Israeli हवाई हमले में हमास आतंकी ढेर, नोआ अर्गमानी के अपहरण में था शामिल; 7 अक्टूबर हमले से जुड़ी पूरी कहानी
Israeli और हमास के बीच जारी संघर्ष के दौरान इजराइली सेना ने एक ऐसे हमास सदस्य को हवाई हमले में मार गिराने का दावा किया है, जिसका नाम 7 अक्टूबर 2023 के हमले और बंधक बनाए गए इजराइली नागरिकों से जुड़ा रहा है। इजराइली सेना के मुताबिक, शनिवार को किए गए हवाई हमले में साहेर निदाल लत्फी साकर मारा गया। IDF ने रविवार को उसकी मौत की जानकारी साझा की और इसके साथ एक वीडियो भी जारी किया।
इजराइली सेना का कहना है कि साकर 7 अक्टूबर 2023 को नोआ अर्गमानी और उनके साथी अविनातन ओर के अपहरण में शामिल था। दोनों को नोवा म्यूजिक फेस्टिवल से जबरन उठाकर गाजा ले जाया गया था। इस घटना का वीडियो उस समय दुनिया भर में चर्चा में आया था और नोआ अर्गमानी उन चेहरों में शामिल हो गई थीं, जिनकी तस्वीरें इजराइली बंधक संकट की पहचान बन गईं।
IDF के मुताबिक, साकर सिर्फ अपहरण की घटना तक सीमित नहीं था। इजराइली सेना ने दावा किया है कि वह गाजा में सक्रिय जिहादी संगठनों से जुड़ा था, हमास तक हथियार पहुंचाने का काम करता था और इजराइली सैनिकों तथा आम नागरिकों के खिलाफ हमलों की तैयारी में भी उसकी भूमिका थी।
कौन था साहेर निदाल लत्फी साकर?
इजराइली सेना के अनुसार, साहेर निदाल लत्फी साकर हमास से जुड़ा एक सदस्य था। IDF का दावा है कि युद्ध के दौरान वह हथियारों की सप्लाई से जुड़े काम में सक्रिय था। इसके अलावा इजराइली सैनिकों और नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों की तैयारी में भी वह शामिल रहा।
हालांकि, इन दावों को इजराइली सेना के आधिकारिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। युद्ध के दौरान अलग-अलग पक्षों की ओर से किसी व्यक्ति की भूमिका और गतिविधियों को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि हमेशा संभव नहीं होती।
साकर का नाम खास तौर पर नोआ अर्गमानी और अविनातन ओर के अपहरण से जुड़ा है। IDF के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 को उसने दोनों को मोटरसाइकिल पर बैठाया और जबरन गाजा की ओर ले गया था।
यही वजह है कि उसकी मौत की घोषणा को इजराइल में 7 अक्टूबर के हमले और बंधक बनाए गए लोगों से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है।
7 अक्टूबर 2023 को नोवा फेस्टिवल से हुआ था नोआ का अपहरण
7 अक्टूबर 2023 की सुबह हमास और अन्य सशस्त्र लड़ाकों ने इजराइल के दक्षिणी हिस्सों में बड़े पैमाने पर हमला किया था। इसी दौरान नोवा म्यूजिक फेस्टिवल भी हमले की चपेट में आया।
उस समय 25 साल की नोआ अर्गमानी अपने साथी अविनातन ओर के साथ फेस्टिवल में मौजूद थीं। हमले के दौरान दोनों को अलग कर दिया गया और नोआ को जबरन ले जाया गया।
