Mahoba: बीमारी से परेशान दिव्यांग शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान
Mahoba थाना श्रीनगर के पिपरामाफ गांव में दिव्यांग शिक्षक ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद किया गया, जिसमें जिंदगी में शारीरिक चुनौतियाें से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
पिपरामाफ निवासी कृष्णदेव त्रिपाठी के इकलौते बेटे विजय कुमार त्रिपाठी (47) बचपन से ही दिव्यांग थे। संगीत के शौकीन होने के चलते उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश के दतिया और महोबा में विशेष दिव्यांग शिक्षक के रूप में काम किया।
पिता ने कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। विजय बैसाखी के सहारे चलते फिरते थे। सोमवार रात पिता सो गए तो विजय कुमार ने कमरे के अंदर पंखे के हुक से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली, जिससे मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

