Muradabad ATM Theft Probe: 50,000 Dump Numbers खंगाले, पुलिस ने बदमाशों की बातचीत के सुराग ढूंढने तेज़ की सर्विलांस
Muradabad में एटीएम उखाड़ ले जाने की सनसनीखेज वारदात ने पुलिस को डिजिटल स्तर पर बेहद व्यापक जांच करने के लिए मजबूर कर दिया है। Muradabad ATM theft probe के तहत पुलिस ने शहर में स्थित चार मोबाइल टावरों से 50,000 डंप नंबर उठाए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के दौरान किन संदिग्ध मोबाइल फोन नंबरों का उपयोग हुआ।
पुलिस अनुमान लगा रही है कि बदमाश शहर में दाखिल होने के बाद रात एक से तीन बजे के बीच आपस में बातचीत करते रहे होंगे। इसी आधार पर सर्विलांस टीमों ने टावर लोकेशन के अनुसार डंप डेटा उठाकर शॉर्टलिस्टिंग शुरू कर दी है।
यह जांच न केवल भारी डेटा एनालिसिस की मांग करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि अपराधियों की गतिविधियां पकड़ने के लिए डिजिटल तकनीक पुलिस के लिए कितनी अहम हो चुकी है।
सर्विलांस सेल का मैराथन ऑपरेशन—रात में बातचीत करने वालों में कई ‘मूविंग नंबर’ सामने आए
डंप डेटा में शामिल हज़ारों नंबरों में पुलिस को ऐसे लोग भी मिले जिन्होंने रात में लंबी बातचीत की और फिर शहर से बाहर निकल गए।
इन्हें ‘मूविंग नंबर’ कहा जाता है।
पुलिस अब विशेष रूप से ऐसे नंबरों पर निगाह रख रही है—
जो वारदात की जगह के नज़दीक एक्टिव थे
रात 1–3 बजे के बीच कॉल एक्टिविटी में थे
जिनकी लोकेशन घटना से पहले और बाद में लगातार बदल रही थी
जिनके मालिकों की पहचान संदिग्ध लग रही है
पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि शुक्रवार तक संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान संभव हो जाएगी, जिससे बदमाशों तक पहुंचने में बड़ी सफलता मिल सकती है।
एक टावर का डंप तैयार—चार विशेष नंबर अलग किए गए, ये बन सकते हैं सुराग
बुधवार को सर्विलांस टीम ने एक टावर के डंप नंबरों को पूरी तरह छांट लिया।
डंप में से चार ऐसे मोबाइल नंबर मिले हैं जिनकी गतिविधि बाकी नंबरों से अलग दिखाई दी।
अगर ये नंबर बदमाशों के निकल आए, तो—
लोकेशन ट्रैकिंग से पूरी मूवमेंट का पता चलेगा
गिरोह की दिशा, प्रवेश मार्ग और भागने का रूट साफ़ हो जाएगा
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से साथी अपराधियों का नेटवर्क खुल सकता है
अधिकारियों का मानना है कि सही नंबर मिलते ही यह केस तेजी से सुलझने की ओर बढ़ जाएगा।
SP City की गहन समीक्षा—स्थानीय बदमाशों के शामिल होने की आशंका बढ़ी
बुधवार रात SP सिटी ने पुलिस टीमों के साथ बैठक की और अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने साफ कहा कि—
वारदात में स्थानीय बदमाशों की भूमिका हो सकती है
पुलिस को तेजी से काम करना होगा
जेल में बंद कुछ अपराधियों से पूछताछ की जाएगी
जेल में बंद गिरोहों से जुड़े लोगों से पूछताछ इसलिये भी जरूरी मानी जा रही है क्योंकि कई बार एटीएम गैंग स्थानीय अपराधियों की मदद से ही ऑपरेशन को अंजाम देते हैं।
Muradabad ATM theft probe में हरियाणा के नूंह का नाम फिर आया—ATM तोड़ने में माहिर गैंगों की चर्चा
पुलिस सूत्रों ने बताया कि देश में एटीएम को काटकर या उखाड़कर ले जाने की वारदातों में हरियाणा के नूंह जिले का नाम कई बार सामने आया है।
यहां कई पेशेवर गैंग सक्रिय हैं
गैस कटर, हाइड्रोलिक मशीन और खास वाहन इनके पास होते हैं
जुलाई में महाराष्ट्र पुलिस ने नूंह से एक दंपती को ATM लूटकांड में गिरफ्तार किया था
इन घटनाओं को देखते हुए मुरादाबाद पुलिस यह संभावना भी जांच रही है कि क्या वारदात में बाहरी गैंग शामिल हो सकता है, या फिर किसी स्थानीय गिरोह ने बाहरी गैंग की मदद ली है।
गैंग का तरीका: वाहन में ATM को बांधकर उखाड़ना, फिर सुरक्षित जगह पर तोड़ना
भारत में ATM चोरी की अधिकांश घटनाओं में एक पैटर्न देखा गया है—
बदमाश पहले ATM के दोनों तरफ रस्से या चेन बांधते हैं
इसे वाहन के पीछे जोड़कर झटके से उखाड़ते हैं
फिर खाली या सुनसान जगह ले जाकर मशीन काटते हैं
नकदी निकालने के बाद ATM को फेंक देते हैं
मुरादाबाद केस में भी इसी तरीके के इस्तेमाल की संभावना जताई जा रही है।
तकनीकी विश्लेषण से बढ़ी उम्मीद—डंप डेटा के साथ CCTV, LPR कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं
डंप नंबरों के अलावा पुलिस—
CCTV फुटेज
लाइसेंस प्लेट रिकग्निशन (LPR)
वारदात स्थल के आसपास की डिजिटल गतिविधि
हाईवे कैमरों की टाइमलाइन
सब कुछ जोड़कर एक डिजिटल मैप बना रही है।
Muradabad ATM theft probe में ये सभी तकनीकें मिलकर बदमाशों की दिशा, वाहन प्रकार, मूवमेंट टाइमिंग और एस्केप रूट स्पष्ट कर सकती हैं।