नोआ की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। वीडियो में उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाते हुए देखा गया था। यह तस्वीर बाद में 7 अक्टूबर के हमले के दौरान बंधक बनाए गए लोगों की स्थिति का एक प्रमुख प्रतीक बन गई।
इजराइली सेना के अनुसार, इस अपहरण में साहेर निदाल लत्फी साकर की भी भूमिका थी।
7 अक्टूबर का हमला कैसे बना बड़े युद्ध की शुरुआत
7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। हमास ने इस हमले को ‘अल-अक्सा फ्लड’ ऑपरेशन का नाम दिया था।
हमले के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने गाजा में हमास के खिलाफ अपना सैन्य अभियान शुरू किया। इजराइल ने इसे ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ यानी ‘आयरन स्वॉर्ड्स’ अभियान का नाम दिया।
इसके बाद इजराइल और हमास के बीच युद्ध लगातार लंबा होता गया। गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई हुई, जबकि हमास और अन्य सशस्त्र समूहों की ओर से भी इजराइल को निशाना बनाने वाली गतिविधियां जारी रहीं।
इस संघर्ष ने बंधक बनाए गए लोगों के मुद्दे को भी बेहद महत्वपूर्ण बना दिया। कई परिवार लंबे समय तक अपने परिजनों की वापसी का इंतजार करते रहे।
नोवा म्यूजिक फेस्टिवल बना 7 अक्टूबर की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक
नोवा फेस्टिवल में बड़ी संख्या में युवा संगीत कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन सुबह के समय अचानक हुए हमले ने पूरे कार्यक्रम को अफरा-तफरी में बदल दिया।
लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। कई लोगों ने आसपास खड़ी गाड़ियों के पीछे छिपने की कोशिश की। हमलावरों की गोलीबारी के बीच बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और कई लोगों को बंधक बना लिया गया।
हमले की तस्वीरों और वीडियो में हमलावरों को अलग-अलग वाहनों, मोटरसाइकिलों और पैराग्लाइडर्स के जरिए इजराइल में प्रवेश करते हुए देखा गया था।
नोआ अर्गमानी का अपहरण भी इसी हमले के दौरान हुआ था।
करीब आठ महीने बाद इजराइली सेना ने नोआ को छुड़ाया
नोआ अर्गमानी की कहानी का अगला बड़ा अध्याय 8 जून 2024 को सामने आया। इजराइली सेना ने गाजा के नुसीरात इलाके में एक विशेष अभियान चलाकर उन्हें बंधक स्थिति से मुक्त कराया।
इस अभियान को ‘ऑपरेशन अर्नोन’ नाम दिया गया था।
इस कार्रवाई में नोआ के साथ तीन अन्य इजराइली बंधकों को भी छुड़ाया गया। इनमें आंद्रेई कोज्लोव, अल्मोग मीर जान और श्लोमी जिव शामिल थे।
इजराइली सेना, शिन बेट और इजराइली पुलिस की विशेष इकाई यमम ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया था।
ऑपरेशन के दौरान भारी गोलीबारी हुई थी और अभियान से जुड़े कमांडर अर्नोन जमोरा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई।
इसी के बाद इस बचाव अभियान का नाम ‘ऑपरेशन अर्नोन’ रखा गया।
अर्नोन जमोरा के नाम पर क्यों रखा गया ऑपरेशन का नाम?
