Muzaffarnagar अग्निकांड से हड़कंप: वसुंधरा रेजीडेंसी में सिलिंडर धमाके से मां-दो बेटों की मौत, जांच में जुटी BPCL टीम, जेवर गायब होने का आरोप
News-Desk
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Crime and Investigation, fire incident, lpg cylinder blast, Muzaffarnagar, Muzaffarnagar News, uttar pradesh news, Vasundhara ResidencyMuzaffarnagar fire incident ने एक बार फिर शहर को झकझोर कर रख दिया है। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की वसुंधरा रेजीडेंसी में हुए दर्दनाक अग्निकांड में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद अब मामले की गहन जांच शुरू हो गई है। रसोई गैस सिलिंडर में धमाके, भीषण आग, धुएं से दम घुटना और अब जेवर गायब होने के आरोप—यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
🔴 BPCL की टीम ने शुरू की तकनीकी जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीम सहारनपुर से मुजफ्फरनगर पहुंची। भारत पेट्रोलियम एलपीजी सहारनपुर रेंज के प्रभारी कृष्ण गुप्ता तीन सदस्यीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक पूरे मकान का बारीकी से निरीक्षण किया।
टीम ने जले हुए रसोई गैस सिलिंडर, पाइप, रेगुलेटर और घरेलू सामान की जांच की। यह टीम आपूर्ति विभाग की सूचना पर मौके पर पहुंची थी और यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि सिलिंडर में धमाका कैसे हुआ और आग फैलने की असली वजह क्या रही।
🔴 सोने के जेवर गायब होने का गंभीर आरोप
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने एसएसपी संजय कुमार वर्मा से शिकायत करते हुए कहा कि आग बुझाने के बाद मकान से सोने के जेवर गायब हैं।
उनका कहना है कि मकान में प्लास्टिक के डिब्बे में चांदी के कुछ जेवर तो मिले, लेकिन सोने का एक भी आभूषण नहीं मिला। इस आरोप के बाद पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव और बढ़ गया है।
🔴 पिता की जगह नौकरी, प्रोन्नति से बने कानूनगो
हादसे में जान गंवाने वाले अमित गौड़ का जीवन संघर्ष और जिम्मेदारी से भरा रहा। वह शामली के बड़ा बाजार निवासी स्वर्गीय राम मोहन गौड़ के पुत्र थे। राम मोहन गौड़ शामली तहसील में अमीन के पद पर तैनात थे और करीब 23 साल पहले बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था।
पिता की मृत्यु के बाद बड़े बेटे अमित गौड़ को अनुकंपा के आधार पर अमीन की नौकरी मिली। उन्होंने बुढ़ाना और फिर सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में सेवाएं दीं। बाद में प्रोन्नति पाकर वह कानूनगो बने और वर्तमान में उनकी तैनाती सहारनपुर की देवबंद तहसील में थी।
🔴 बीमारी और पारिवारिक जिम्मेदारियां
बीमारी के चलते अमित गौड़ इन दिनों घर पर ही रह रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी हद तक उनके पिता राम मोहन गौड़ की पेंशन पर निर्भर थी, जिससे उनकी मां सुशीला और भाई नितिन का गुजारा चलता था। यह परिवार हाल ही में किराये पर वसुंधरा रेजीडेंसी में रहने आया था।
🔴 पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा: कैसे हुई तीनों की मौत
Muzaffarnagar fire incident की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत की वजह साफ कर दी है। राजू कुमार साव ने बताया कि 70 वर्षीय सुशीला की मौत गंभीर रूप से जलने के कारण हुई, जबकि अमित गौड़ (47) और उनके भाई नितिन गौड़ (45) की मौत धुएं में दम घुटने से हुई।
अत्यधिक धुएं के कारण दोनों भाई कमरे से बाहर नहीं निकल सके और बुजुर्ग मां आग से खुद को बचा नहीं पाईं।
🔴 कैसे हुआ भयावह हादसा
सोमवार की शाम अमित गौड़ और उनके भाई नितिन ठंड से बचने के लिए एक कमरे में अंगीठी जलाकर बैठे थे। दूसरे कमरे में मां सुशीला टीवी देख रही थीं। इसी दौरान रसोई गैस के दो सिलिंडरों में धमाके के साथ आग लग गई।
हादसे के समय अमित की पत्नी ऋचा और बेटियां अक्षिका (21) और आराध्या (14) पालतू कुत्ते को कॉलोनी में घुमाने गई थीं। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने मकान से धुआं निकलता देखा और मोबाइल से उन्हें सूचना दी।
🔴 दो धमाके, भीषण आग और बचाव की कोशिश
परिवार जब वापस लौटा तो घर पहुंचने से पहले ही दो तेज धमाके हो चुके थे और आग विकराल रूप ले चुकी थी। ऋचा ने घर में घुसने की कोशिश की, जिसमें उनके हाथ में चोट लग गई। आसपास के लोगों ने उन्हें जबरन पीछे हटाया।
बचाव के लिए पहुंचे पड़ोसी आदित्य राणा भी आग की चपेट में आकर झुलस गए।
🔴 दमकल और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद राहत और बचाव टीम ने मकान के अंदर से तीनों शव बरामद किए। एक कमरे में अमित और नितिन के शव मिले, जबकि दूसरे कमरे में मां सुशीला का शव पाया गया।
🔴 कॉलोनी में मातम, प्रशासन पर टिकी निगाहें
Muzaffarnagar fire incident के बाद वसुंधरा रेजीडेंसी और आसपास के इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या यह हादसा तकनीकी लापरवाही था या इसके पीछे कोई और वजह भी छिपी है।
अब BPCL की रिपोर्ट, पुलिस जांच और जेवर गायब होने के आरोप इस मामले की दिशा तय करेंगे।

