उत्तर प्रदेश

Lakhimpur Kheri: किसानों पर केंद्रीय मंत्री के बेटे ने चढाई गाडी, दो की मौत, कईं घायल, बवाल जल्द थमने की संभावना नहीं

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के Lakhimpur Kheri में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री व यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के कार्यक्रम का विरोध कर रहे सड़क के किनारे खड़े किसानों पर गाड़ी चढ़ाने की खबर सामने आई है. इस हादसे में कम से कम दो किसानों की मौत की खबर है।संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्वीट कर ये जानकारी दी. इसके मुताबिक मंत्री के काफिले की गाड़ियां द्वारा कुचले जाने पर 2 किसानों की मौत हो गयी है व 8 किसान गंभीर जख्मी है। आरोप लगाया जा रहा है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र ने अपने साथियों के साथ किसानों पर गाडी चढा दी।

ये हादसा लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में हुआ है. कार चालक ने किसानों पर पीछे से गाड़ी चढ़ाई जिसमें दो किसानों की मौत हो गई. हादसे में कई किसानों के घायल होने की सूचना. रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे थे किसान।

Lakhimpur Kheri News: महाराजा अग्रसेन विद्या मंदिर खेड़ा स्थल पर भारतीय किसान यूनियन व भारतीय किसान संगठन समेत कई किसान संगठनों ने कर लिया कब्जा

लखीमपुर खीरी में भाजपा नेताओं से टकराव के बाद शुरू हुआ बवाल जल्द थमने की संभावना नहीं दिख रही है। लखीमपुर खीरी जंग का नया मैदान बनने जा रहा है। राकेश टिकैत भी किसानों के जत्थे के साथ दिल्ली बार्डर से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों पर हमला किया गया। उन पर फायरिंग की गई है।

भारतीय किसान यूनियन ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से राकेश टिकैत की रवानगी की जानकारी देने के साथ ही बताया कि केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय टेनी के बेटे की कार से तीन किसानों की मौत हो गई है। किसान नेता तजेंद्रर सिंह विर्क घायल हैं।हालांकि अभी तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सैकड़ों समर्थकों के साथ रविवार शाम सवा पांच बजे गाजीपुर बॉर्डर से खीरी के लिए निकल गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश भी दिया है।

खीरी के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वहां किसान वापस लौट रहे थे। उन पर गाड़ियों से हमला किया गया। फायरिंग की गई। इसमें कई किसानों की मौत की खबर है। हम यहां से लखीमपुर खीरी के लिए निकल रहे हैं। रात 12-1 बजे तक हम खीरी पहुंच सकते हैं। वहां पीड़ित किसानों के बीच जाएंगे और उनकी बात को सबके सामने रखेंगे।

हैदराबाद से सीधे गाजीपुर और तंबू में बैठक करके किया कूच

इससे पहले हैदराबाद में एक कार्यक्रम करने के बाद राकेश टिकैत रविवार दोपहर में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। इसी दौरान उन्हें खीरी में आंदोलन हिंसक होने की खबरें मिली। तुरंत उन्होंने आपात बैठक बुलाई। अपने तंबू में राकेश टिकैत ने वरिष्ठ किसान नेता युद्धवीर सिंह, राजवीर सिंह जादौन आदि से वार्ता की। इसके बाद फैसला लिया गया कि खीरी के किसानों के समर्थन में राकेश टिकैत तुरंत वहां के लिए कूच करेंगे। आनन-फानन में गाड़ियों का काफिला तैयार कराया गया।

किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने के लिए कहा गया। गाजीपुर बॉर्डर पर माहौल गरमाया तो कई थानों की पुलिस भी पहुंच गई। भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता गुड्डू प्रधान ने बताया कि लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के बाद से देशभर के किसानों में गुस्सा है। जल्द बड़े आंदोलन का ऐलान हो सकता है।

मंत्री व उनके बेटे पर हत्या का मुकदमा चले
संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता दर्शनपाल ने बयान जारी कर कहा कि हमारे किसान साथियों ने आज यूपी के डिप्टी सीएम को हेलीकॉप्टर से उतरने के लिए वहां घेराव किया था। यह घेराव खत्म होने वाला था। उसी वक्त तीन गाड़ियां तेज स्पीड में आईं। एक गाड़ी में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री का बेटा समेत कई लोग थे।

उन्होंने किसानों के ऊपर गाड़ियां चढ़ा दी। इसमें दो किसानों की मौत हो गई। साथ ही हमारे नेता तेजिंदर विर्क को गंभीर चोटें लगी हैं। इसे लेकर किसानों में गुस्सा है। इस गुस्से में किसानों ने उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है। संयुक्त किसान मोर्चा मांग करता है कि गृह राज्यमंत्री, उनके बेटे, भाई पर कत्ल का मुकदमा दर्ज हो। मंत्री पद से निष्कासित किया जाए। ऐसे ही अन्य दोषियों पर मुकदमे दर्ज किए जाएं। यह दुख की घटना है। हम इस पर जल्द फैसला लेंगे।

जगतार बाजवा बोले- किसान अलर्ट रहें, संयम बनाए रखें
गाजीपुर बॉर्डर से किसान प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि मंत्री के बेटे ने किसानों को रौंदा। इसमें कुछ किसान शहीद हुए हैं। यह भारत के इतिहास में इस तानाशाह सरकार का सबसे बड़ा प्रमाण है। लोकतांत्रिक तरीके से किसी को आंदोलन करने का भी अधिकार इस सरकार में नहीं है। सभी किसान अपने-अपने क्षेत्र में अलर्ट रहें। संयम बनाए रखें। एसकेएम की जो कॉल आएगी, उसका पालन करें।

रिपोर्ट्स के मुताबिक केशव प्रसाद मौर्य के पहुंचने से पहले ही कुछ भाजपाइयों और किसानों में बवाल हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपाइयों ने किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी. इससे गुस्साए किसानों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी।

 

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