ऑपरेशन अर्नोन सिर्फ बंधकों की रिहाई के कारण ही चर्चा में नहीं रहा, बल्कि इसके दौरान मारे गए इजराइली कमांडर अर्नोन जमोरा के कारण भी इसका नाम महत्वपूर्ण हो गया।
जमोरा यमम के कमांडर थे। नुसीरात में बंधकों को छुड़ाने के दौरान वह हमास की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए। अभियान के दौरान उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
इजराइली पक्ष ने उनके सम्मान में पूरे अभियान को ‘ऑपरेशन अर्नोन’ नाम दिया।
अविनातन ओर की कहानी नोआ से अलग रही
नोआ अर्गमानी को जून 2024 में छुड़ा लिया गया था, लेकिन उनके साथी अविनातन ओर की रिहाई बाद में हुई।
दी गई जानकारी के मुताबिक, अविनातन ओर अक्टूबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की गाजा डील के तहत रिहा हुए।
इस तरह 7 अक्टूबर 2023 को एक साथ अपहरण किए गए नोआ और अविनातन की बंधक यात्रा अलग-अलग समय पर खत्म हुई।
साहेर निदाल लत्फी साकर पर अब इसी अपहरण में शामिल होने का आरोप इजराइली सेना ने लगाया है।
नोआ के अपहरण से जुड़ा एक और आतंकी भी मारा गया था
नोआ अर्गमानी और अन्य बंधकों के अपहरण से जुड़े लोगों में से एक अन्य व्यक्ति की मौत की जानकारी भी पहले सामने आ चुकी है।
इजराइली सेना के अनुसार, जुलाई 2026 में अहमद हुसैन मोहम्मद काफिना को भी हवाई हमले में मार गिराया गया था।
IDF ने काफिना को मुजाहिदीन ब्रिगेड का कमांडर बताया था। इजराइली सेना के मुताबिक, वह 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल में घुसने वाले हमलावरों में शामिल था और नोआ अर्गमानी तथा अविनातन ओर के अपहरण में भी उसकी भूमिका थी।
इस तरह इजराइली सेना के दावों के अनुसार, नोआ के अपहरण से जुड़े कई लोगों को बाद के सैन्य अभियानों में निशाना बनाया गया।
गाजा में महिलाओं और लड़कियों की स्थिति पर भी चिंता
इसी बीच गाजा में महिलाओं और लड़कियों की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष यानी UNFPA की एक रिपोर्ट का भी जिक्र सामने आया है।
रिपोर्ट में युद्ध और मानवीय संकट के बीच महिलाओं और लड़कियों के सामने बढ़ती हिंसा और असुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट में एक बेहद गंभीर उदाहरण सामने आया, जिसमें एक पिता ने अपनी 14 साल की बेटी की शादी दो बोरी आटे के बदले कर दी।
यह मामला युद्ध के दौरान पैदा हुए मानवीय संकट की गंभीरता को दिखाने वाला उदाहरण बताया गया है। भोजन, सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों की कमी के बीच सबसे कमजोर वर्गों पर संकट का असर और गहरा होने की बात कही गई है।
बंधक संकट से लेकर मानवीय संकट तक पहुंचा संघर्ष
7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध केवल इजराइल और हमास के बीच सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रहा। इसके साथ बंधक संकट, बड़े पैमाने पर विस्थापन, नागरिकों की मौत और गाजा में मानवीय सहायता की जरूरत जैसे मुद्दे भी लगातार सामने आते रहे हैं।
नोआ अर्गमानी जैसे मामलों ने बंधक बनाए गए लोगों की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रखा। दूसरी तरफ गाजा में रहने वाले आम नागरिकों की स्थिति भी युद्ध के दौरान लगातार चिंता का विषय बनी रही।
एक ओर इजराइल अपने नागरिकों और सैनिकों पर हुए हमलों तथा बंधकों की वापसी को सैन्य कार्रवाई के प्रमुख कारणों में रखता है, वहीं गाजा में नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंताएं उठती रही हैं।
साकर की मौत से फिर सामने आया 7 अक्टूबर का अध्याय
साहेर निदाल लत्फी साकर की मौत की घोषणा के साथ 7 अक्टूबर 2023 के हमले से जुड़ा एक और नाम फिर चर्चा में आ गया है।
इजराइली सेना का दावा है कि वह सिर्फ उस दिन के हमले में शामिल नहीं था, बल्कि बाद में भी हमास के लिए हथियारों की सप्लाई और हमलों की तैयारी में सक्रिय रहा।
नोआ अर्गमानी को 2024 में बचाया जा चुका है और उनके साथी अविनातन ओर की रिहाई भी बाद में हुई, लेकिन दोनों के अपहरण से जुड़ी घटनाएं आज भी 7 अक्टूबर के हमले की व्यापक कहानी का हिस्सा बनी हुई हैं।
इजराइली सेना की ओर से जारी वीडियो और बयान के बाद अब साकर की मौत को इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि युद्ध के बीच सामने आने वाले सैन्य दावों और किसी व्यक्ति की भूमिका से जुड़े विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में संभव नहीं होती।

