Muzaffarnagar News: सहावली वाले बाबा को मंत्री कपिलदेव सहित अनेकों ने दी श्रद्धाजंलि
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) सन् १९८३-८४ में सहावली गांव के रहने वाले कंवलदास जी महाराज का नाम सहावली वाले बाबा के नाम से पूरी दुनिया के अंदर गूंजा। बताया जाता है कि उस समय बाबा जिस पानी को हाथ लगाते थे, वह औषधि का काम करने लगता था। लाखों लोग प्रतिदिन बाबा के पास आते थे और बीमारियों से ठीक हो जाते थे।
यहाँ सब खेत-खलिहान मैदान बन गए और लोग हिंदुस्तान के कोने-कोने से पैदल, साईकिल, मोटरसाईकिल, ट्रैक्टरों, बसों, ट्रेनों से आने लगे। बाबा जी की प्रसिद्धि इतनी बढ गई कि मुजफ्फरनगर आने के लिए ट्रेनों के टिकट तक मिलने मुश्किल होने लगे फिर स्टेशन संचालकों द्वारा मोहर लगाकर टिकट जारी किए जाने लगे जिनकों लेकर लोग यहां आते थे।
आज विश्व प्रख्यात बाबा का शरीर पूरा होने पर ग्राम सहावली में उनको श्रद्धांजलि देने वाले लोगों का सैलाब उमड पडा। इसी कडी में नगर विधायक एवं प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी सहावली पहुंचकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
फसल बर्बाद
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) रामराज में बाढ़ के पानी में आई सिल्ट के कारण बारिश का पानी जमीन में नहीं समा रहा है। इससे खादर क्षेत्र के दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल पानी के कारण खेत में ही नष्ट हो गई है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
रामराज खादर क्षेत्र के शाहपुर, स्याली, लतीफपुर, अल्लवाला, लालपुर, नीला जलालपुर, चुहापुर आदि कई गावों के किसानों के खेत में खड़ी गेहूं की फसल बारिश के पानी से नष्ट हो गई। किसान सरदार मेजर सिंह, जगदीप सिंह, हरजिंदर सिंह, लच्छा सिंह, बालिंदर, लाड्डी सिंह, मदनपाल सिंह व गुरपाल सिंह ने बताया कि कुछ माह पूर्व बाढ़ के पानी में आई सिल्ट जंगल में जमने से अब बारिश का पानी जमीन में नही जा पा रहा है।
किसानों ने बताया कि बारिश को करीब १५ दिन हो गए है, लेकिन उनके खेत में अभी तक पानी भरा हुआ है। किसानों ने बताया कि खादर क्षेत्र में बारिश के पानी से उनकी सैकड़ो बीघा गेहूं की फसल खेत में ही गलकर नष्ट हो गई है। बेमौसम हुई बारिश से खादर क्षेत्र के दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल बर्बाद होने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में बर्बाद फसल का आंकलन करने के लिए नहीं पहुंचा है। किसानों का आरोप है कि सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।

