की गिरफ्तारी पर तलवार लटक रही है।
मोहसिन ने कोर्ट में क्या दलील दी?
मोहसिन ने अपनी याचिका में दावा किया है कि पीएचडी छात्रा की शादी हो चुकी है और उसने पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान के निवासी एक इंजीनियर से शादी की है। इसके बाद भी उसने खुद को अविवाहित बताकर मोहसिन से नजदीकियां बढ़ाईं और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। मोहसिन ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य उन्हें झूठे आरोपों में फंसाना था। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों के बीच एक ब्रेकअप हो चुका था, और इसी दौरान छात्रा ने उन्हें प्रेमजाल में फंसा लिया और झूठे आरोपों के साथ रिपोर्ट दर्ज करवा दी। अब हाईकोर्ट में केस की सुनवाई होनी है, और एसीपी ने मामले की रिपोर्ट को रद्द करने की अपील की है।
पीएचडी छात्रा का आरोप: न्याय न मिला तो क्या होगा?
दूसरी तरफ, पीएचडी छात्रा का कहना है कि पुलिस जानबूझकर एसीपी की गिरफ्तारी से बच रही है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस और कुछ उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के कारण उसे न्याय नहीं मिल रहा है। छात्रा ने यह भी कहा कि पुलिस उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही, और किसी भी अपडेट के लिए उसे उपेक्षित किया जा रहा है। छात्रा ने कहा, “अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मुझे भी नहीं पता कि मैं क्या कर लूंगी।” उसका आरोप है कि पुलिस उसके पक्ष में काम नहीं कर रही, जबकि वह पूरी तरह से सच्चाई का समर्थन कर रही है।
छात्रा का आरोप: पुलिस ने उसके मोबाइल का डेटा क्यों नहीं चेक किया?
छात्रा का आरोप है कि पुलिस उसकी पत्नी के मोबाइल का डेटा चेक नहीं कर रही, जबकि उसमें बहुत सारे सबूत हैं जो मामले की जांच को सही दिशा दे सकते हैं। उसने यह भी कहा कि वर्दी पर दाग लगने के बाद पुलिस उसे किसी झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर सकती है। इसके अलावा, छात्रा ने यह आरोप भी लगाया कि सच को सामने आने से रोका जा रहा है, और पुलिस किसी न किसी तरीके से मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
एसीपी के खिलाफ तहरीर और केस दर्ज
गुरुवार को छात्रा ने कल्याणपुर थाने में एसीपी के खिलाफ तहरीर दी और उनकी गिरफ्तारी के लिए कदम उठाए। इसके बाद थाना प्रभारी ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया, और उनके निर्देश पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद पहले तो एसीपी को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। फिर, डीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने आईआईटी पहुंचकर छात्रा के बयान दर्ज किए और एसआईटी (विशेष जांच टीम) के गठन की प्रक्रिया शुरू की।
मोहसिन खान की बैकग्राउंड और तैनाती
मोहम्मद मोहसिन खान, जो मूलरूप से लखनऊ के निवासी हैं, 2013 बैच के पीपीएस अफसर हैं। 12 दिसंबर 2023 से वह कानपुर में तैनात थे, और वहां एसीपी कलक्टरगंज के साथ-साथ साइबर क्राइम की भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मोहसिन ने जुलाई 2024 में आईआईटी से साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन और साइबर क्रिमिनोलॉजी में पीएचडी शुरू की थी। इसी दौरान उनका संपर्क पीएचडी छात्रा से हुआ, और आरोप है कि मोहसिन ने शादी का झांसा देकर उसे शारीरिक शोषण का शिकार बनाया।
शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना
मोहसिन पर आरोप है कि उन्होंने शादीशुदा होने के बावजूद खुद को कुंवारा बताकर पीएचडी छात्रा से नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद, उन्होंने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। छात्रा ने जब मोहसिन के शादीशुदा होने के बारे में जानने के बाद विरोध किया, तो मोहसिन ने उसे यह आश्वासन दिया कि वह जल्द ही अपनी पत्नी से तलाक लेकर उससे शादी कर लेगा। लेकिन जब छात्रा ने मोहसिन की पत्नी से संपर्क किया, तो उसने बताया कि उसका वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा है, जिससे छात्रा को धोखा महसूस हुआ। इसके बाद छात्रा ने आईआईटी प्रबंधन से शिकायत की और फिर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
Kanpur में पुलिस जांच और कार्रवाई
अब इस पूरे मामले की जांच एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह की अध्यक्षता वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस केस की जांच को बहुत गहरे से किया है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है और क्या एसीपी मोहसिन खान को न्याय मिल पाता है या नहीं।
यह मामला Kanpur पुलिस और उच्च अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। जहां एक तरफ पीएचडी छात्रा अपनी शिकायत को लेकर न्याय की उम्मीद करती है, वहीं दूसरी ओर एसीपी मोहसिन खान ने कोर्ट का सहारा लिया है। दोनों पक्षों के आरोप और जवाबी दावे इस मामले को और भी जटिल बना रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले का क्या हल निकलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाले ACP Mohsin का घिनौना खेल: छात्रा के मोबाइल से शुरू हुआ शिकार!

