Muzaffarnagar News: धोखाधड़ी प्रकरण में कोर्ट का चाबुक- Mount Litra Zee School के विवाद लगातार सुर्खियों में : स्कूल वाले उद्योगपति को बता रहे ब्लैकमेलर
Muzaffarnagar News: देश विदेश में अनेकों कारोबारों की बागडोर संभालने के साथ साथ सामाजिक सेवा कार्यों के स्तर पर अग्रणी शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति अनिल स्वरुप के प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट न. 1 मुज़फ्फरनगर पर 09-11-2021 द्वारा आदेश पारित कर अन्तर्गत धारा 500 भा.द.स. में प्रथम दृष्टया साबित होने पर पीयूष गुप्ता को दिनांक 20-12-2021 को माननीय अदालत में हाजिर होने को आदेशित किया है.
#Muzaffarnagar माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल के विवाद लगातार सुर्खियों में. उद्योगपति अनिल स्वरुप के प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट न. 1 पर 09-11-2021 द्वारा आदेश पारित कर अन्तर्गत धारा 500 में साबित होने पर पीयूष गुप्ता को अदालत में हाजिर होने को आदेशित किया है. pic.twitter.com/9Yf7jYnlP2
— News & Features Network (@mzn_news) November 15, 2021
पीयूष गुप्ता अपने आप को प्रतिष्ठित स्कूल माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल जो गाँधी कोलोनी मुज़फ्फरनगर में स्थित है का प्रधानाचार्य बताते है, के द्वारा अनर्गल आरोप लगाने से प्रतिष्ठित उद्योगपति की साख को धक्का लगा है उनकी प्रसिद्धि भी धूमिल हुई है और पुलिस जांच में शिकायत झूठी पाए जाने के बाद भी पीयूष गुप्ता द्वारा किसी प्रकार का न तो खेद प्रकट किया गया है न ही क्षमा मांगी है और न ही प्रतिभार राशी 50 लाख रूपये जो की मानहानि व् मानसिक तनाव के कम्प्न्शेष्ण केएवज में अदा किये
इस प्रकार के झूठे व् अनर्गल आरोप लगाने से अच्छे व् सम्भ्रांत नागरिको की प्रतिस्ठा को धूमिल करने का प्रयास जानबूझकर किया जाता है इसलिए ऐसे लोगो पर कानूनी कार्यवाही किया जाना अति आवश्यक है : Anil Swaroop
इस सम्बंध में माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो प्रबन्ध समिति के लोगो ने अनिल स्वरूप पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया और शिकायत को आदतन बताया। पढ़िए:
अनिल स्वरूप द्वारा Mount Litra Zee School की छवि बिगाड़ने के उद्देश्य से माननीय न्यायालय मे माउन्ट लिट्रा ज़ी स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ पीयूष गुप्ता के विरुद्ध मानहानि का झूठा मुकदमा दायर किया गया है ।वास्तविकता यह है कि डॉ पीयूष गुप्ता माउंट लिट्रा जी स्कूल मुजफ्फरनगर के मार्च 2018 से प्रधानाचार्य हैं, उनकी नियुक्ति विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष द्वारा सीबीएसई के नियमानुसार की गई थी.
सीबीएसई द्वारा भी उनकी नियुक्ति को प्रमाणित किया जा चुका है जो इस बात से जाहिर होता है कि समय-समय पर डॉ पीयूष गुप्ता को सीबीएसई बोर्ड एग्जाम एवं अन्य सीबीएसई कार्यों में नियुक्त किया जाता है। इसी वर्ष अगस्त सितंबर माह में हुए बोर्ड एग्जाम्स में डॉ पीयूष गुप्ता को माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल के प्रधानाचार्य के रूप में सीबीएसई द्वारा एसडी पब्लिक स्कूल में बोर्ड एग्जाम्स का ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था ।
दरअसल अनिल स्वरूप, आलोक स्वरूप से माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल ने 30 वर्ष के लिए भूमि लीज पर ली हुई है, जिस पर संस्थापक ट्रस्टी द्वारा बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। अनिल स्वरूप द्वारा लीज डीड की शर्तों का उल्लंघन करते हुए स्कूल से अधिक किराए की मांग की जा रही थी जिस कारण किराए के संबंध में माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।
परंतु फिर भी अनिल स्वरूप अपनी आदत के अनुसार विभिन्न विभागों में झूठी शिकायतें कर स्कूल को ब्लैकमेल करता है जिससे अधिक किराया प्राप्त किया जा सके.हाल ही में दिनांक 22.10.2021 को माननीय न्यायालय ने अनिल स्वरूप द्वारा मांउट लिट्रा ज़ी स्कूल के स्टाफ के विरुद्ध मानहानि के झूठे मुकदमे को खारिज किया गया है । प्रधानाचार्य पर मुकदमा के संबंध में शीघ्र ही माननीय न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे ।

