अंजू अग्रवाल पूर्ण अधिकार के साथ बहाल-हाईकोर्ट का पूर्ण आदेश मिलने के बाद ही Muzaffarnagar आयेगी नगरपालिका परिषद अध्यक्षा
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शासन के उन सभी आदेशों को एक सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर की निर्वाचित अध्यक्षा अंजू अग्रवाल को बर्खास्त किया गया था।
साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि आज से ही अंजू अग्रवाल पूर्ण अधिकारांे के साथ बहाल मानी जायेगी और उनके कार्य में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और जयन्त बनर्जी की खण्डपीठ ने नगरपालिका परिषद की अध्यक्षा अंजू अग्रवाल की याचिका संख्या 32992/2022 पर सुनवाई करते हुए उनके अधिवक्ता विवेक मिश्रा के पक्ष को गम्भीरता से सुना
सरकारी अधिवक्ता को जवाब के लिए ओर कुछ समय देने से स्पष्ट इंकार कर दिया। विवेक मिश्रा एडवोकेट की ओर से तर्क दिये गये कि अनुचित और अवैध दबाव में उनके मुवक्किल अंजू अग्रवाल को बिना किसी साक्ष्य और सुबूत के बेवजह परेशान कर रहे है
वित्तीय अधिकार सीज किये गये थे
एक के बाद एक बिना किसी निष्पक्ष जांच के रात्रि को आदेश पर ठप्पा तथा सुबह उसे जारी कर रहे है। पूर्व में केार्ट ने उनके उस आदेश को भी निरस्त कर दिया था जिसमें उनके वित्तीय अधिकार सीज किये गये थे लेकिन तब भी कोर्ट के आदेश का पालन नही किया गया तथा अंजू अग्रवाल को उनके वित्तीय अधिकार नहीं सौंपे थे।
इसी प्रकार कोर्ट के आदेश की अवहेलना की गयी थी। अब जबकि कोर्ट में इसे गम्भीरता से लिया है तो विपक्षीय अधिवक्ता ने उपलब्ध कराये गये फोटो के जरिये यह गलत तथ्य कोर्ट में रखा है कि प्रतिप्रेक्षण आदेश की प्रति उनके आवास पर चस्पा कर दी गयी थी। विवेक मिश्रा एडवोकेट ने तर्क लिया कि प्रतिप्रेक्षण रिपोर्ट 136 पेज की थी जबकि जो फोटो दिखाई दिखाये गये है उनमे मात्र 4 पन्नो का चस्पा किया गया है। इसी तरह उनकी पुरानी आख्या पर एक पक्षीय कार्यवाही की
जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस प्रकार से नही हटाया जा सकता
जिसकी न तो पुनः जांच ही की गयी ओर न ही हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए अंजू अग्रवाल के द्वारा दिये गये जवाब को ही शामिल किया गया। यह सब नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लघंन है। सुप्रीम कोर्ट कई बार कह चुकी है कि जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस प्रकार से नही हटाया जा सकता।
यह लोकतंत्र का उपहास उडाने जैसा है। Government अधिवक्ता आज न्यायालय में उठाये गये प्रश्नों का कोई उचित जवाब नहीं दे पाये। जिस पर विद्वान न्यायाधीशों ने नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अंजू अग्रवाल के विरूद्ध जारी किये गये सभी आदेशों को एक सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही कहा है कि आज से अंजू अग्रवाल पूर्ण अधिकारों के साथ बहाल मानी जायेगी और उनके कार्य में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश शासन नये सिरे से आदेश जारी करेगा
Anju अग्रवाल फिलहाल इलाहाबाद गयी हुई है। उन्होंने कहा है कि उनकी लड़ाई जनता के हित और सत्य की आवाज को बुलंद करने से जुड़ी हुई है। वह किसी भी अन्यायकारी के समक्ष झुकने वाली नहीं है तथा हाईकोर्ट का पूर्ण आदेश मिलने के बाद ही Muzaffarnagar आयेगी। दूसरी ओर, विपक्षी सभासक्ष और शिकायकर्ता राजीव शर्मा का कहना है कि इस प्रकरण में उत्तर प्रदेश शासन नये सिरे से आदेश जारी करेगा।

