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JF-17 फाइटर जेट की बढ़ी अंतरराष्ट्रीय डिमांड! भारत से तनाव के बाद पाकिस्तान के दावों से गरमाई वैश्विक हथियार बाजार

JF-17 fighter jet demand को लेकर पाकिस्तान ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार, भारत के साथ पिछले साल मई में हुए सैन्य तनाव के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की अंतरराष्ट्रीय मांग में तेजी आई है। उनका कहना है कि कई देश पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने को लेकर बातचीत कर रहे हैं, जिससे वैश्विक हथियार बाजार में हलचल मच गई है।


✈️ रेडियो पाकिस्तान का दावा: कई देशों से चल रही बातचीत

रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने बुधवार को बयान देते हुए कहा कि हालिया संघर्ष के बाद पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं पर दुनिया का ध्यान गया है। उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन फाइटर जेट्स की मांग बढ़ी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसे सीधे तौर पर JF-17 थंडर से जोड़ा जा रहा है।


🌍 किन देशों ने दिखाई JF-17 में दिलचस्पी

कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश, सूडान, लीबिया, सऊदी अरब, इराक और इंडोनेशिया जैसे देश JF-17 थंडर फाइटर जेट को लेकर रुचि दिखा रहे हैं। यह विमान अपनी कम लागत और मल्टी-रोल क्षमताओं के कारण उभरते और विकासशील देशों के लिए आकर्षक माना जा रहा है।


🇮🇩 इंडोनेशिया से 40 JF-17 पर बातचीत

रॉयटर्स के मुताबिक, 12 जनवरी को इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान वायु सेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की। इस दौरान लगभग 40 JF-17 फाइटर जेट्स की संभावित खरीद पर चर्चा हुई। यह सौदा अगर पूरा होता है, तो यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और सैन्य सफलता मानी जाएगी।


🇧🇩 बांग्लादेश और 🇸🇦 सऊदी अरब से भी संपर्क

बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार के अनुसार, पाकिस्तान और बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुखों के बीच JF-17 को लेकर बातचीत हो चुकी है। वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने 7 जनवरी को सऊदी अरब को भी JF-17 बेचने को लेकर चर्चा की।

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब से मिले 2 अरब डॉलर के लोन के बदले इस सौदे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि अभी तक इन सौदों पर किसी भी देश की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


🌐 पहले से JF-17 इस्तेमाल कर रहे देश

रॉयटर्स की 9 जनवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक दशक में नाइजीरिया, म्यांमार और अजरबैजान पहले ही JF-17 थंडर को अपने सैन्य बेड़े में शामिल कर चुके हैं। इसके अलावा अल-जज़ीरा की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिसंबर 2025 में पाकिस्तान ने लीबिया के विद्रोही गुट लीबियाई नेशनल आर्मी को 4 अरब डॉलर में एक दर्जन से ज्यादा JF-17 बेचने का सौदा किया था, जिसे पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी हथियार डील बताया जा रहा है।


🔧 चीन-पाकिस्तान की साझेदारी, इंजन रूस का

पाकिस्तान सरकार के अनुसार, JF-17 थंडर एक मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे जून 2007 में चीन के साथ मिलकर विकसित किया गया था। इसका डिजाइन चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने तैयार किया, जबकि फाइनल असेंबली पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स में की गई।

इस जेट में इस्तेमाल होने वाला क्लिमोव RD-93 और नए ब्लॉक-3 में RD-93MA इंजन रूस में बना है। पाकिस्तान को ये इंजन चीन के जरिए मिलते हैं। JF-17 के निर्माण में लगभग 58% हिस्सा पाकिस्तान और 42% चीन का है।


⚙️ मेंटेनेंस और तकनीकी सीमाएं

ग्लोबल डिफेंस कॉर्प की रिपोर्ट के मुताबिक, JF-17 के मेंटेनेंस और स्पेयर पार्ट्स के लिए पाकिस्तान काफी हद तक चीन पर निर्भर है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते रूसी इंजन की सप्लाई पर भी असर पड़ा है।

यह जेट स्टेल्थ टेक्नोलॉजी से लैस नहीं है, यानी यह दुश्मन के रडार से बच नहीं पाता। तकनीकी विशेषज्ञ JF-17 में सेंसर, एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम को लेकर भी सीमाएं बताते हैं।


💰 क्यों बढ़ रही है JF-17 की डिमांड

JF-17 थंडर को 4.5 पीढ़ी का लाइट-वेट फाइटर जेट माना जाता है। इसकी तुलना भारत के तेजस, अमेरिका के F-16 और रूस के MiG-29 से की जाती है। इन सभी की तुलना में JF-17 की कीमत कम है, जो आर्थिक रूप से कमजोर या मध्यम देशों के लिए इसे आकर्षक बनाती है।


🇮🇳 तेजस बनाम JF-17: कौन बेहतर

भारतीय वायुसेना का स्वदेशी तेजस फाइटर जेट कई मामलों में JF-17 से बेहतर माना जाता है। तेजस में आधुनिक AESA रडार, एडवांस्ड सेंसर फ्यूजन, डिजिटल कॉकपिट और मजबूत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम मौजूद है। इसके अलावा, हल्के कंपोजिट मटेरियल के कारण इसका रडार सिग्नेचर भी कम है।


⚔️ ऑपरेशन सिंदूर और दोनों देशों के दावे

जियो न्यूज को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया था कि मई 2025 में भारत के साथ झड़प के दौरान पाकिस्तान ने अपनी सैन्य क्षमता दुनिया को दिखाई। वहीं पाक वायुसेना प्रमुख ने JF-17 के जरिए भारतीय जेट गिराने का दावा किया।

इसके उलट, भारतीय वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने 8 अक्टूबर 2025 को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर कई ठिकानों को तबाह किया और 5 पाकिस्तानी फाइटर जेट्स गिराए, जिनमें JF-17 भी शामिल थे।


भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद JF-17 फाइटर जेट को लेकर पाकिस्तान के दावे वैश्विक रक्षा बाजार में नई बहस को जन्म दे रहे हैं। कम कीमत, बहुउद्देश्यीय क्षमता और राजनीतिक समीकरण इसे कई देशों के लिए आकर्षक बनाते हैं, लेकिन तकनीकी सीमाएं और निर्भरता भी इसके साथ जुड़ी सच्चाई हैं। आने वाले समय में यह साफ होगा कि पाकिस्तान के दावे महज बयानबाज़ी हैं या वास्तव में JF-17 अंतरराष्ट्रीय हथियार बाजार में बड़ा खिलाड़ी बनने जा रहा है।

 

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