MT Eureka Hijacking: गल्फ ऑफ एडन में Somali समुद्री लुटेरों का दुस्साहस, 🚢10 दिन में दूसरा तेल टैंकर हाईजैक – वैश्विक 🌍 समुद्री सुरक्षा पर मंडराया खतरा
Gulf of Aden में हुए MT Eureka hijacking ने एक बार फिर वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। हथियारबंद Somali समुद्री लुटेरों ने यमन के तट के पास इस तेल टैंकर को अपने कब्जे में लेकर उसे सोमालिया की दिशा में मोड़ दिया है। यह घटना केवल एक जहाज के अपहरण तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर बढ़ते खतरे का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में समुद्री डकैती की घटनाओं में तेजी आई है और यह क्षेत्र फिर से वैश्विक समुद्री संकट का केंद्र बनता जा रहा है।
सुबह 5 बजे हमला, हथियारबंद गिरोह ने जहाज पर चढ़कर कब्जा किया
रिपोर्टों के अनुसार यह हमला स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 5 बजे हुआ। टोगो के झंडे के तहत चल रहा तेल टैंकर Yemen के काना पोर्ट के पास से गुजर रहा था, तभी सोमालिया के पुंटलैंड क्षेत्र के क़ंदाला इलाके से आए समुद्री डाकुओं ने जहाज पर धावा बोल दिया।
बताया जा रहा है कि हमलावर छोटी नावों के जरिए जहाज तक पहुंचे और सीधे उस पर चढ़कर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि जहाज को बचाने के लिए तत्काल कोई प्रभावी प्रतिक्रिया संभव नहीं हो सकी।
सोमालिया की ओर ले जाया जा रहा तेल टैंकर
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार हाईजैक किए जाने के बाद टैंकर को सोमालियाई जलक्षेत्र की दिशा में ले जाया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि जहाज को जल्द ही वहां लंगर डालने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि यह रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्ग है।
10 दिनों में दूसरा बड़ा हाईजैक, बढ़ता जा रहा खतरा 🚢
यह घटना पिछले दस दिनों के भीतर दूसरी बड़ी समुद्री डकैती मानी जा रही है। इससे पहले 22 अप्रैल को ‘Honor 25 oil tanker’ नाम के एक अन्य तेल टैंकर को भी सोमाली समुद्री डाकुओं ने कब्जे में ले लिया था।
उस जहाज में लगभग 18,500 बैरल तेल मौजूद था और वह मोगादिशु की ओर जा रहा था। उसके चालक दल में पाकिस्तानी और भारतीय नागरिक भी शामिल थे। लगातार दो घटनाओं ने संकेत दिया है कि समुद्री डाकुओं की गतिविधियां फिर से संगठित तरीके से बढ़ रही हैं।
तीसरे जहाज को निशाना बनाने की भी कोशिश
इसी बीच United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने एक और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी दी है। बताया गया कि अल-मुकाला के पास एक मालवाहक जहाज के करीब हथियारबंद लोग स्किफ नाव से पहुंचे थे।
हालांकि इस घटना में जहाज पर कब्जा नहीं किया जा सका, लेकिन इससे यह संकेत स्पष्ट मिल गया कि पूरे क्षेत्र में समुद्री डाकुओं की सक्रियता बढ़ चुकी है और खतरा लगातार बना हुआ है।
होर्मुज और लाल सागर में बढ़ते तनाव से बिगड़ी स्थिति
Strait of Hormuz के बंद रहने और Red Sea में बढ़ते सैन्य तनाव ने समुद्री सुरक्षा को और जटिल बना दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर साफ दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण जहाजों के वैकल्पिक मार्ग सीमित हो गए हैं, जिससे गल्फ ऑफ एडन का महत्व और जोखिम दोनों बढ़ गए हैं।
हूती विद्रोहियों के हमलों से बढ़ी समुद्री डकैती की संभावना
विश्लेषकों के अनुसार यमन में सक्रिय Houthi rebels द्वारा लाल सागर और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में लगातार किए जा रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
इस स्थिति का फायदा उठाकर सोमाली समुद्री डाकुओं ने अपनी गतिविधियां फिर से तेज कर दी हैं। लंबे समय बाद इस तरह की घटनाओं का दोबारा सामने आना वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
2011 के बाद फिर बढ़ा समुद्री डकैती का खतरा
एक समय ऐसा था जब 2011 के बाद सोमालिया के समुद्री क्षेत्रों में डकैती की घटनाएं काफी कम हो गई थीं। अंतरराष्ट्रीय नौसेना बलों की सक्रियता और संयुक्त सुरक्षा अभियानों ने इस खतरे को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया था।
लेकिन 2023 के अंत से स्थिति फिर बदलती दिखाई दे रही है। हालिया घटनाएं इस बात का संकेत देती हैं कि समुद्री डाकू फिर से संगठित होकर रणनीतिक रूप से सक्रिय हो रहे हैं।
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है असर 🌍
गल्फ ऑफ एडन और लाल सागर से होकर दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और व्यापारिक माल गुजरता है। ऐसे में लगातार हो रही समुद्री डकैती की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार मार्गों पर असर डाल सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो इसका प्रभाव वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं की मौजूदगी के बावजूद चुनौती बरकरार
अरब सागर क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की घटनाओं का होना सुरक्षा व्यवस्थाओं के सामने नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री डकैती से निपटने के लिए बहुराष्ट्रीय सहयोग और सतत निगरानी बेहद आवश्यक है।

