Muzaffarnagar: जबरिया कैश (नगद) में बच्चों की फीस लेकर इनकम टैक्स को ठेंगा दिखाते चर्चित स्कूल की जांच के आदेश…
Muzaffarnagar में स्थित सीबीएसई स्कूल द्वारा नगदी फीस लिए जाने के साथ ही लेखा जोखा न रखने और इंकमटैक्स रिटर्न जमा न करने की शिकायत सीबीएसई बोर्ड के रिजनल अफिसर से की गई थी। जिसके बाद रिजनल आफिसर ने स्कूल की जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी बनाई है।
भोपा रोड़ निवासी अनिल स्वरूप ने सीबीएसई बोर्ड देहरादून के रिजनल आफिसर रणवीर सिंह को शिकायत की थी कि नगर में स्थित माउंट लिट्रा जी स्कूल जो सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है। वह स्कूल में पढने वाले बच्चों से नगद फीस ले रहा है, जबकि रूलिंग के अनुसार वह नगद फीस लेने के लिए मान्य नही है।
माउंट लिट्रा जी स्कूल #Muzaffarnagar (सीबीएसई मान्यता प्राप्त) बच्चों से नगद फीस ले रहा है, जबकि रूलिंग के अनुसार वह नगद फीस लेने के लिए मान्य नही है। @cbseindia29 रिजनल आफिसर ने स्कूल की जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी बनाई है. @IncomeTaxIndia #Viral #BreakingNews pic.twitter.com/2TRiafr52Q
— News & Features Network (@mzn_news) July 8, 2021
इतना ही नही स्कूल संचालक फीस लेने सहित खर्चो का कोई लेखा जोखा भी नही रख रहे है। पिछले चार सालों से उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न भी जमा नही किया गया है। उन्होंने स्कूल संचालक पर आरोप लगाया कि वह सीबीएसई के नियमों की लगातार धज्जियां उड़ा रहे है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीबीएई बोर्ड देहरादून के रिजनल आफिसर रणवीर सिंह ने स्कूल की जांच के लिए तीन सदस्य कमैटी का गठन किया है।
उन्होंने अपने आदेश में केंद्रीय विद्यालय मुजफ्फरनगर के प्राचार्या, शारदेन स्कूल के प्रिंसपिल, राजकीय हाईस्कूल के प्राचार्य जांच करेगें। तीन सदस्य टीम स्कूल का पूरा लेखा जोखा, आय-व्यय, बलैंस-शीट स्कूल में क्या-क्या अनियमित्ताएं बरती जा रही है जांच कर आख्या देगें।
स्कूल प्रबंध समिति की सत्यता की जांच, समिति के गठन की जांच करके सीबीएसई को रिपोर्ट प्रेषित करगी। जांच के उपरांत ही यह तय किया जाएगा कि नियमों का उलंघन किया गया है अथवा नही। अगर नियमों का उलंघन किया गया है, तो वहां पर पढ रहे बच्चों के भविष्य पर प्रश्न चिंह लगता प्रतीत हो रहा है।

