Mission Shakti: गन्ना बीज उत्पादन में लगी 3509 महिलाओं ने तैयार की 9 लाख से अधिक पौध
मुजफ्फरनगर। कोरोना काल की आपदा को गन्ना विभाग और जिले की महिलाओं ने अवसर में बदलते हुए बङ चिप विधि और सिंगल बड से गन्ना बीज की 9 लाख से अधिक पौधे तैयार कर दी हैं। गन्ना विभाग द्वारा एक पौध के लिए 1.50 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इससे प्रदेश की योगी सरकार के द्वारा महिलाओं के उत्थान हेतु चलाये जा रहे कार्यक्रमों यानी Mission Shakti को एक नया आयाम मिला है।
मुजफ्फरनगर के जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बातचीत के दौरान बताया कि वर्ष 2020 में जब कोरोना की भयंकर त्रासदी से देश जूझ रहा था। तब प्रदेश की योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान में सहयोग के लिए गन्ना विभाग के मुखिया अपर मुख्य सचिव एवं गन्ना चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी की स्वप्रेरणा से ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी आर्थिक उन्नति एवं स्वालंबन के दृष्टिकोण से गांव-गांव में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का गठन कराकर उनके माध्यम से गन्ने की सिंगल बड और बड चिप से गन्ने की नवीनतम किस्मों के पौध को तैयार कराया गया।
इन गन्ना पौध को किसानों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। गन्ने का बीज तैयार करने का यह अभियान अब पूर्ण रूप से मूर्त रूप ले चुका है।डीसीओ ने बताया कि जनपद में अब तक 158 महिला स्वयं सहायता समूह क्रियाशील हो चुके हैं। इन समूहों से 3509 महिलाएं जुड़ी हुई है जो अब तक 9 लाख से अधिक गन्ना पौध तैयार कर चुकी है।
सितंबर से असौज के समय में इनको से गन्ने की बुवाई चल रही है। इन तैयार बीज से गन्ने की बुवाई करने पर एक बीघे में लगभग 4 कुंतल बीज की बचत होती है जिसका मूल्य लगभग 1400 रुपए का लाभ किसान को मिलता है।
किसानों को इन बीजों का फायदा
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सिंगल बडध् बड चिप से तैयार एक पौध की कीमत तीन रुपए है लेकिन किसान को केवल 1.50 रुपया ही देना होता है, क्योंकि विभाग महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रति पौध वितरण पर 1.50 रुपयाअनुदान दे रहा है।

